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Palwal News: मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज की बदहाली पर भड़के छात्र-शिक्षक, निकाला रोष मार्च

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2026 11:20 PM IST
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Students and teachers, outraged by the poor state of Mewat Engineering College, hold a protest march.
केंद्रीय वक्फ बोर्ड या हरियाणा सरकार के अधीन करने की मांग
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2018 से कॉलेज की गवर्निंग बॉडी की बैठक नहीं

फोटो - सीटीएम को ज्ञापन देते छात्र।

संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। वक्फ बोर्ड की ओर से संचालित मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज की बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में सोमवार को छात्र और शिक्षक सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पुराने बस अड्डे से लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकालकर वक्फ बोर्ड प्रशासक के खिलाफ नारेबाजी की और सीटीएम नूंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि कॉलेज को केंद्रीय वक्फ बोर्ड के अधीन किया जाए या हरियाणा सरकार को सौंपा जाए।

कॉलेज की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर पिछले करीब आधे महीने से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। छात्र भूख हड़ताल भी कर चुके हैं, लेकिन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
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प्रदर्शन में शामिल चौधरी तैय्यब हुसैन घासेड़िया ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से कॉलेज की गवर्निंग बॉडी की बैठक नहीं हुई है। उन्होंने कॉलेज की संपत्तियों के इस्तेमाल की जांच की मांग करते हुए आरटीआई लगाने की अपील की। गौरतलब है कि करीब चार दिन पहले वक्फ बोर्ड प्रशासक चौधरी जाकिर हुसैन ने पत्रकार वार्ता कर कॉलेज से जुड़े मामलों और व्यवस्थाओं का ब्यौरा दिया था, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी है।
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प्रैक्टिकल के लिए उपकरण नहीं, पढ़ाई प्रभावित

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी पाठ्यक्रम के लिए जरूरी आधुनिक उपकरण प्रयोगशालाओं में उपलब्ध नहीं हैं। लाइब्रेरी में पर्याप्त किताबें नहीं हैं और फैकल्टी की कमी से कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। हॉस्टल, पेयजल, शौचालय, भोजन और परिवहन सुविधाओं की कमी भी उठाई गई। मैकेनिकल इंजीनियरिंग के तीसरे सेमेस्टर की एक छात्रा ने बताया कि उपकरणों के अभाव में प्रैक्टिकल करना मुश्किल हो रहा है। छात्राओं के लिए कॉमन रूम और बेहतर कैंटीन की सुविधा भी नहीं है। उनके अनुसार, करीब 100 से 150 छात्राएं इन समस्याओं से जूझ रही हैं।
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