फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Social worker showing the right path to the lost children

भटक चुके बच्चों को सही राह दिखा रहे समाजसेवी

Wed, 11 Aug 2021 06:20 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 11 Aug 2021 06:20 PM IST
विज्ञापन
Social worker showing the right path to the lost children
पलवल। जिले में काफी ऐसे बच्चे हैं, जिनके ऊपर मां-बाप का सहारा नहीं है। ऐसे बच्चों को बाल अपराधी बनने से रोकना प्रशासन व समाज की बड़ी जिम्मेदारी बनती है। वहीं काफी बच्चे ऐसे हैं, जो गलत संगत में पढ़कर अपराधी बन रहे हैं। ऐसे बच्चों को सही दिशा दिखाना भी एक कठिन कार्य है। जिले में कुछ लोग ऐसे हैं, जो अनाथ बच्चों का सहारा तो बन ही रहे हैं, वहीं बाल संरक्षण व बाल मजदूरों को सही राह दिखाकर व उनके मां-बाप को भी शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
विज्ञापन

अनाथ बच्चियों का सहारा बनीं रानी लाल
71 वर्षीया रानी लाल पिछले कई सालों से वे जहां अनाथ बच्चियों का सहारा बनकर उन्हें अच्छे संस्कार व शिक्षा देने में जुटी हैं। वहीं सड़कों पर कबाड़ बीनने वाले तथा नशे की गिरफ्त में आ रहे बच्चों को भी सही रास्ते पर लाने का प्रयास कर रही हैं। रानी लाल शहर के जाने-माने वकील एसपीलाल की धर्मपत्नी हैं। उनका कहना है कि यदि उनके प्रयासों से एक भी बच्चा सही रास्ते पर चलकर समाज का हिस्सा बन गया तो उनकी मेहनत कामयाब हो जाएगी।
विज्ञापन

बाल अपराधियों को सही रास्ते पर लाना है निशांत का मकसद
बाल कल्याण परिषद के पूर्व सदस्य निशांत गौड़ का मकसद गलत संगत में रहकर अपराध की ओर जा रहे बच्चों को सही रास्ता दिखाना है। वे ऐसे कई बच्चों को सही मार्गदर्शन देकर शिक्षा की तरफ मोड़ चुके हैं। वहीं घर में कमाई के साधन न होने के चलते मजदूरी करने में लगे ेकई बच्चों का काम छुड़वाकर उन्हें स्कूल में दाखिला दिला चुके हैं। आज भी वे इसी कार्य में लगे हैं। उनका मकसद जिले में बाल मजदूरी खत्म कराना और नशे व अपराध करने से बच्चों को बचाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चों को सामाजिकता की राह दिखा रहे विक्रम
जुवेनाइल बोर्ड के सदस्य रह चुके विक्रम सिंह यात्री पिछले 30 वर्षों से गरीब व जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण करने में जुटे हैं। वे बच्चों को जहां शिक्षित बनाने में जुटे हैं, वहीं गलत संगत में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो रहे बच्चों को सही राह दिखाकर पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में शामिल कर रहे हैं। जुवेनाइल बोर्ड के सदस्य रहते हुए उन्हें सरकार की तरफ से जो भी मानदेय मिलता था, उसे भी वे ऐसे बच्चों की पढ़ाई व उनके पालन-पोषण पर खर्च कर देते थे। आज भी वे अपनी मेहनत से कमाई ऐसे बच्चों पर ही खर्च कर रहे हैं। लोग उन्हें अब बाबा साहब के नाम से पुकारने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed