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ूंडसा गांव की महिलाओं ने टोल के विरोध में दिया धरना
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पलवल। फरीदाबाद-पलवल के बीच गदपुरी टोल के खिलाफ टोल बेरियर पर चल रहे धरना में बृहस्पतिवार को गदपुरी गांव के साथ-साथ डूंडसा गांव के लोगों ने धरना दिया। धरना स्थल पर डूंडसा गांव की महिलाओं ने भी पहुंचकर धरना दिया। इस अवसर पर महिलाओं ने वहां भजन संकीर्तन भी किया। महिलाओं का नेतृत्व जहां रेडक्रास की पूर्व प्रदेश मानद सचिव शशि बाला ने किया, वहीं धरने का नेतृत्व गदपुरी टोल हटाओ संघर्ष समिति के संयोजक रतन सिंह सौरोत ने किया।
इस अवसर पर शशि बाला तेवतिया ने कहा कि जिस आंदोलन में महिलाएं शामिल हो जाती हैं, वह आंदोलन कभी फेल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं में झांसी की रानी लक्ष्मी बाई की सी हिम्मत नजर आ रही है। इस टोल को हटने से अब कोई नहीं रोक पाएगा। महिलाओं ने अभी आंदोलन में हिस्सा लेना शुरू किया है। यदि सरकार ने इस टोल को यहां से नहीं हटाया तो महिलाएं अपना चूल्हा-चौका लेकर यहीं बैठ जाएंगी। इतना ही नहीं अब महिलाएं अपने पशुओं को भी यहीं लाकर बांधेंगी तथा यहीं से घर चलाया जाएगा।
रतन सिंह सौरोत ने कहा कि इस मुद्दे पर जल्द एक बार फिर से पंचायत होगी तथा धरने के साथ-साथ आगे और किसी तरह से आंदोलन को चलाया जाए, उसके लिए भी रूपरेखा बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि धरना स्थल पर पलवल जिले के गांवों के लोग रोजाना पहुुंच रहे हैं तथा हर गांव की तरफ से एक दिन धरना दिया जा रहा है। इस अवसर पर पंचायत समिति पृथला के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण सिंह, देवा सरपंच, नरेश, सुरेश एडवोकेट, अशोक शर्मा ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर महिलाओं ने भजनों के माध्यम से भी टोल हटाने की मांग की। धरना स्थल पर बैठे बुजुर्ग ग्रामीणों ने भी अपनी तुक लगाई।
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इस अवसर पर शशि बाला तेवतिया ने कहा कि जिस आंदोलन में महिलाएं शामिल हो जाती हैं, वह आंदोलन कभी फेल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं में झांसी की रानी लक्ष्मी बाई की सी हिम्मत नजर आ रही है। इस टोल को हटने से अब कोई नहीं रोक पाएगा। महिलाओं ने अभी आंदोलन में हिस्सा लेना शुरू किया है। यदि सरकार ने इस टोल को यहां से नहीं हटाया तो महिलाएं अपना चूल्हा-चौका लेकर यहीं बैठ जाएंगी। इतना ही नहीं अब महिलाएं अपने पशुओं को भी यहीं लाकर बांधेंगी तथा यहीं से घर चलाया जाएगा।
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रतन सिंह सौरोत ने कहा कि इस मुद्दे पर जल्द एक बार फिर से पंचायत होगी तथा धरने के साथ-साथ आगे और किसी तरह से आंदोलन को चलाया जाए, उसके लिए भी रूपरेखा बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि धरना स्थल पर पलवल जिले के गांवों के लोग रोजाना पहुुंच रहे हैं तथा हर गांव की तरफ से एक दिन धरना दिया जा रहा है। इस अवसर पर पंचायत समिति पृथला के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण सिंह, देवा सरपंच, नरेश, सुरेश एडवोकेट, अशोक शर्मा ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर महिलाओं ने भजनों के माध्यम से भी टोल हटाने की मांग की। धरना स्थल पर बैठे बुजुर्ग ग्रामीणों ने भी अपनी तुक लगाई।
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