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सड़कों पर बैठे रहने वाले बेसहारा पशु बन सकते हैं सर्दियों में हादसे का कारण

Fri, 26 Nov 2021 11:15 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 26 Nov 2021 11:15 PM IST
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The destitute animals sitting on the roads can become the reason for the accident
पलवल। सर्दियां शुरू हो चुकी हैं तथा कोहरा पड़ना शुरू हो जाएगा। ऐसे में दिल्ली-राजमार्ग तथा अन्य लिंक मार्गों पर वाहन थोड़ा संभलकर चलाएं। कहीं ऐसा न हो कि सड़कों पर बैठे बेसहारा पशुओं के कारण आप दुर्घटना का शिकार हो जाएं। क्योंकि दिल्ली-आगरा राजमार्ग व लिंक मार्गों पर इन दिनों बेसहारा पशुओं का काफी जमावड़ा रहता है, लेकिन यह न तो प्रशासन को दिखाई देता है और न ही राजमार्ग प्राधिकरण को। रात के समय तो ये बेसहारा पशु सड़कों पर बीच-बीच बैठ जाते हैं, जो सड़कों पर अंधेरा होने के कारण वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते हैं।
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दिल्ली-आगरा राजमार्ग काफी व्यस्त मार्ग है। इसके अलावा केजीपी-केएमपी, पलवल से सोहना-गुरूग्राम, पलवल अलीगढ़ रोड भी काफी व्यस्त मार्ग हैं। इन पर प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन रहता है। वहीं इन राजमार्ग व लिंक मार्गों पर हर समय बेसहारा पशु बैठे रहते हैं। जो दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। पहले भी एक-दो दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन उसके बावजूद प्रशासन को ये बेसहारा पशु दिखाई नहीं देते हैं। इन बेसहारा पशुओं को सड़कों से हटाने के लिए सरकार व प्रशासन के दावे भी पूरी तरह से फेल हो रहे हैं।
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कई बार बनी योजनाएं पर नहीं हटे पशु
जिला प्रशासन द्वारा पलवल जिले में राजमार्ग व लिंक मार्गों पर घूमते इन बेसहारा पशुओं को हटाने के लिए कई बार योजनाएं बनाई गईं। इनके लिए पशुफाटक बनाने तथा गायों को गौशालाओं में छुड़वाने व सांडों के लिए नंदीशाला का निर्माण कराने की भी योजनाएं कई बार बनाई गई, लेकिन आज तक सिरे कोई नहीं चढ़ी। जबकि नंदी शालाओं के लिए तो जिले के कई गांवों की पंचायतों द्वारा जमीन भी सरकार को उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित कर दी गई थी, लेकिन उनकी फाइलें ही आगे नहीं बढ़ पाईं।
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सड़क पर ही लड़ पड़ते हैं ये पशु
राजमार्ग व लिंक मार्गों पर बैठे झुंडों में ये पशु कई बार आपस में लड़ पड़ते हैं। कई बार इतनी जबरदस्त लड़ाई होती है कि लड़ते हुए ये सड़क के बीच में आ जाते हैं और गाड़ियों व लोगों के ऊपर तक गिर जाते हैं। जिससे दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इतना ही नहीं सड़कों पर चलते लोगों पर भी कई बार हमला कर देते हैं। ऐसे ही एक सांड़ के हमले में गांव कुसलीपुर के एक बुजुर्ग की मौत हो चुकी है। वहीं पलवल के न्यू कॉलोनी में भी दो सांड़ों के आपस में लड़ते समय एक बाइक पर गिरने से एक मेडिकल स्टोर संचालक की भी मौत हो चुकी है। जबकि घायल को कई हो चुके हैं।
पुलिस अधीक्षक ने भी सड़क दुर्घटनाएं रोकने को प्रशासन से की है पशुओं को हटवाने की मांग
सर्दियों में कोहरा पड़ने के दौरान सड़क दुर्घटनाएं न हो इसके लिए जिला पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने भी ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने प्रशासन व राजमार्ग प्राधिकरण को भी सड़कों से पशुओं को हटाने को कहा है, ताकि सर्दियों में पड़ने वाले कोहरा में दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। सड़कों पर बेसहारा घूमते पशुओं को हटवाना चाहिए। ये बेसहारा पशु बेहद खतरनाक है। प्रशासन इस पर ध्यान दें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा सके।
- दशरथ शर्मा, पूर्व थानेदार
बेसहारा पशु दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनते हैं। इन पशुओं के चलते कई बार जाम की भी समस्या बन जाती है। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए तथा इन पशुओं को हटवाया जाए।

- गुलशन राय गोयल, पूर्व प्राचार्य
राजमार्ग पर सड़कों के किनारे बैठे बेसहारा को हटवाने के लिए संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी। इसके लिए राजमार्ग प्राधिकरण व अन्य विभागों के अधिकारियों की जल्द बैठक बुलाकर सड़क सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे, ताकि सर्दियों में कोहरे के दौरान दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
- कृष्ण कुमार, जिला उपायुक्त पलवल
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