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ट्रैक्टर रैली निकाल कृषि कानूनों का जताया विरोध
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पलवल। कृषि कानूनों के खिलाफ बृहस्पतिवार को ट्रैक्टर रैली निकाली गई। हजारों ट्रैक्टरों पर सवार किसान गाजीपुर बॉर्डर की तरफ रवाना हुए। इस दौरान तिरंगा झंडा लगाकर भारत माता की जय व किसान जिंदाबाद के नारों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ग्रेटर नोएडा के दनकौर के पास गाजीपुर से आए किसानों के साथ बैठक कर सभी लोग वापस लौट आए।
किसान नेताओं की ओर से तय की गई रणनीति के तहत सुबह 10 बजे से ही ट्रैक्टर धरना स्थल पर एकत्रित होने लगे। राजमार्ग पर ट्रैक्टरों की संख्या ज्यादा होने पर करीब साढे़ 10 बजे केजीपी के लिए रवाना कर दिया गया। छज्जूनगर टोल के पास सभी ट्रैक्टरों को एकत्रित किया गया, जहां से दो लाइनों में ट्रैक्टर रैली गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुई। भारतीय किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्का ने नेतृत्व किया। फरीदाबाद के छांयसा गांव स्थित मौजपुर इंटरचेंज से सैकड़ों ट्रैक्टर शामिल हुए। पलवल व फरीदाबाद के किसान ट्रैक्टरों में गाजीपुर की तरफ चले तो नोएडा के दनकौर के पास गाजीपुर बॉर्डर से पलवल की तरफ आ रहे किसान मिल गए। यहां पर आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। जिसके बाद सभी लोग वापस लौट आए। किसानों ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ शुक्रवार को होने वाली वार्ता में यदि कृषि कानून वापस नहीं लिए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान 26 जनवरी को दिल्ली कूच करेंगे और करीब एक लाख ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होंगे।
महिलाएं भी हुईं शामिल
कृषि कानूनों के विरोध में निकाली गई ट्रैक्टर रैली में महिलाओं ने भी अपनी भागेदारी निभाई। महिलाएं ट्रॉलियों में नाचते व गीत गाते हुए चलती रहीं। वहीं युवाओं में भी अलग ही जोश दिखाई दिया। वे ट्रैक्टरों के बोनट पर चढ़कर नारेबाजी करते रहे।
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सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
ट्रैक्टर रैली को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए थे। एसपी दीपक गहलावत खुद पूरे समय मौजूद रहे। भारी पुलिसबल के साथ सीआरपीएफ, आईआरबी, आईटीबीपी आदि मौजूद रहे। सभी ट्रैक्टर लाइन में चले, जिससे यातायात भी प्रभावित नहीं हुआ।
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किसान नेताओं की ओर से तय की गई रणनीति के तहत सुबह 10 बजे से ही ट्रैक्टर धरना स्थल पर एकत्रित होने लगे। राजमार्ग पर ट्रैक्टरों की संख्या ज्यादा होने पर करीब साढे़ 10 बजे केजीपी के लिए रवाना कर दिया गया। छज्जूनगर टोल के पास सभी ट्रैक्टरों को एकत्रित किया गया, जहां से दो लाइनों में ट्रैक्टर रैली गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुई। भारतीय किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्का ने नेतृत्व किया। फरीदाबाद के छांयसा गांव स्थित मौजपुर इंटरचेंज से सैकड़ों ट्रैक्टर शामिल हुए। पलवल व फरीदाबाद के किसान ट्रैक्टरों में गाजीपुर की तरफ चले तो नोएडा के दनकौर के पास गाजीपुर बॉर्डर से पलवल की तरफ आ रहे किसान मिल गए। यहां पर आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। जिसके बाद सभी लोग वापस लौट आए। किसानों ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ शुक्रवार को होने वाली वार्ता में यदि कृषि कानून वापस नहीं लिए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान 26 जनवरी को दिल्ली कूच करेंगे और करीब एक लाख ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होंगे।
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महिलाएं भी हुईं शामिल
कृषि कानूनों के विरोध में निकाली गई ट्रैक्टर रैली में महिलाओं ने भी अपनी भागेदारी निभाई। महिलाएं ट्रॉलियों में नाचते व गीत गाते हुए चलती रहीं। वहीं युवाओं में भी अलग ही जोश दिखाई दिया। वे ट्रैक्टरों के बोनट पर चढ़कर नारेबाजी करते रहे।
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सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
ट्रैक्टर रैली को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए थे। एसपी दीपक गहलावत खुद पूरे समय मौजूद रहे। भारी पुलिसबल के साथ सीआरपीएफ, आईआरबी, आईटीबीपी आदि मौजूद रहे। सभी ट्रैक्टर लाइन में चले, जिससे यातायात भी प्रभावित नहीं हुआ।