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Palwal News: आदेश के बावजूद रास्ता नहीं कराया बहाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। खंड नगीना के गांव नगीना स्थित वार्ड नंबर 15 (चैनपुरी मोहल्ला) में आम रास्ते और तालाब की जमीन पर कब्जे का मामला गरमाता जा रहा है। मुख्यमंत्री खिड़की पर शिकायत और अधिकारियों के आदेश के बावजूद धरातल पर अब तक रास्ता बहाल नहीं कराया जा सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 16.50 फीट चौड़े आम रास्ते पर कुछ दबंगों ने पक्के मकान बनाकर कब्जा कर लिया है, जिससे लोगों का निकलना दुश्वार हो गया है।
ग्रामीण इरफान और नफीस अहमद का कहना है कि एक वर्ष पूर्व पहली शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद इस वर्ष जून में पुनः मुख्यमंत्री खिड़की के माध्यम से अधिकारियों को लिखित पत्र सौंपा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी रास्ते से अवैध निर्माण हटाने के आदेश जारी हुए थे और बीडीपीओ ने मौका मुआयना भी किया था, लेकिन इसके बावजूद रास्ता नहीं खुलवाया गया। उन्होंने अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। ताजा घटनाक्रम के तहत गांव के सरपंच नसीम अहमद और यूनुस नंबरदार की मौजूदगी में प्रशासनिक स्तर पर धरातल जांच की गई।
कोट
स्थिति का आकलन कर नियमों के तहत कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से नियमानुसार हर संभव मदद और प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। -विशाल आजाद, बीडीपीओ
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नगीना। खंड नगीना के गांव नगीना स्थित वार्ड नंबर 15 (चैनपुरी मोहल्ला) में आम रास्ते और तालाब की जमीन पर कब्जे का मामला गरमाता जा रहा है। मुख्यमंत्री खिड़की पर शिकायत और अधिकारियों के आदेश के बावजूद धरातल पर अब तक रास्ता बहाल नहीं कराया जा सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 16.50 फीट चौड़े आम रास्ते पर कुछ दबंगों ने पक्के मकान बनाकर कब्जा कर लिया है, जिससे लोगों का निकलना दुश्वार हो गया है।
ग्रामीण इरफान और नफीस अहमद का कहना है कि एक वर्ष पूर्व पहली शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद इस वर्ष जून में पुनः मुख्यमंत्री खिड़की के माध्यम से अधिकारियों को लिखित पत्र सौंपा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी रास्ते से अवैध निर्माण हटाने के आदेश जारी हुए थे और बीडीपीओ ने मौका मुआयना भी किया था, लेकिन इसके बावजूद रास्ता नहीं खुलवाया गया। उन्होंने अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। ताजा घटनाक्रम के तहत गांव के सरपंच नसीम अहमद और यूनुस नंबरदार की मौजूदगी में प्रशासनिक स्तर पर धरातल जांच की गई।
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स्थिति का आकलन कर नियमों के तहत कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से नियमानुसार हर संभव मदद और प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। -विशाल आजाद, बीडीपीओ
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