फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   the revolt of braj 84 kos started

ब्रज 84 कोस की परिक्रमा शुरू, भक्तों के लिए कोई इंतजाम नहीं

Fri, 18 Sep 2020 10:57 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2020 10:57 PM IST
विज्ञापन
the revolt of braj 84 kos started
‌परिक्रमा लगाते श्रद्धालु। - फोटो : Palwal
ब्रज 84 कोस की परिक्रमा शुरू, कोई इंतजाम नहीं
विज्ञापन

होडल। हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे... के भजन ब्रज क्षेत्र में गूंजने लगे हैं। हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्य को जोड़ते हुए लगाई जाने वाली 84 कोस की ऐतिहासिक ब्रज परिक्रमा तो शुक्रवार से शुरू हो गई है, लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। वहीं, परिक्रमा मार्ग के क्षेत्र में बसे गांव के लोगों का कहना है कि कोरोना को लेकर सरकार ने गाइड लाइन जारी की है। इस कारण वह भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कोई इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालुओं को पहले दिन न तो पीने का पानी मिला और न ही बैठने की व्यवस्था। पिछले 15 दिन से लोग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। इस मामले में लोगों में प्रशासन के प्रति बेहद रोष बना हुआ है।
-------
परिक्रमा का है पौराणिक महत्व
ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा का पौराणिक महत्व है। चालीस दिन में पूरी होने वाली इस परिक्रमा का उल्लेख वेद-पुराण और श्रुति ग्रंथ संहिता में भी है। ऐसा कहा जाता है कि सतयुग में भक्त ध्रुव ने भी यहीं आकर नारद जी से गुरु मंत्र लिया था और ब्रज की परिक्रमा की थी।
विज्ञापन

---
अनिल अंबानी भी लगा चुके हैं परिक्रमा
अनिल अंबानी भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ ब्रज 84 कोस की परिक्रमा लगा चुके हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के श्रद्धालु भी परिक्रमा के लिए आते हैं। विदेशी श्रद्धालुओं की भी काफी संख्या रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
सड़क खराब तो कहीं जलभराव
परिक्रमा मार्ग में रोड खराब तो कहीं जलभराव की समस्या है। हल्की सी बारिश होने पर कई दिनों तक कीचड़ बना रहता है। मार्ग में अधिकांश स्थानों पर रोशनी का भी कोई प्रबंध नहीं है।
-------
जिले के नौ गांव हैं शामिल
परिक्रमा मार्ग में यूपी, राजस्थान और हरियाणा स्थित नूंह और पलवल जिले के 95 गांव आते हैं। इनमें पलवल के गांव बंचारी, डकौरा, मर्रोली, खांबी, लीखी, हसनपुर, जमुना तट, डाडका, सौंदहद और नूंह के गांव बिछोर और नीमका शामिल हैं। श्रद्धालु पलवल जिले में करीब 18 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं।
-------
बेशक कोरोना महामारी फैली हुई है, लेकिन इस परिक्रमा से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इंतजाम करने चाहिए। लेकिन, प्रशासन चुप्पी साधे है। यदि प्रशासन ने एक-दो दिनों में कोई इंतजाम नहीं कराए तो लोगों की मदद से इंतजाम कराए जाएंगे।
- बाबा परशुराम दास महाराज
-------
ब्रज परिक्रमा के प्रति हमारी आस्था है। पहले भी हम परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करते रहे हैं। इस बार भी श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था करेंगे। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इंतजाम करने चाहिए।

- मुंशी शाह, निवासी होडल
------
ब्रज 84 कोस परिक्रमा को लेकर प्रशासन भी गंभीर है। लेकिन, सरकार की कोरोना गाइडलाइन के अनुसार ही कार्य होगा। मेरी लोगों से अपील है कि वे बिना जिला प्रशासन की अनुमति के भंडारे आदि न लगाएं। प्रशासन इस बारे में विचार कर रहा है। अब तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं। लोग भी प्रशासन का सहयोग करें और श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी का पालन कर परिक्रमा लगाने के लिए प्रेरित करें।
- संदीप गर्ग, एसडीएम होडल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed