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टैक्स और बीमा के रुपये बचाने के लिए एक ही नंबर से चल रहे थे तीन ट्रक, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की छापेमारी में खुलासा, ट्रांसपोर्टर और चालक गिरफ्तार

Sat, 05 Feb 2022 09:42 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 05 Feb 2022 09:42 PM IST
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Three trucks were running from the same number to save tax and insurance money, revealed in the raid of Chief Minister's flying squad, transporter and driver arrested
काबू की गई एक नबंर तीन गाड़ी तथा गिरफ्तार ट्रांसपोर्टर व चालक। - फोटो : Palwal
पलवल। कोरोना महामारी के दौरान एक ट्रांसपोर्टर पर मंदी की मार पड़ी तो उसने एक ही नंबर तीन गाड़ियां चलानी शुरू कर दी। इस तरह से उसने रोड टैक्स और बीमा के पैसे बचाने का नया हथकंडा अपनाया। चांदहट निवासी ट्रांसपोर्टर महेंद्र सिंह पिछले करीब एक साल से एक नंबर के तीन ट्रक चला रहा था, लेकिन प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। शनिवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने पलवल में छापेमारी के दौरान मामले का खुलासा किया। टीम ने रसूलपुर मोड़ के समीप स्थित स्टैंड से तीनों गाड़ियों को काबू कर ट्रांसपोर्टर और चालक को गिरफ्तार किया। शहर थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर जगदीश चंद की शिकायत पर ट्रांसपोर्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के इंस्पेक्टर जगदीश चंद ने शहर थाना पुलिस को शिकायत दी है कि उन्होंने सूचना के आधार पर शनिवार सुबह रसूलपुर मोड़ के समीप स्थित स्टैंड पर छापेमारी की। इस दौरान उनके साथ सब इंस्पेक्टर सतवीर सिंह, सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार और हवलदार प्रभूदयाल थे। छापेमारी में उन्हें एक ही नंबर प्लेट एचआर 73 ए 6689 के तीन ट्रक मिले। इनका इस्तेमाल सामान ढोने के लिए किया जाता था। पुलिस को देखकर एक व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा। व्यक्ति को काबू कर पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम गांव चांदहट निवासी महेंद्र सिंह बताया, जो जाखड़ ट्रांसपोर्ट के नाम से कंटेनर चलाने का काम करता है। महेंद्र से तीनों गाड़ियों की चाबी लेकर जांच की गई तो एक गाड़ी के सही कागजात मिले, जबकि दो गाड़ियों में दस्तावेज की कॉपी मिली। टीम ने महेंद्र और चालक को पकड़ कर शहर थाना पुलिस को सौंप दिया और गाड़ियों को शहर थाना ले आई। थाने में आरटीओ विभाग की तरफ से इंस्पेक्टर शमशुद्दीन ने तीनों गाड़ियों के इंजन व चेसिस नंबर की जांच की गई। जांच के दौरान तीनों गाड़ी महेंद्र के नाम पर ही पंजीकृत पाई गई। डीएसपी यशपाल खटाना के अनुसार इंस्पेक्टर जगदीश की शिकायत पर ट्रांसपोर्टर महेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जांच शुरू कर दी गई है।
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लॉकडाउन में काम बंद हुआ तो नहीं भर पाया टैक्स
ट्रांसपोर्टर महेंद्र सिंह के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन लगने से काम बंद हो गया, जबकि गाड़ियों का आरटीओ टैक्स और बीमा की धनराशि जमा नहीं करवा सका। उसने अपनी एक गाड़ी नंबर एचआर 73 ए 6689 का टैक्स भरा तथा बीमा करवाया, जबकि दूसरी गाड़ी नंबर एचआर 73- 3110 व एचआर 73- 5237 पर पहली गाड़ी की ही नंबर प्लेट लगाकर चलाना शुरू कर दिया।
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एक वर्ष तक आरटीओ विभाग को नहीं लगी भनक
महेंद्र पिछले एक साल से तीनों गाड़ियों पर एक नंबर की ही प्लेट लगाकर निरंतर काम कर रहा था, लेकिन आरटीओ विभाग इसकी भनक तक नहीं लगी। गाड़ियों को विभिन्न स्थानों पर सामान ढोने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। कई बार दूसरे राज्यों में भी गाड़ियों का आवागमन होता था।

एसडीएम कार्यालय में भी हो रहा था फर्जी रजिस्ट्रेशन
मुख्यमंत्री उड़ने दस्ता द्वारा बीती 20 जनवरी को पलवल और होडल एसडीएम कार्यालय में फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया। कार्यालयों में गाड़ियों का फर्जी रजिस्ट्रेशन का काम किया जा रहा था, जिसमें एक कर्मचारी व वाहन मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। कार्रवाई के दौरान 27 गाड़ियों के पंजीकरण फर्जी पाए गए थे, लेकिन किसी भी कर्मचारी को गिरफ्तार नहीं किया गया और न ही किसी कर्मचारी की संलिप्तता की जांच की गई है।
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