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Palwal News: मिट्टी खुदाई को माइनिंग विभाग से नहीं किया अलग, होगा आंदोलन
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। ऑल हरियाणा अर्थ मूवर्स एसोसिएशन की जिला इकाई की बैठक मंगलवार को हुडा चौक के समीप जिला कार्यालय पर संपन्न हुई। बैठक में मिट्टी उठाने के कार्य को माइनिंग व भूगर्भ विभाग से अलग करने की मांग की गई। मंगलवार को शहर के हुडा चौक के समीप हुई एसोसिएशन की बैठक में सरकार के नए कानून को लेकर रोष व्यक्त किया गया। बैठक की अध्यक्षता आनंद तोमर ने की। बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार के फैसले के विरोध में आगामी एक फरवरी से पलवल में आंदोलन कर मिट्टी उठाने का काम बंद किया जाएगा।
एसोसिएशन नेता आनंद तोमर ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले माइनिंग विभाग की कोई अनुमति नहीं लेनी पड़ती थी, जिसके बाद सरकार ने मिट्टी खुदाई को माइनिंग के अधीन कर दिया। मिट्टी उठाने व डालने का कार्य किसान व मजदूर करते हैं। कुछ लोग ट्रैक्टरों द्वारा यह कार्य करते हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी चलती है। मिट्टी उठाने से कोई भी कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और न ही मिट्टी उठाने के लिए ब्लास्ट किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि माइनिंग विभाग उन्हें बेवजह परेशान कर रहा है। इस कारण मिट्टी के कार्य से जुड़े लोगों की रोजी रोटी का खतरा पैदा हो गया है। लाखों परिवार खेतों से मिट्टी उठाने के कार्य से जुडे हैं। किसान पानी तथा अन्य समस्याओं के चलते अपने खेत को समतल करवाने के लिए मिट्टी उठवाता है। अगर किसी के पास अनुमति नहीं है तो माइनिंग विभाग भारी भरकम जुर्माना लगाता है। किसान अपनी मर्जी से अपने खेत को समतल नहीं करवा सकता। यदि किसान अपनी मर्जी से ऐसा करता है तो माइनिंग विभाग उस पर पांच से 20 लाख रुपये तक जुर्माना लगा देता है। इसके डर से कोई खेत से मिट्टी नहीं उठवा पा रहा है। उन्होंने कहा कि मिट्टी उठाने के कार्य पर कोयला खानों, पहाड़ खानों जैसे नियम लागू हैं जोकि गलत हैं। इस दौरान दिनेश सौरोत, महेंद्र डागर, सतीश छाबड़ी, अशोक बैंसला, सूरज चंदीला, रिंकू डागर, वेद अटाली मौजूद थे।
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पलवल। ऑल हरियाणा अर्थ मूवर्स एसोसिएशन की जिला इकाई की बैठक मंगलवार को हुडा चौक के समीप जिला कार्यालय पर संपन्न हुई। बैठक में मिट्टी उठाने के कार्य को माइनिंग व भूगर्भ विभाग से अलग करने की मांग की गई। मंगलवार को शहर के हुडा चौक के समीप हुई एसोसिएशन की बैठक में सरकार के नए कानून को लेकर रोष व्यक्त किया गया। बैठक की अध्यक्षता आनंद तोमर ने की। बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार के फैसले के विरोध में आगामी एक फरवरी से पलवल में आंदोलन कर मिट्टी उठाने का काम बंद किया जाएगा।
एसोसिएशन नेता आनंद तोमर ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले माइनिंग विभाग की कोई अनुमति नहीं लेनी पड़ती थी, जिसके बाद सरकार ने मिट्टी खुदाई को माइनिंग के अधीन कर दिया। मिट्टी उठाने व डालने का कार्य किसान व मजदूर करते हैं। कुछ लोग ट्रैक्टरों द्वारा यह कार्य करते हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी चलती है। मिट्टी उठाने से कोई भी कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और न ही मिट्टी उठाने के लिए ब्लास्ट किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि माइनिंग विभाग उन्हें बेवजह परेशान कर रहा है। इस कारण मिट्टी के कार्य से जुड़े लोगों की रोजी रोटी का खतरा पैदा हो गया है। लाखों परिवार खेतों से मिट्टी उठाने के कार्य से जुडे हैं। किसान पानी तथा अन्य समस्याओं के चलते अपने खेत को समतल करवाने के लिए मिट्टी उठवाता है। अगर किसी के पास अनुमति नहीं है तो माइनिंग विभाग भारी भरकम जुर्माना लगाता है। किसान अपनी मर्जी से अपने खेत को समतल नहीं करवा सकता। यदि किसान अपनी मर्जी से ऐसा करता है तो माइनिंग विभाग उस पर पांच से 20 लाख रुपये तक जुर्माना लगा देता है। इसके डर से कोई खेत से मिट्टी नहीं उठवा पा रहा है। उन्होंने कहा कि मिट्टी उठाने के कार्य पर कोयला खानों, पहाड़ खानों जैसे नियम लागू हैं जोकि गलत हैं। इस दौरान दिनेश सौरोत, महेंद्र डागर, सतीश छाबड़ी, अशोक बैंसला, सूरज चंदीला, रिंकू डागर, वेद अटाली मौजूद थे।
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