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हरियाणा निर्माण में पलवल और मेवात के लोगों का भी रहा अहम योगदान

Sun, 31 Oct 2021 10:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 10:18 PM IST
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The people of Palwal and Mewat also played an important role in the construction of Haryana.
पलवल-कुंडली-गाजियाबाद एक्सप्रेसवे - फोटो : Palwal
पलवल। 1 नवंबर 1966 को अस्तित्व में आए हरियाणा निर्माण में पलवल के लोगों की भी अहम भूमिका रही है। हरियाणा निर्माण के लिए चलाए गए आंदोलन में पलवल व मेवात के लोगों ने भी जेल भरो आंदोलन में गिरफ्तारियां दी थी। जेल भरो आंदोलन में सर्वाधिक योगदान आर्य समाज का रहा। इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पलवल के लोगों को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
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हरियाणा निर्माण के लिए काफी लंबे तक चले संघर्ष के बाद 1 नवंबर 1966 को जब हरियाणा निर्माण की घोषणा की गई, उस समय पलवल गुरुग्राम का हिस्सा था। इसके 15 साल बाद पलवल को गुरुग्राम से अलग कर फरीदाबाद के साथ जोड़ दिया गया। हरियाणा निर्माण के 41 वर्ष बाद 2008 में पलवल जिला बना था। पलवल से विधायक रहे पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा द्वारा पलवल को जिला बनाने की घोषणा की गई थी।
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65 विधायकों ने दिया था इस्तीफा
जब पंजाब से अलग कर हरियाणा निर्माण के लिए 1956 में संघर्ष शुरू हुआ था, उस समय 65 विधायकों ने एक साथ हरियाणा निर्माण की मांग उठाई थी। इतना ही नहीं इन सभी 65 विधायकों ने इस मांग के समर्थन में सामूहिक रूप से इस्तीफा भी दिया था। इन 65 विधायकों में उस समय पलवल के विधायक सुमेर सिंह व नूंह के विधायक यासीन खान भी शामिल थे। उन्होंने भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
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इन लोगों ने निभाई थी अहम भूमिका
हरियाणा निर्माण के लिए जेल भरो आंदोलन चलाया गया। उस जेल भरो आंदोलन में हिस्सा लेकर पलवल से आर्य समाज से जुड़े महाशय मनफूल सिंह आर्य कांवरका, थान सिंह आर्य अहरवां, वनखंड लाल पंडित होडल, ठाकुर नैन सिंह हथीन तथा पलवल के गांव टीकरी ब्राह्मण आर्य समाज से जुड़े 15 लोग जेल में बंद रहे थे। इन सभी ने हरियाणा निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी।
जिला बनने के बाद शुरू हुआ था पलवल का विकास
2008 में जिला बनने के बाद ही पलवल का विकास शुरू हुआ था। पलवल में हूडा सेक्टर दो को स्थापित किया गया। इसके अलावा जिला लघु सचिवालय, राजकीय आंबेडकर महाविद्यालय, जिला न्यायिक परिसर, पुलिस लाइन, न्यायाधीशों, प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के लिए निवास, अलीगढ़ रोड, अलावलपुर रोड, पुन्हाना मोड़ होडल, रेलवे लाइनों के ऊपर पुल, जिला नागरिक अस्पताल, नर्सिंग कालेज, जिमखाना क्लब, कौशल विकास विश्वविद्यालय, केजीपी, केएमपी एक्सप्रेसवे के अलावा दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर पुलों का निर्माण किया गया। इसके अलावा निजी बिल्डरों के माध्यम से भी पलवल जिले में कई रिहायशी सेक्टर बसाए गए। इनके अलावा अन्य विकास कार्यों को भी पंख 2008 के बाद ही लगे। अब तो पलवल से होकर गुजरने वाला मुंबई-बड़ोदरा, दिल्ली एक्सप्रेसवे भी पलवल के विकास को और पंख लगाने का काम करेगा।
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हरियाणा निर्माण आंदोलन में पलवल जिले के जिन लोगों ने अहम भूमिका निभाई थी, उन लोगों के परिवारों को हरियाणा सरकार को सम्मानित करना चाहिए। 1 नवंबर को सरकारी कार्यक्रम आयोजित कर उन लोगों को याद करना चाहिए। पलवल के विकास में सरकार अहम भूमिका निभा सकती है। -करण सिंह दलाल, पूर्व मंत्री हरियाणा

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पलवल के हर उस व्यक्ति को याद किया जाता है, जिसने भी हरियाणा निर्माण आंदोलन में भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री से बात करूंगा कि उन लोगों के परिवारों को भी स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिजनों की तरह सम्मानित किया जाए। पलवल के विकास में भी हरियाणा सरकार पीछे नहीं है।
- दीपक मंगला, विधायक पलवल
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