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पलवल नगर परिषद के पास कूड़ा डालने की जगह नहीं
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पलवल। स्वच्छ सर्वेक्षण में बेशक पिछले साल की तुलना में पलवल की रैंकिंग पहले से बेहतर आई है, लेकिन आज भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। जगह-जगह गंदगी के ढेर पड़े देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं आज भी नगर परिषद व प्रशासन पलवल के अंदर कूड़ा डालने के लिए उचित स्थान की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं जिसके चलते शहर के अंदर ही नहीं राजमार्ग पर भी जगह-जगह गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं। ये गंदगी के ढेर न सिर्फ स्वच्छ सर्वेक्षण में पलवल की रैंकिंग को खराब करते हैं, बल्कि देशी-विदेशी पर्यटकों के समक्ष भी पलवल की गंदी तस्वीर पेश करते हैं।
पलवल को 2008 में जिला बनाने के बाद नगर परिषद व जिला प्रशासन ने शहर से एकत्रित होने वाले कूड़े को एक स्थान पर डालने की योजना बनाई, ताकि कूड़े का निस्तारण हो सके लेकिन आज तक स्थायी तौर पर प्रशासन व नगर परिषद इसके लिए स्थान सुनिश्चित नहीं कर पाए। योजना बनने के करीब दो साल बाद पलवल-सोहना रोड पर मेघपुर गांव से लगती खाली पड़ी जमीन पर कूड़ा डालना शुरू भी करा दिया, लेकिन आबादी के नजदीक होने के कारण ग्रामीणों ने इसके खिलाफ एनजीटी तथा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी। जिसके बाद नगर परिषद को वहां से कूड़ा डालना रोकना पड़ा। उसके बाद परिषद द्वारा गांव फिरोजपुर के पास कूड़ा डालने के लिए निस्तारण केंद्र स्थापित कर कूड़ा डालना शुरू कराया लेकिन वहां भी लोगों ने विरोध कर उसे बंद करा दिया। अब नगर परिषद के पास शहर से एकत्रित होने वाले कूड़ा को डालने के लिए कोई उचित स्थान नहीं है।
आलापुर के पास राजमार्ग पर सड़क किनारे डाला जा रहा कचरा
कूड़ा डालने के लिए जब नगर परिषद उचित स्थान की व्यवस्था नहीं कर पाई तो दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर आलापुर गांव के पास सड़क किनारे ही कूड़ा डालना शुरू कर दिया। आज हालात ये हैं कि शहर के सभी 31 वार्डों व अन्य जगहों से जो कूड़ा एकत्रित होता है, उसे कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में भरवाकर सड़क किनारे दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर डलवाया जा रहा है। देखते ही देखते वहां कुछ ही दिनों में कूड़े का घर सा नजर आने लगा है। खास बात यह है कि जहां कूड़ा डाला जा रहा है, उसके बिल्कुल पीछे एसएआरएस सेक्टर 6 तथा साथ लगता आलापुर गांव हैं।
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लोगों को हो रही परेशानी
दिल्ली आगरा राजमार्ग पर सड़क किनारे कूड़ा डालने से जहां वहां से गुजरने वाले पर्यटकों व आम लोगों को परेशानी हो रही है, वहीं आलापुर गांव व एसआरएस सेक्टर के लोगों का घरों के अंदंर भी रहना मुश्किल हा ेरहा है। गंदगी से उठने वाली बदबू हवा के साथ उड़कर गांव में पहुंच रही है। इसके अलावा राजमार्ग पर भी वहां से गुजरने वाले वाहनों में सवार लोगों को मुुह पर कपड़ा रखना पड़ता है।
ऐसे कैसे सुधरेगी रैंकिंग
एक तरफ कूड़ा डालने की जगह न होने पर राजमार्ग पर डाला जा रहा कूड़ा तो दूसरी तरफ शहर के अंदर जगह-जगह पड़े गंदगी के ढेरों को कई-कई दिनों तक न उठाया जाना तथा पूरे पलवल में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था न होने से पलवल स्वच्छ सर्वेक्षण में रैंकिंग कैसे सुधार पाएगा। इस तरफ आज तक न तो नगर परिषद का ध्यान है औेर न ही प्रशासन का। इसी के चलते शहर में प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ा रहता है।
शहर में जगह-जगह पड़े रहने वाले गंदगी के ढेरों को उठाने की तरफ नगर परिषद ध्यान दे। सड़कों के किनारे कूड़ा डालने पर रोक लगाई जाए तथा कूड़ा डालने के लिए ऐसा स्थान सुनिश्चित किया जाए, जहां किसी को परेशानी न हो।
-सतीश बैंसला
नगर परिषद के पास गंदगी डालने का स्थान न होना अपने आप में एक बड़ी समस्या है। वैसे तो दावे बड़े-बड़े किए जाते हैं, लेकिन आज तक कूड़ा डालने का स्थान भी उपलब्ध नहीं हो पाया है। परिषद व प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
-बुध सिंह
शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही कूड़ा डालने का भी स्थान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए उचित जगह की तलाश की जा रही है। फिलहाल जहां कूड़ा डाला जा रहा है , वह अस्थायी तौर पर डाला जा रहा हैै, क्योंकि फिरोजपुर में जहां कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाए थे, उसका ग्रामीणों ने विरोध कर दिया था। उसके बाद अस्थायी जगह पर कूड़ा डाला जा रहा हैै। जल्द ही उचित व्यवस्था की जाएगी।
-मनोज यादव , कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद पलवल
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पलवल को 2008 में जिला बनाने के बाद नगर परिषद व जिला प्रशासन ने शहर से एकत्रित होने वाले कूड़े को एक स्थान पर डालने की योजना बनाई, ताकि कूड़े का निस्तारण हो सके लेकिन आज तक स्थायी तौर पर प्रशासन व नगर परिषद इसके लिए स्थान सुनिश्चित नहीं कर पाए। योजना बनने के करीब दो साल बाद पलवल-सोहना रोड पर मेघपुर गांव से लगती खाली पड़ी जमीन पर कूड़ा डालना शुरू भी करा दिया, लेकिन आबादी के नजदीक होने के कारण ग्रामीणों ने इसके खिलाफ एनजीटी तथा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी। जिसके बाद नगर परिषद को वहां से कूड़ा डालना रोकना पड़ा। उसके बाद परिषद द्वारा गांव फिरोजपुर के पास कूड़ा डालने के लिए निस्तारण केंद्र स्थापित कर कूड़ा डालना शुरू कराया लेकिन वहां भी लोगों ने विरोध कर उसे बंद करा दिया। अब नगर परिषद के पास शहर से एकत्रित होने वाले कूड़ा को डालने के लिए कोई उचित स्थान नहीं है।
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आलापुर के पास राजमार्ग पर सड़क किनारे डाला जा रहा कचरा
कूड़ा डालने के लिए जब नगर परिषद उचित स्थान की व्यवस्था नहीं कर पाई तो दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर आलापुर गांव के पास सड़क किनारे ही कूड़ा डालना शुरू कर दिया। आज हालात ये हैं कि शहर के सभी 31 वार्डों व अन्य जगहों से जो कूड़ा एकत्रित होता है, उसे कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में भरवाकर सड़क किनारे दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर डलवाया जा रहा है। देखते ही देखते वहां कुछ ही दिनों में कूड़े का घर सा नजर आने लगा है। खास बात यह है कि जहां कूड़ा डाला जा रहा है, उसके बिल्कुल पीछे एसएआरएस सेक्टर 6 तथा साथ लगता आलापुर गांव हैं।
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लोगों को हो रही परेशानी
दिल्ली आगरा राजमार्ग पर सड़क किनारे कूड़ा डालने से जहां वहां से गुजरने वाले पर्यटकों व आम लोगों को परेशानी हो रही है, वहीं आलापुर गांव व एसआरएस सेक्टर के लोगों का घरों के अंदंर भी रहना मुश्किल हा ेरहा है। गंदगी से उठने वाली बदबू हवा के साथ उड़कर गांव में पहुंच रही है। इसके अलावा राजमार्ग पर भी वहां से गुजरने वाले वाहनों में सवार लोगों को मुुह पर कपड़ा रखना पड़ता है।
ऐसे कैसे सुधरेगी रैंकिंग
एक तरफ कूड़ा डालने की जगह न होने पर राजमार्ग पर डाला जा रहा कूड़ा तो दूसरी तरफ शहर के अंदर जगह-जगह पड़े गंदगी के ढेरों को कई-कई दिनों तक न उठाया जाना तथा पूरे पलवल में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था न होने से पलवल स्वच्छ सर्वेक्षण में रैंकिंग कैसे सुधार पाएगा। इस तरफ आज तक न तो नगर परिषद का ध्यान है औेर न ही प्रशासन का। इसी के चलते शहर में प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ा रहता है।
शहर में जगह-जगह पड़े रहने वाले गंदगी के ढेरों को उठाने की तरफ नगर परिषद ध्यान दे। सड़कों के किनारे कूड़ा डालने पर रोक लगाई जाए तथा कूड़ा डालने के लिए ऐसा स्थान सुनिश्चित किया जाए, जहां किसी को परेशानी न हो।
-सतीश बैंसला
नगर परिषद के पास गंदगी डालने का स्थान न होना अपने आप में एक बड़ी समस्या है। वैसे तो दावे बड़े-बड़े किए जाते हैं, लेकिन आज तक कूड़ा डालने का स्थान भी उपलब्ध नहीं हो पाया है। परिषद व प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
-बुध सिंह
शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही कूड़ा डालने का भी स्थान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए उचित जगह की तलाश की जा रही है। फिलहाल जहां कूड़ा डाला जा रहा है , वह अस्थायी तौर पर डाला जा रहा हैै, क्योंकि फिरोजपुर में जहां कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाए थे, उसका ग्रामीणों ने विरोध कर दिया था। उसके बाद अस्थायी जगह पर कूड़ा डाला जा रहा हैै। जल्द ही उचित व्यवस्था की जाएगी।
-मनोज यादव , कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद पलवल