फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Strict action against crop residue burning, seven villages in yellow zone

Palwal News: फसल अवशेष जलाने पर सख्ती, सात गांव यलो जोन में

Thu, 16 Oct 2025 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल Updated Thu, 16 Oct 2025 11:32 PM IST
विज्ञापन
Strict action against crop residue burning, seven villages in yellow zone
जिले का एक्यूआई औसत 60, वायु गुणवत्ता संतोषजनक
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने दी ग्रीन पटाखों की मंजूरी, प्रशासन पराली जलाने पर अलर्ट मोड में
सचिन कुमार
पलवल। दिवाली से पहले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का पहला चरण लागू कर दिया गया है। पलवल एनसीआर का हिस्सा है, इसमें भी अब यह नियम प्रभावी हो गए हैं। प्रशासन ने धान की कटाई के बाद फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने स्पष्ट कहा है कि किसानों को दंडित करना उद्देश्य नहीं है, बल्कि पर्यावरण और मिट्टी की सेहत को बचाना हमारी प्राथमिकता है।

पलवल, होडल और हसनपुर खंडों के कुल सात गांवों को येलो जोन में चिन्हित किया गया है, जहां पिछले वर्ष पराली जलाने की घटनाएं सबसे अधिक हुई थीं। शेष गांवों को ग्रीन जोन घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों की निगरानी के लिए येलो जोन में हर 50 किसानों पर एक और ग्रीन जोन में हर 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी तैनात किया गया है। इस प्रकार पूरे जिले में कुल 323 नोडल अधिकारी फील्ड में सक्रिय किए गए हैं, जो किसानों को पराली प्रबंधन के उपाय बताने और आगजनी रोकने का कार्य करेंगे। संवाद
विज्ञापन


आगजनी पर सख्त दंड और कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि फसल अवशेष जलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दो एकड़ भूमि तक पराली जलाने पर पांच हजार, पांच एकड़ तक दस हजार और पांच एकड़ से अधिक पर तीस हजार का जुर्माना तय किया गया है। साथ ही ऐसे किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी और मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रेड एंट्री की जाएगी, जिससे किसान दो सीजन तक अपनी फसल एमएसपी पर नहीं बेच सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पराली न जलाने पर किसानों को मिलेगा इनाम
सरकार ने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 1,200 प्रति एकड़ की सहायता राशि की घोषणा की है, जो उन किसानों को दी जाएगी जो पराली का इन-सीटू या एक्स-सीटू प्रबंधन करते हैं। इसके लिए किसानों को रोटावेटर, सुपर सीडर, बेलर और एसएमएस जैसी आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। कृषि विभाग की टीमें गांवों में जाकर किसानों को इन मशीनों के फायदे और उपयोग की जानकारी दे रही हैं।

सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट यूनिट अब जरूरी
धान की कटाई के मौसम में प्रशासन ने कम्बाइन हारवेस्टर्स पर सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट यूनिट लगवाना अनिवार्य कर दिया है। उपायुक्त के आदेशों के अनुसार, बिना एसएमएस यूनिट वाले किसी भी हारवेस्टर को जब्त किया जा सकता है। आदेश की अवहेलना करने वाले संचालकों पर कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। यह कदम पराली को खेत में मिलाने और आगजनी रोकने के लिए अहम माना जा रहा है।

ऑनलाइन सत्यापन प्रणाली लागू
कृषि विभाग ने सभी नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षित कर दिया है। उन्हें ऑनलाइन माध्यम से किसानों द्वारा किए गए फसल अवशेष प्रबंधन का सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे विभाग को हर खेत का डेटा डिजिटल रूप से प्राप्त होगा और योजनाओं की निगरानी पारदर्शी ढंग से हो सकेगी।

जिले का एक्यूआई संतोषजनक, ग्रेप के तहत निगरानी जारी
एनसीआर के अन्य जिलों की तुलना में पलवल की वायु गुणवत्ता फिलहाल बेहतर स्थिति में है। जिले का औसत एक्युआई 60, अधिकतम 62 और न्यूनतम 59 दर्ज किया गया है, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। जिला प्रशासन ने ग्रेप के पहले चरण के तहत सड़क धूल नियंत्रण, निर्माण स्थलों की निगरानी और वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण के निर्देश जारी किए हैं।

ग्रीन पटाखों को मिली मंजूरी
दीवाली के त्योहारी माहौल में सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की बिक्री की मंजूरी दे दी है, लेकिन प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सीमित समय और निर्धारित स्थानों पर ही ग्रीन पटाखों का उपयोग करें ताकि प्रदूषण स्तर नियंत्रण में रहे।


00किसानों से अपील है कि फसल अवशेष जलाने से बचें और पर्यावरण की रक्षा में अपना योगदान दें। प्रशासन और किसानों के संयुक्त प्रयासों से ही पलवल को पराली मुक्त, स्वच्छ और प्रदूषण रहित जिला बनाया जा सकता है।
- उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed