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Palwal News: हड़ताल के कारण आधे रास्ते से वापस लौटीं रोडवेज की बसें
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- करीब पांच हजार यात्रियों को परेशानी का करना पड़ा सामना
- जयपुर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और आगरा रूटों से वापस आईं बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। केंद्र सरकार द्वारा सड़क हादसों पर नियंत्रण करने के लिए हिट एंड रन में दोष साबित होने पर 7 लाख रुपये तक का जुर्माना और 10 साल तक कैद का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान को लेकर जिले के ट्रांसपोर्टरों व लोगों के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसके कारण सोमवार को विभिन्न रूटों पर जाने वाली बसों को आधे रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। जिससे 5 हजार यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
डिपो से हर रोज चंडीगढ़, गुरुग्राम, दिल्ली, पलवल, हरिद्वार, जयपुर, खाटू श्याम सहित विभिन्न रूटों के लिए बसें चलाई जाती हैं। इन बसों में करीब 10 हजार यात्री अपने गंतव्य के लिए सफर करते हैं, लेकिन सोमवार की सुबह जब यात्री बस स्टैंड पर पहुंचे, तो उन्होंने रोडवेज बस में सफर करने के टिकट ले लिया, लेकिन आधे रास्ता जाने के बाद उनको बस से उतार दिया गया। देश में लागू हुए नए हिट एंड रन कानून के खिलाफ ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर चले गए हैं। भारतीय न्याय संहिता 2023 में हुए संशोधन के बाद हिट एंड रन के मामलों में दोषी ड्राइवर पर 7 लाख रुपये तक का जुर्माना और 10 साल तक कैद का प्रावधान है। जिसके कारण रोडवेज की बसें जो यूपी और राजस्थान राज्यों में जाने वाली थीं। वह हरियाणा व यूपी के बॉर्डर से वापस आ रही हैं। जिससे इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अनेक रूटों की बसें आईं वापस
डिपो से हर रोज कुल 162 बसें विभिन्न रूटों पर चलाई जाती हैं। सोमवार की सुबह अलीगढ़ और आगरा रूट के लिए बसों को रवाना किया गया था, लेकिन यूपी राज्य के बॉर्डर पर पहुंचे तो ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर की हड़ताल के कारण बसों को आगे नहीं जाने दिया गया। जिसके कारण बसों में सफर करने वाले यात्रियों को आधे रास्ते में उतार दिया गया। अलीगढ़ और आगरा रूट पर हर रोज करीब 10-10 बसों का संचालन किया जाता है। इसके अलावा 7 बजे डिपो से भरतपुर के लिए वाया बदरपुर बॉर्डर के लिए बस रवाना होती है। यह बस मथुरा बाईपास से वापस डिपो को आ गई, क्योंकि ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर ने बस को आगे नहीं जाने दिया। इसके अलावा बुलंदशहर की दो बसें डिपो से रवाना होती हैं। जिसमें से एक बस जेवर हाईवे से वापस डिपो के लिए रवाना हो गई। इन बसों के अलावा भी देर शाम को अन्य रूटों की बसें भी वापस आ गईं। इसके अलावा जयपुर की बस भी आधे रास्ते से वापस आ गई। इस बसों के नहीं चलने से 5 हजार यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मेट्रो और ट्रेन से किया सफर
यात्रियों ने अपने घरों पर पहुंचने के लिए मेट्रो और ट्रेन का सहरा लिया। जिन लोगों को अलीगढ़, आगरा व मथुरा आदि जाना था। उन्होंने ट्रेन से सफर किया। उसके बाद वह उसे निजी बस व वाहनों के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंचे।
अपनी जुबानी यात्रियों ने बताई परेशानी
राजीव कॉलोनी निवासी राजकुमार ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ भरतपुर घूमने के लिए सोमवार को जा रहे थे। रोडवेज बस का उन्होंने डिपो से टिकट भी ले लिया था, लेकिन मथुरा के बाद बस चालक ने आगे जाने से मना कर दिया। जिसके कारण वह अपने परिवार के साथ वापस बल्लभगढ़ डिपो आ गए। वहीं आदर्श नगर निवासी रोशन लाल ने बताया कि वह बुलंदशहर में नौकरी करते हैं। सोमवार ही सुबह वह साढ़े 6 बजे वाली बस में सवार होकर बुलंदशहर को निकले, लेकिन बस जेवर से वापस आ गई, क्योंकि वहां पर ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर ने हड़ताल की हुई थी। बस व यात्रियों को किसी प्रकार का कोई नुकसान ना हो, इस कारण चालक बस को वापस ले आया। जिसके चलते व जेवर पर ही उतर गए।
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हड़ताल से यात्री रहे परेशान
अलीगढ़ रूट पर बस नहीं चलने की वजह से उनको निजी बस से सफर करके अपने गंत्वय तक पहुंचना पड़ा। - सतबीर कपासिया, यात्री
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सुबह के समय जयपुर जाने के लिए वह डिपो पर आए थे लेकिन बस आधे रास्ते से ही वापस आ गई, जिसके कारण वह नहीं जा पाए। क्योंकि जहां पर रोडवेज की बस उनको उतार रही थी, वहां से आगे कोई भी सवारी नहीं जा रही थी। - अरुण, यात्री
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कई रूटों पर बसों का संचालन रोका गया
हिट एंड रन के मामले की सजा को लेकर जो प्रावधान किया गया है, उसके तहत विभिन्न राज्यों के ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर ने हड़ताल की हुई है। इसी वजह से सोमवार को कुछ रूटों से बसें वापस आई हैं तो कुछ रूटों पर बसों का संचालन रोक दिया गया है। यह परेशानी 3 जनवरी तक यात्रियों को झेलनी पड़ सकती है। - लेखराज, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो
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- जयपुर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और आगरा रूटों से वापस आईं बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। केंद्र सरकार द्वारा सड़क हादसों पर नियंत्रण करने के लिए हिट एंड रन में दोष साबित होने पर 7 लाख रुपये तक का जुर्माना और 10 साल तक कैद का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान को लेकर जिले के ट्रांसपोर्टरों व लोगों के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसके कारण सोमवार को विभिन्न रूटों पर जाने वाली बसों को आधे रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। जिससे 5 हजार यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
डिपो से हर रोज चंडीगढ़, गुरुग्राम, दिल्ली, पलवल, हरिद्वार, जयपुर, खाटू श्याम सहित विभिन्न रूटों के लिए बसें चलाई जाती हैं। इन बसों में करीब 10 हजार यात्री अपने गंतव्य के लिए सफर करते हैं, लेकिन सोमवार की सुबह जब यात्री बस स्टैंड पर पहुंचे, तो उन्होंने रोडवेज बस में सफर करने के टिकट ले लिया, लेकिन आधे रास्ता जाने के बाद उनको बस से उतार दिया गया। देश में लागू हुए नए हिट एंड रन कानून के खिलाफ ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर चले गए हैं। भारतीय न्याय संहिता 2023 में हुए संशोधन के बाद हिट एंड रन के मामलों में दोषी ड्राइवर पर 7 लाख रुपये तक का जुर्माना और 10 साल तक कैद का प्रावधान है। जिसके कारण रोडवेज की बसें जो यूपी और राजस्थान राज्यों में जाने वाली थीं। वह हरियाणा व यूपी के बॉर्डर से वापस आ रही हैं। जिससे इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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अनेक रूटों की बसें आईं वापस
डिपो से हर रोज कुल 162 बसें विभिन्न रूटों पर चलाई जाती हैं। सोमवार की सुबह अलीगढ़ और आगरा रूट के लिए बसों को रवाना किया गया था, लेकिन यूपी राज्य के बॉर्डर पर पहुंचे तो ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर की हड़ताल के कारण बसों को आगे नहीं जाने दिया गया। जिसके कारण बसों में सफर करने वाले यात्रियों को आधे रास्ते में उतार दिया गया। अलीगढ़ और आगरा रूट पर हर रोज करीब 10-10 बसों का संचालन किया जाता है। इसके अलावा 7 बजे डिपो से भरतपुर के लिए वाया बदरपुर बॉर्डर के लिए बस रवाना होती है। यह बस मथुरा बाईपास से वापस डिपो को आ गई, क्योंकि ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर ने बस को आगे नहीं जाने दिया। इसके अलावा बुलंदशहर की दो बसें डिपो से रवाना होती हैं। जिसमें से एक बस जेवर हाईवे से वापस डिपो के लिए रवाना हो गई। इन बसों के अलावा भी देर शाम को अन्य रूटों की बसें भी वापस आ गईं। इसके अलावा जयपुर की बस भी आधे रास्ते से वापस आ गई। इस बसों के नहीं चलने से 5 हजार यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मेट्रो और ट्रेन से किया सफर
यात्रियों ने अपने घरों पर पहुंचने के लिए मेट्रो और ट्रेन का सहरा लिया। जिन लोगों को अलीगढ़, आगरा व मथुरा आदि जाना था। उन्होंने ट्रेन से सफर किया। उसके बाद वह उसे निजी बस व वाहनों के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंचे।
अपनी जुबानी यात्रियों ने बताई परेशानी
राजीव कॉलोनी निवासी राजकुमार ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ भरतपुर घूमने के लिए सोमवार को जा रहे थे। रोडवेज बस का उन्होंने डिपो से टिकट भी ले लिया था, लेकिन मथुरा के बाद बस चालक ने आगे जाने से मना कर दिया। जिसके कारण वह अपने परिवार के साथ वापस बल्लभगढ़ डिपो आ गए। वहीं आदर्श नगर निवासी रोशन लाल ने बताया कि वह बुलंदशहर में नौकरी करते हैं। सोमवार ही सुबह वह साढ़े 6 बजे वाली बस में सवार होकर बुलंदशहर को निकले, लेकिन बस जेवर से वापस आ गई, क्योंकि वहां पर ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर ने हड़ताल की हुई थी। बस व यात्रियों को किसी प्रकार का कोई नुकसान ना हो, इस कारण चालक बस को वापस ले आया। जिसके चलते व जेवर पर ही उतर गए।
हड़ताल से यात्री रहे परेशान
अलीगढ़ रूट पर बस नहीं चलने की वजह से उनको निजी बस से सफर करके अपने गंत्वय तक पहुंचना पड़ा। - सतबीर कपासिया, यात्री
सुबह के समय जयपुर जाने के लिए वह डिपो पर आए थे लेकिन बस आधे रास्ते से ही वापस आ गई, जिसके कारण वह नहीं जा पाए। क्योंकि जहां पर रोडवेज की बस उनको उतार रही थी, वहां से आगे कोई भी सवारी नहीं जा रही थी। - अरुण, यात्री
कई रूटों पर बसों का संचालन रोका गया
हिट एंड रन के मामले की सजा को लेकर जो प्रावधान किया गया है, उसके तहत विभिन्न राज्यों के ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवर ने हड़ताल की हुई है। इसी वजह से सोमवार को कुछ रूटों से बसें वापस आई हैं तो कुछ रूटों पर बसों का संचालन रोक दिया गया है। यह परेशानी 3 जनवरी तक यात्रियों को झेलनी पड़ सकती है। - लेखराज, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो