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आरओ संयंत्र है पर नहीं मिल रहा स्वच्छ पेयजल

Sun, 20 Mar 2022 09:48 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 20 Mar 2022 09:48 PM IST
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RO plant is there but clean drinking water is not available
हथीन में लगा आरओ प्लांट - फोटो : Palwal
हथीन। शहर के लोगों को स्वच्छ पानी पीने को मिल सके, इसके लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने पांच साल पहले शहर में कुटी मंदिर के निकट आरओ संयंत्र स्थापित किया था। लोगों तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति की योजना थी। संयंत्र के लिए बाकायदा बिजली कनेक्शन भी लिया गया, लेकिन इसके बाद भी अब तक लोगों को शुद्ध पानी पीने को नहीं मिला है।
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योजना के तहत इस संयंत्र के द्वारा लोगों को पांच रुपये में बीस लीटर पानी उपलब्ध कराया जाना था। इसके लिए शहर के कई वार्डों में वाटर एटीएम भी लगाए गए। इसके अतिरिक्त स्वच्छ पेयजल के लिए मदर डेयरी की तरह स्मार्ट कार्ड भी जारी करने की घोषणा की गई थी। इस योजना पर लाखों रुपये मेवात विकास बोर्ड के माध्यम से खर्च किए गए। लेकिन एक भी दिन लोगों को इसका लाभ नहीं मिला।
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मेवात विकास अभिकरण के माध्यम से 12 लाख खर्च किए गए थे। कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति शुरू करवाने की मांग की गई, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। आरओ संयंत्र प्लांट लगाने का कोई लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। गर्मियों में लोगों की समस्या और बढ़ जाएगी। पेयजल आपूर्ति से लोग परेशान रहते हैं। ऐसे में सरकार इस तरफ ध्यान दें।
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- रविश कुमार, पार्षद
जन स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से सीवर युक्त पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। लोगों को स्वच्छ पेयजल की आवश्यकता है। विभागीय अधिकारियों को इस बारे में कदम उठाने चाहिए। स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शीघ्र शुरू होनी चाहिए। गर्मियां शुरू हो चुकी हैं, ऐसे में प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। लोग मुख्यमंत्री तक से इसकी शिकायत कर चुके हैं, फिर भी कोई समाधान नहीं हो रहा है। अब अधिकारियों की लापरवाही की शिकायत फिर की जाएगी।

- सुधीर कुमार आर्य, भाजपा शक्ति केंद्र प्रमुख
विभागीय अधिकारियों को लिखा पत्र
जन स्वास्थ्य विभाग के उपमंडल अधिकारी राजवीर ने बताया कि यह संयंत्र उनके कार्यभार संभालने से पूर्व स्थापित किया गया था। संयंत्र को चलाने की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को दी गई थी। कई बार विभाग ने एजेंसी को नोटिस भी दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में विभागीय अधिकारियों को पत्र भी लिखा गया है। जिस एजेंसी को संयंत्र को चलाने की जिम्मेदारी दी गई, वहां से संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।
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