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Palwal News: पुराने कोर्ट की जगह विकसित होगा 2.45 करोड़ का पार्क
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जिला मुख्यालय बने दो दशक से ज्यादा बीते, लेकिन शहरवासियों को आज तक नहीं मिली घूमने-टहलने की बड़ी और बेहतर जगह
एमडीए ने तैयार कराई डीपीआर अब काम शुरू होने का इंतजार
शेरसिंह डागर
नूंह। जिला मुख्यालय बने नूंह शहर को दो दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन शहरवासियों के लिए आज तक कोई ऐसा बड़ा और व्यवस्थित सार्वजनिक पार्क नहीं बन पाया, जहां लोग सुबह-शाम सुकून से घूम सकें, बच्चे खेल सकें और बुजुर्ग खुली हवा में समय बिता सकें। अब शहरवासियों की यह वर्षों पुरानी कमी दूर होने की उम्मीद जगी है। पुराने कोर्ट की जगह पर बड़ा पब्लिक पार्क विकसित करने की योजना तैयार की गई है, जिसके लिए करीब 2.45 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है।
मेवात विकास एजेंसी की ओर से 28 जून 2026 को नगर परिषद नूंह के कार्यकारी अभियंता को भेजे गए पत्र में पब्लिक पार्क के निर्माण के लिए 2.45 लाख की डीपीआर प्रस्तुत किए जाने की जानकारी दी गई है। पत्र में निर्माण कार्य के लिए विस्तृत अनुमान प्रस्तुत करने तथा इसके बाद प्रशासनिक स्वीकृति जारी कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।
छोटे पार्कों से नहीं चल रहा काम
नूंह शहर में छोटे छोटे गांधी पार्क और शहीदी पार्क जैसे पार्क पहले से मौजूद हैं, लेकिन ये अपेक्षाकृत छोटे हैं और लंबे समय से रखरखाव की कमी से जूझते रहे हैं। ऐसे में शहर की बढ़ती आबादी और जरूरतों को देखते हुए बड़े सार्वजनिक पार्क की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। शहरवासियों का कहना है कि नूंह में घूमने-फिरने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान का अभाव है। सुबह-शाम सैर करने वाले लोगों को भी सड़कों या छोटे पार्कों का सहारा लेना पड़ता है।
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पुराने कोर्ट की वीरान जगह पर पार्क विकसित होने से शहर को एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। शहर के नजदीक होने के कारण इसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल सकेगा। लोगों की उम्मीद है कि पार्क को केवल पेड़-पौधे लगाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे आधुनिक और व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाएगा, ताकि बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सभी के लिए यह उपयोगी साबित हो।
20 साल से ज्यादा इंतजार
संजय गर्ग उर्फ बिट्टू, मकसूद अहमद, अनिल कुमार, ताहिर एडवोकेट का कहना है कि नूंह को जिला मुख्यालय बने 20 वर्ष से अधिक समय हो चुका है। इस दौरान शहर में सरकारी कार्यालयों और विभिन्न संस्थानों का विस्तार हुआ तथा आबादी भी बढ़ी, लेकिन आम लोगों के लिए मनोरंजन और स्वास्थ्य से जुड़ी सार्वजनिक सुविधाओं का उसी अनुपात में विस्तार नहीं हो सका। मेवात विकास एजेंसी की ओर से डीपीआर तैयार होने और निर्माण के लिए विस्तृत अनुमान व प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने से पार्क बनने की उम्मीद मजबूत हुई है।
वर्जन
-
हमारी कोशिश है कि शहर के नजदीक बेहतर पार्क बने। इसके लिए जिला प्रशासन से आग्रह किया गया है और कागजी कार्यवाही शुरू हो गई है। -संजय मनोचा, चेयरमैन, नप
पार्क बनेगा तो युवाओं को स्वस्थ माहौल और बेहतर सार्वजनिक स्थान मिलेगा। -मो. कैफ, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष
दो दशक का इंतजार खत्म होना चाहिए, अब पार्क का काम जल्द शुरू हो। -ताहिर हुसैन देवला, अधिवक्ता
पार्क शहर की खूबसूरती के साथ लोगों की सेहत के लिए भी जरूरी है। -इरफान खान, समाजसेवी
