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छोटे दुकानदार दिखा रहे हैं डिजीटल ट्रांजेक्शन की राह
palwal
Updated Wed, 14 Dec 2016 04:46 PM IST
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शहर के मुख्य बाजारों में शुमार जवाहर नगर कैंप बाजार के छोटे दुकानदार डिजीटल ट्रांजेक्शन की राह दिखा रहे हैं। खान-पान की रेहड़ी लगाने वाले कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर कैशलेस की सुविधा शुरू की तो, उनकी देखदेखी बड़े दुकानदार भी उनकी राह पर चल पड़े हैं।
कैंप मार्केट में 200 के आसपास दुकानें हैं। यहां की चाट पकौड़ी, ब्रेड़ पकौड़ों व छोले भटूरे का स्वाद चखने के लिए सारे शहर व आस-पास के लोग बाजार का रुख करते हैं। नोटबंदी के बाद जब लोगों की जेब खाली होने लगी तो दुकानदारों के धंधे भी कम होने लगे। यूं तो यहां की मार्केट में पांच बैंकों के एटीएम भी लगे हैं, लेकिन वो लोगों को पैसा देने में सक्षम नहीं हैं। कैश की किल्लत का समाधान ढूंढते हुए दुकानदारों ने डिजीटल की राह पकड़ ली व इसे शुरू करने वालों में बाजी मारी छोटे दुकानदारों ने।
काके दे छोले भटूरे के नाम से रेहड़ी लगाने वाले रजत का कहना है कि उन्होंने 20 रोज पूर्व ही पेटीएम एप इंस्टाल कर लिया था। इसी प्रकार यशी व पाशी भटूरे वालों ने भी एप इंस्टाल कर लिया। शाम के समय गोलगप्पे की रेहड़ी लगाने वाले सोनू ने भी उनसे पूछ कर एप इंस्टाल कर लिया व चाट पापड़ी खाने वालों से भुगतान लेना शुरू कर दिया।
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बड़े दुकानदारों के लिए बने मिसाल :
जब छोटे दुकानदारों व रेहड़ी संचालकों ने कैशलेस प्रणाली को चुना तो उनकी देखदेखी बड़े दुकानदारों ने भी उनकी राह पर चलना शुरू कर दिया। अब आलम यह है कि बाजार के सभी मोबाइल विक्रेता, रेडीमेड कपड़ों के शोरूम संचालक व सौंदर्य प्रसाधन बेचने वाले भी इसी राह पर हैं। हालांकि बाजार में अभी तक पांच-छह दुकानों पर ही कार्ड स्वाईप मशीनें लगी हुई हैं, इसके लिए और भी कई दुकानदारों ने आवेदन किया हुआ है। लेकिन अभी तक परचून के सामान के विक्रेताओं का रुख इस तरफ नहीं हैं।
बाजार में करीब 30 फीसदी दुकानदार पेटीएम से खरीददारी करवा रहे हैं। क्योंकि बैंक स्वाईप मशीनें देने में समय ले रहे हैं, इसके चलते ये अभी कम लगी हैं। उम्मीद है कि शीघ्र ही अधिकांश दुकानों पर प्लास्टिक मनी चलनी शुरू हो जाएगी।
-दिनेश आर्य, प्रधान, मार्किट एसोसिएशन
15 दिन बाद एटीएम में आए रुपए, घंटे भर में हुआ खाली :
जवाहर नगर कैंप मार्केट में यूं तो पांच बैंकों के एटीएम लगे हुए हैं। लेकिन 15 दिन से किसी भी एटीएम ने पैसे नहीं उगले। अमर उजाला ने मंगलवार की बाद दोपहर जब बाजार की समीक्षा की तो उसी समय एसबीआई बैंक के एटीएम में पैसे भी डाले गए। पैसे डालने की बात जैसे ही लोगों को पता चली, एटीएम के बाहर भीड़ लगनी शुरू हो गई व करीब दो घंटे के अंदर ही एटीएम खाली भी हो गया।
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कैंप मार्केट में 200 के आसपास दुकानें हैं। यहां की चाट पकौड़ी, ब्रेड़ पकौड़ों व छोले भटूरे का स्वाद चखने के लिए सारे शहर व आस-पास के लोग बाजार का रुख करते हैं। नोटबंदी के बाद जब लोगों की जेब खाली होने लगी तो दुकानदारों के धंधे भी कम होने लगे। यूं तो यहां की मार्केट में पांच बैंकों के एटीएम भी लगे हैं, लेकिन वो लोगों को पैसा देने में सक्षम नहीं हैं। कैश की किल्लत का समाधान ढूंढते हुए दुकानदारों ने डिजीटल की राह पकड़ ली व इसे शुरू करने वालों में बाजी मारी छोटे दुकानदारों ने।
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काके दे छोले भटूरे के नाम से रेहड़ी लगाने वाले रजत का कहना है कि उन्होंने 20 रोज पूर्व ही पेटीएम एप इंस्टाल कर लिया था। इसी प्रकार यशी व पाशी भटूरे वालों ने भी एप इंस्टाल कर लिया। शाम के समय गोलगप्पे की रेहड़ी लगाने वाले सोनू ने भी उनसे पूछ कर एप इंस्टाल कर लिया व चाट पापड़ी खाने वालों से भुगतान लेना शुरू कर दिया।
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बड़े दुकानदारों के लिए बने मिसाल :
जब छोटे दुकानदारों व रेहड़ी संचालकों ने कैशलेस प्रणाली को चुना तो उनकी देखदेखी बड़े दुकानदारों ने भी उनकी राह पर चलना शुरू कर दिया। अब आलम यह है कि बाजार के सभी मोबाइल विक्रेता, रेडीमेड कपड़ों के शोरूम संचालक व सौंदर्य प्रसाधन बेचने वाले भी इसी राह पर हैं। हालांकि बाजार में अभी तक पांच-छह दुकानों पर ही कार्ड स्वाईप मशीनें लगी हुई हैं, इसके लिए और भी कई दुकानदारों ने आवेदन किया हुआ है। लेकिन अभी तक परचून के सामान के विक्रेताओं का रुख इस तरफ नहीं हैं।
बाजार में करीब 30 फीसदी दुकानदार पेटीएम से खरीददारी करवा रहे हैं। क्योंकि बैंक स्वाईप मशीनें देने में समय ले रहे हैं, इसके चलते ये अभी कम लगी हैं। उम्मीद है कि शीघ्र ही अधिकांश दुकानों पर प्लास्टिक मनी चलनी शुरू हो जाएगी।
-दिनेश आर्य, प्रधान, मार्किट एसोसिएशन
15 दिन बाद एटीएम में आए रुपए, घंटे भर में हुआ खाली :
जवाहर नगर कैंप मार्केट में यूं तो पांच बैंकों के एटीएम लगे हुए हैं। लेकिन 15 दिन से किसी भी एटीएम ने पैसे नहीं उगले। अमर उजाला ने मंगलवार की बाद दोपहर जब बाजार की समीक्षा की तो उसी समय एसबीआई बैंक के एटीएम में पैसे भी डाले गए। पैसे डालने की बात जैसे ही लोगों को पता चली, एटीएम के बाहर भीड़ लगनी शुरू हो गई व करीब दो घंटे के अंदर ही एटीएम खाली भी हो गया।