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लेबर बिल की प्रतियां जलाकर जताया विरोध

Thu, 01 Apr 2021 11:20 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 01 Apr 2021 11:20 PM IST
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Protests by burning copies of labor bill
पलवल। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने में बृहस्पतिवार को लेबर बिल की प्रतियां जलाकर विरोध जताया गया। वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा पट्टेदार को किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देने के निर्णय की निंदा की गई। किसानों ने कहा कि इस निर्णय से किसान व पट्टेदार में मतभेद पैदा होगा। यदि मुख्यमंत्री ने यह निर्णय वापस नहीं लिया तो किसान इसका विरोध करेंगे।
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किसान नेता महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार मजदूर, कर्मचारी, किसानों और बेरोजगारों को तबाह करने का अपना जनविरोधी एजेंडा जारी रखे हुए है। भारी मुनाफा देने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के कारखानों, उद्यमों, प्रतिष्ठानों को अपने चहेते पूंजीपतियों को बेचने का काम किया जा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था का रीढ़ रेलवे, कोयला, इस्पात और फार्मा क्षेत्र की सरकारी कंपनियों, एलआईसी, बीएसएनएल व एयर इंडिया जैसे प्रतिष्ठानों को बर्बाद किया जा रहा है। पूंजीपतियों को खुश करने के लिए सरकार ने सभी संसदीय परंपराओं को ताक पर रखकर किसान-मजदूर विरोधी कृषि एवं लेबर बिल को पारित कराया है।
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किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने कहा कि एक ओर किसानों पर जुल्म ढाए जा रहे हैं, दूसरी तरफ संसद में श्रम कानूनों को मालिक के पक्ष में करने के लिए लेबर बिल पास करा लिया गया है। इस बिल से मजदूरों को नौकरी करनी भारी हो जाएगी। मजदूर 12 घंटों तक ड्यूटी करने को मजबूर होंगे और कंपनी मालिक जब चाहे उन्हें नौकरी से हटा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बुधवार को पत्रकार वार्ता कर जमीन मालिक की जगह पट्टेदार को किसान सम्मान निधि का लाभ देने की घोषणा की। अब पट्टेदार के नाम से ही फसल की गिरदावरी की जाएगी। धरने की अध्यक्षता चेतराम मैंबर व संचालन राजकुमार ओलिहान ने किया। इस मौके पर धर्मचंद घुघेरा, डॉ. रघुवीर सिंह, सोहनपाल चौहान, डिगंबर सिंह, भागीरथ बेनीवाल, बिजेंद्र सिंह, दीपक चौधरी, अच्छेलाल आदि मौजूद रहे।
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बैठक में संसद कूच पर लिया जाएगा निर्णय
किसान संघर्ष समिति के नेताओं ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने 10 अप्रैल को केएमपी को 24 घंटे तक जाम करने की घोषणा की है, उसके बाद संसद कूच किया जाएगा। जल्द ही समिति के बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। आगे भी मोर्चा के निर्णय के हिसाब से ही आंदोलन चलाया जाएगा। पांच अप्रैल को एफसीआई गोदाम पर किसानों को प्रदर्शन होगा।
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