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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले 2400 किसानों से होगी वसूली
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पलवल। प्रधानमंत्री किसीन सम्मान निधि योजना का गलत तरीके से लाभ पाने वाले किसानों पर अब सरकार ने अपना कड़ा रुख अपना लिया है। ऐसे लोगों से योजना की राशि वापस ली जाएगी। इसके लिए किसानों की सूची बनानी शुरू कर दी गई है। विभाग की माने तो जिले में ऐसे सम्मान निधि पाने वाले 2400 किसान हैं, जिनसे करीब ढाई करोड़ रुपये की रिकवरी की जानी है। इनमें गलत तरीके से योजना का लाभ लेने वाले 665 और आयकर रिटर्न भरने वाले 1778 किसान हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 1 दिसंबर, 2019 को हुई थी। उस समय जिले में 81,897 किसान योजना में जोड़े गए थे। सभी को योजना के तहत छह हजार रुपये सालाना की राशि भी मिल चुकी है। अब सरकार द्वारा जब आठवीं किस्त किसानों के खाते में डाली गई, तो जिले के 55,157 किसानों के खाते में ही राशि डाली गई। बाकी के नाम सरकार द्वारा काट दिए गए। जिससे उन किसानों को बड़ा झटका लगा, जिन्हें पहले योजना का लाभ मिल चुका था। वे नाम कटने पर कृषि विभाग के कार्यालय गए व आपत्ति जताई तो बताया गया कि वे आयकर रिटर्न भरते हैं, इस कारण उनका नाम योजना से हटा दिया गया है।
पहली किश्त के बाद ही काटने शुरू हुए नाम
सरकार द्वारा जब योजना लागू की गई तब जिले में 81,897 किसानों का नाम था। लेकिन जैसे-जैसे किश्त जारी होती गई, लाभ पाने वाले किसानों की संख्या कम होती गई। सरकार हर किश्त पर किसानों की संख्या कम करती गई। रिकार्ड के अनुसार पहली किश्त पर 81,897 किसानों को लाभ मिला, जबकि दूसरी किश्त में 80,827, तीसरी किस्त में 73,478 किसानों के खाते में राशि डाली। वहीं चौथी किस्त में 65,243 किसानों के खाते में राशि डाली गई। बाद में जांच कराने के बाद सरकार ने पांचवीं किस्त में 62,684 और छठी किस्त में किसानों की संख्या 62,425 कर दी। इसके बाद सातवीं किस्त में 60,938 किसान रहे गए, जबकि आठवीं किस्त में संख्या 55,157 ही रह गई है।
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टैक्स के दायरे में आने वालों को नहीं मिलेगा लाभ
जिनके पास जमीन है, लेकिन दूसरा व्यवसाय भी करते हैं। जो इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं। इनमें चाहे डॉक्टर, वकील और इंजीनियर किसी भी व्यवसाय या नौकरी करने वाले हों, उन्हें इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा। इसके अलावा सरकारी श्रेणी के लोगों को भी चाहे उसके पास कृषि योग्य भूमि है, उन्हें भी इस स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा। राज्य सरकार ऐसे किसानों की जोत के साथ उनके बैंक खाते और अन्य ब्योरा केंद्र सरकार को उपलब्ध करवा रही है। पुष्टि के बाद केंद्र सरकार ऐसे किसानों के बैंक खातों में सीधे धन जमा करती है।
वर्जन-
जिले में 665 ऐसे किसान है, जो गलत तरीके से सात किस्त ले चुके हैं। उनके खाते में सरकार 73 लाख 78 हजार रुपये डाल चुकी है। अब इसे वसूला जाएगा। वहीं आयकर देने वाले किसानों की संख्या 1778 है। जिनसे एक करोड़ 72 लाख 20 हजार रुपये की वसूली की जाएगी। इन लोगों ने शपथ पत्र दिया हुआ है कि यदि अपात्र पाए गए, तो सम्मान निधि वापस जमा कर देंगे। ऐसे लोगों से अपील है कि गलत ढंग से ली गई राशि वापस कर दें, अन्यथा सरकार अपने तरीके से वसूली करेगी। - कुलदीप तेवतिया, एसडीओ एवं अधिकारी पीएम सम्मान निधि योजना
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 1 दिसंबर, 2019 को हुई थी। उस समय जिले में 81,897 किसान योजना में जोड़े गए थे। सभी को योजना के तहत छह हजार रुपये सालाना की राशि भी मिल चुकी है। अब सरकार द्वारा जब आठवीं किस्त किसानों के खाते में डाली गई, तो जिले के 55,157 किसानों के खाते में ही राशि डाली गई। बाकी के नाम सरकार द्वारा काट दिए गए। जिससे उन किसानों को बड़ा झटका लगा, जिन्हें पहले योजना का लाभ मिल चुका था। वे नाम कटने पर कृषि विभाग के कार्यालय गए व आपत्ति जताई तो बताया गया कि वे आयकर रिटर्न भरते हैं, इस कारण उनका नाम योजना से हटा दिया गया है।
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पहली किश्त के बाद ही काटने शुरू हुए नाम
सरकार द्वारा जब योजना लागू की गई तब जिले में 81,897 किसानों का नाम था। लेकिन जैसे-जैसे किश्त जारी होती गई, लाभ पाने वाले किसानों की संख्या कम होती गई। सरकार हर किश्त पर किसानों की संख्या कम करती गई। रिकार्ड के अनुसार पहली किश्त पर 81,897 किसानों को लाभ मिला, जबकि दूसरी किश्त में 80,827, तीसरी किस्त में 73,478 किसानों के खाते में राशि डाली। वहीं चौथी किस्त में 65,243 किसानों के खाते में राशि डाली गई। बाद में जांच कराने के बाद सरकार ने पांचवीं किस्त में 62,684 और छठी किस्त में किसानों की संख्या 62,425 कर दी। इसके बाद सातवीं किस्त में 60,938 किसान रहे गए, जबकि आठवीं किस्त में संख्या 55,157 ही रह गई है।
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टैक्स के दायरे में आने वालों को नहीं मिलेगा लाभ
जिनके पास जमीन है, लेकिन दूसरा व्यवसाय भी करते हैं। जो इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं। इनमें चाहे डॉक्टर, वकील और इंजीनियर किसी भी व्यवसाय या नौकरी करने वाले हों, उन्हें इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा। इसके अलावा सरकारी श्रेणी के लोगों को भी चाहे उसके पास कृषि योग्य भूमि है, उन्हें भी इस स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा। राज्य सरकार ऐसे किसानों की जोत के साथ उनके बैंक खाते और अन्य ब्योरा केंद्र सरकार को उपलब्ध करवा रही है। पुष्टि के बाद केंद्र सरकार ऐसे किसानों के बैंक खातों में सीधे धन जमा करती है।
वर्जन-
जिले में 665 ऐसे किसान है, जो गलत तरीके से सात किस्त ले चुके हैं। उनके खाते में सरकार 73 लाख 78 हजार रुपये डाल चुकी है। अब इसे वसूला जाएगा। वहीं आयकर देने वाले किसानों की संख्या 1778 है। जिनसे एक करोड़ 72 लाख 20 हजार रुपये की वसूली की जाएगी। इन लोगों ने शपथ पत्र दिया हुआ है कि यदि अपात्र पाए गए, तो सम्मान निधि वापस जमा कर देंगे। ऐसे लोगों से अपील है कि गलत ढंग से ली गई राशि वापस कर दें, अन्यथा सरकार अपने तरीके से वसूली करेगी। - कुलदीप तेवतिया, एसडीओ एवं अधिकारी पीएम सम्मान निधि योजना