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‘राकेश टिकैत पर हमले का देंगे मुंहतोड़ जवाब’
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पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने में शनिवार को किसान नेता राकेश टिकैत पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई। किसानों नेताओं ने कहा कि हमला करने वालों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। किसान आंदोलन को उग्र करने और देश में अराजकता का माहौल फैलाने के लिए कुछ लोग हिंसा की साजिश रच रहे हैं। वहीं इस दौरान पांच अप्रैल को एफसीआई गोदाम पर प्रदर्शन को लेकर रणनीति तैयार की गई।
धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि किसान नेता राकेश टिकैत पर हमला करने वालों की पहचान हो चुकी है। हमलावर महात्मा गांधी की हत्यारे की सोच से संबंधित लोग हैं। इसके पीछे कुछ सांसदों की कुटिलता काम कर रही है और समय आने पर सभी को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। 26 जनवरी को लाल किले पर फहराए गए झंडे के पीछे भी ऐसी ही सोच के लोग थे। किसान किसी भी हालत में आंदोलन को हिंसात्मक नहीं होने देंगे।
मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सोमवार को अनाज मंडी के नजदीक एफसीआई के गोदाम पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। एफसीआई को बचाने के लिए यह प्रदर्शन होगा। नए कृषि कानूनों में मंडियां खत्म करने की सरकार योजना को सफल नहीं होने दिया जाएगा। छह अप्रैल से किसान जनसंपर्क अभियान शुरू करेंगे। इसके लिए दो टीमें गठित की गई हैं। वे रोजाना दो-दो गांवों का दौरा करेंगी। इस मौके पर पूर्व सरपंच घुघेरा जोगेंद्र सिंह, राजकुमार ओलिहान, रतन सिंह सौरोत, धर्मचंद, उदय सिंह, रूपराम तेवतिया, रमेश प्रधान आदि मौजूद रहे।
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धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि किसान नेता राकेश टिकैत पर हमला करने वालों की पहचान हो चुकी है। हमलावर महात्मा गांधी की हत्यारे की सोच से संबंधित लोग हैं। इसके पीछे कुछ सांसदों की कुटिलता काम कर रही है और समय आने पर सभी को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। 26 जनवरी को लाल किले पर फहराए गए झंडे के पीछे भी ऐसी ही सोच के लोग थे। किसान किसी भी हालत में आंदोलन को हिंसात्मक नहीं होने देंगे।
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मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सोमवार को अनाज मंडी के नजदीक एफसीआई के गोदाम पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। एफसीआई को बचाने के लिए यह प्रदर्शन होगा। नए कृषि कानूनों में मंडियां खत्म करने की सरकार योजना को सफल नहीं होने दिया जाएगा। छह अप्रैल से किसान जनसंपर्क अभियान शुरू करेंगे। इसके लिए दो टीमें गठित की गई हैं। वे रोजाना दो-दो गांवों का दौरा करेंगी। इस मौके पर पूर्व सरपंच घुघेरा जोगेंद्र सिंह, राजकुमार ओलिहान, रतन सिंह सौरोत, धर्मचंद, उदय सिंह, रूपराम तेवतिया, रमेश प्रधान आदि मौजूद रहे।
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