पुराने कोर्ट की जगह का इससे बेहतर सार्वजनिक उपयोग नहीं हो सकता। -वसीम, अधिवक्ता
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एमडीए ने तैयार कराई डीपीआर अब काम शुरू होने का इंतजार
शेरसिंह डागर
नूंह। जिला मुख्यालय बने नूंह शहर को दो दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन शहरवासियों के लिए आज तक कोई ऐसा बड़ा और व्यवस्थित सार्वजनिक पार्क नहीं बन पाया, जहां लोग सुबह-शाम सुकून से घूम सकें, बच्चे खेल सकें और बुजुर्ग खुली हवा में समय बिता सकें। अब शहरवासियों की यह वर्षों पुरानी कमी दूर होने की उम्मीद जगी है। पुराने कोर्ट की जगह पर बड़ा पब्लिक पार्क विकसित करने की योजना तैयार की गई है, जिसके लिए करीब 2.45 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है।
मेवात विकास एजेंसी की ओर से 28 जून 2026 को नगर परिषद नूंह के कार्यकारी अभियंता को भेजे गए पत्र में पब्लिक पार्क के निर्माण के लिए 2.45 लाख की डीपीआर प्रस्तुत किए जाने की जानकारी दी गई है। पत्र में निर्माण कार्य के लिए विस्तृत अनुमान प्रस्तुत करने तथा इसके बाद प्रशासनिक स्वीकृति जारी कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।
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छोटे पार्कों से नहीं चल रहा काम
नूंह शहर में छोटे छोटे गांधी पार्क और शहीदी पार्क जैसे पार्क पहले से मौजूद हैं, लेकिन ये अपेक्षाकृत छोटे हैं और लंबे समय से रखरखाव की कमी से जूझते रहे हैं। ऐसे में शहर की बढ़ती आबादी और जरूरतों को देखते हुए बड़े सार्वजनिक पार्क की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। शहरवासियों का कहना है कि नूंह में घूमने-फिरने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान का अभाव है। सुबह-शाम सैर करने वाले लोगों को भी सड़कों या छोटे पार्कों का सहारा लेना पड़ता है।
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पुराने कोर्ट की वीरान जगह पर पार्क विकसित होने से शहर को एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। शहर के नजदीक होने के कारण इसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल सकेगा। लोगों की उम्मीद है कि पार्क को केवल पेड़-पौधे लगाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे आधुनिक और व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाएगा, ताकि बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सभी के लिए यह उपयोगी साबित हो।
20 साल से ज्यादा इंतजार
संजय गर्ग उर्फ बिट्टू, मकसूद अहमद, अनिल कुमार, ताहिर एडवोकेट का कहना है कि नूंह को जिला मुख्यालय बने 20 वर्ष से अधिक समय हो चुका है। इस दौरान शहर में सरकारी कार्यालयों और विभिन्न संस्थानों का विस्तार हुआ तथा आबादी भी बढ़ी, लेकिन आम लोगों के लिए मनोरंजन और स्वास्थ्य से जुड़ी सार्वजनिक सुविधाओं का उसी अनुपात में विस्तार नहीं हो सका। मेवात विकास एजेंसी की ओर से डीपीआर तैयार होने और निर्माण के लिए विस्तृत अनुमान व प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने से पार्क बनने की उम्मीद मजबूत हुई है।
वर्जन
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हमारी कोशिश है कि शहर के नजदीक बेहतर पार्क बने। इसके लिए जिला प्रशासन से आग्रह किया गया है और कागजी कार्यवाही शुरू हो गई है। -संजय मनोचा, चेयरमैन, नप
पार्क बनेगा तो युवाओं को स्वस्थ माहौल और बेहतर सार्वजनिक स्थान मिलेगा। -मो. कैफ, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष
दो दशक का इंतजार खत्म होना चाहिए, अब पार्क का काम जल्द शुरू हो। -ताहिर हुसैन देवला, अधिवक्ता
पार्क शहर की खूबसूरती के साथ लोगों की सेहत के लिए भी जरूरी है। -इरफान खान, समाजसेवी
पुराने कोर्ट की जगह का इससे बेहतर सार्वजनिक उपयोग नहीं हो सकता। -वसीम, अधिवक्ता