फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Told the villagers the shortcomings of the new agricultural laws

ग्रामीणों को बताईं नए कृषि कानूनों की कमियां

Sun, 11 Jul 2021 05:03 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jul 2021 05:03 PM IST
विज्ञापन
Told the villagers the shortcomings of the new agricultural laws
पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। इस दौरान किसानों ने जागरूकता अभियान के तहत रविवार को गांव गोपालगढ़ के ग्रामीणों को नए कृषि कानूनों की कमियां बताईं। ग्रामीणों ने किसान आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन

धरने पर किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण देश और प्रदेश में रोजगार का संकट है। साथ ही रोजगार लोगों के वेतन घट रहे हैं। कोरोना महामारी का फायदा उठाकर सरकार ने तीन नए कृषि कानून लाकर खेती पर हमला बोल दिया है। केंद्र सरकार ने किसानों पर कानून थोपने के लिए अलोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का भी पालन किया। इसलिए किसान इन्हें निरस्त करने की मांग पर अडिग हैं। सरकार ने एक भी कारण नहीं बताया कि इन कानूनों को निरस्त क्यों नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कानून में किसानों की भीषण हानि और कारपोरेट के हितों की रक्षा के प्रावधान हैं। 11 दौर की वीडियो फुटेज इन सभी बातों का सबूत है कि कानूनों की वापसी से ही गतिरोध दूर हो सकता है। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहे धरने की अध्यक्षता किसान नेता राम सिंह चौहान ने की और संचालन राजकुमार ओलिहान ने किया। धरने को किसान नेता धर्मचंद घुघेरा, चेतराम मेंबर, शिव सिंह दरोगा, अच्छेलाल, भगीरथ बेनीवाल, बीर सिंह, नरेंद्र सहरावत, रोशनलाल अल्लिका, दरियाब सिंह, दीपक चौधरी छाता, रूपराम तेवतिया आदि ने संबोधित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed