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निर्भया के दोषियों को फांसी पर मिलने से हर वर्ग खुशी
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निर्भया के दोषियों को फांसी पर मिलने से हर वर्ग खुशी
पलवल। निर्भया के दोषियों को शुक्रवार को फांसी मिलने से महिलाओं सहित हर वर्ग में खुशी है। लोगों का कहना है कि आज निर्भया को और उनके परिजनों को न्याय मिला है। यह न्याय पहले ही मिल जाना चाहिए था। महिलाओं ने कहा कि कानून में ऐसा प्रावधान हो कि दुष्कर्म करने वालों को एक माह के अंदर मौत की सजा मिले। इस अवसर पर महिला जागृति मंच ने आसपास की महिलाओं को एकत्रित कर मिठाई खिलाई और दोषियों को फांसी पर लटकाने पर सर्वोच्च न्यायालय का धन्यवाद किया।
निर्भया के दोषियों को पहले ही फांसी पर लटकाना चाहिए था, लेकिन देर से ही सही आज सही मायने में निर्भया और उसके माता-पिता को न्याय मिला है। निर्भया के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने वाले वकीलों को पुरस्कृत करना चाहिए। दुष्कर्म करने वालों को इसी तरह से फांसी पर लटकाना चाहिए। - मिथलेश शर्मा, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय जागृति मंच
निर्भया के दोषियों को जिस तरह से फांसी पर लटकाया गया है, उसी तरह से अन्य उन दोषियों को भी फांसी पर लटकाकर मौत की सजा देनी चाहिए, जिन्होंने निर्भया जैसी कितनी ही बेटियों के साथ दुष्कर्म जैसी वारदात को अंजाम दिया है। ऐसे अपराधियों को एक माह के अंदर मौत की सजा मिलनी चाहिए, तभी जाकर महिलाएं सुरक्षित होंगी। - डॉ. अंजलि जैन, अध्यक्ष रोटरी क्लब संस्कार
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आज महिलाओं का निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने से सम्मान बढ़ा है। महिलाओं को सही मायने में न्याय मिला है। हर उस बेटी को न्याय मिलना चाहिए जो दुष्कर्म की पीड़िता हैं। अपराधियों को छोड़ना नहीं चाहिए। - डॉ. उमा शर्मा, चिकित्सक
न्यायालय में हर व्यक्ति को न्याय मिलता है। सर्वोच्च न्यायालय ने निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकवाकर साबित कर दिया है कि न्याय में देरी हो सकता है, लेकिन न्याय मिलता अवश्य है। आज एक बार फिर लोगों का विश्वास न्यायालयों के प्रति बढ़ा है। महिलाओं में खुशी है। - राजीव लांबा, वरिष्ठ अधिवक्ता
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पलवल। निर्भया के दोषियों को शुक्रवार को फांसी मिलने से महिलाओं सहित हर वर्ग में खुशी है। लोगों का कहना है कि आज निर्भया को और उनके परिजनों को न्याय मिला है। यह न्याय पहले ही मिल जाना चाहिए था। महिलाओं ने कहा कि कानून में ऐसा प्रावधान हो कि दुष्कर्म करने वालों को एक माह के अंदर मौत की सजा मिले। इस अवसर पर महिला जागृति मंच ने आसपास की महिलाओं को एकत्रित कर मिठाई खिलाई और दोषियों को फांसी पर लटकाने पर सर्वोच्च न्यायालय का धन्यवाद किया।
निर्भया के दोषियों को पहले ही फांसी पर लटकाना चाहिए था, लेकिन देर से ही सही आज सही मायने में निर्भया और उसके माता-पिता को न्याय मिला है। निर्भया के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने वाले वकीलों को पुरस्कृत करना चाहिए। दुष्कर्म करने वालों को इसी तरह से फांसी पर लटकाना चाहिए। - मिथलेश शर्मा, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय जागृति मंच
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निर्भया के दोषियों को जिस तरह से फांसी पर लटकाया गया है, उसी तरह से अन्य उन दोषियों को भी फांसी पर लटकाकर मौत की सजा देनी चाहिए, जिन्होंने निर्भया जैसी कितनी ही बेटियों के साथ दुष्कर्म जैसी वारदात को अंजाम दिया है। ऐसे अपराधियों को एक माह के अंदर मौत की सजा मिलनी चाहिए, तभी जाकर महिलाएं सुरक्षित होंगी। - डॉ. अंजलि जैन, अध्यक्ष रोटरी क्लब संस्कार
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आज महिलाओं का निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने से सम्मान बढ़ा है। महिलाओं को सही मायने में न्याय मिला है। हर उस बेटी को न्याय मिलना चाहिए जो दुष्कर्म की पीड़िता हैं। अपराधियों को छोड़ना नहीं चाहिए। - डॉ. उमा शर्मा, चिकित्सक
न्यायालय में हर व्यक्ति को न्याय मिलता है। सर्वोच्च न्यायालय ने निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकवाकर साबित कर दिया है कि न्याय में देरी हो सकता है, लेकिन न्याय मिलता अवश्य है। आज एक बार फिर लोगों का विश्वास न्यायालयों के प्रति बढ़ा है। महिलाओं में खुशी है। - राजीव लांबा, वरिष्ठ अधिवक्ता