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गेहूं बेचने के ढाई माह बाद भी भुगतान नहीं

Wed, 16 Jun 2021 10:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jun 2021 10:21 PM IST
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No payment even after two and a half months of selling wheat
होडल। मुख्यमंत्री जी! गेहूं की फसल के पैसे दिलवा दो। ढाई माह बाद भी फसल के रुपये अब तक नहीं मिले हैं। यह गुहार एक किसान की नहीं बल्कि होडल क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की है। किसानों ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि समर्थन मूल्य पर बेचे गए गेहूं के भुगतान के लिए पिछले दो माह से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनके खाते में धनराशि नहीं आई है। किसानों का कहना है कि वह पासबुक में नाम भी ठीक करा चुके हैं, इसके बावजूद धनराशि खाते में नहीं आई है। किसानों ने अब सीएम विंडो पर शिकायत कर जल्द भुगतान कराने की मांग की है।
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राम अवतार, हरि सिंह और मोहन सिंह आदि किसानों का कहना है कि उन्होंने पट्टे पर जमीन लेकर गेहूं की खेती की थी। मार्च माह में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री के लिए पोर्टल पर पंजीकरण भी करा दिया था। इसके बाद 9 अप्रैल को नई अनाज मंडी में आढ़ती के माध्यम से सरकारी समर्थन मूल्य पर सैकड़ों क्विंटल गेहूं बेच दिया था। काफी समय बीतने के बाद भी जब खाते में गेहूं का भुगतान नहीं पहुंचा तो वे अधिकारियों से मिले। वहां बताया गया कि उनके नाम में त्रुटि है, जिस कारण खाते में भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसके बाद नाम में त्रुटि को भी ठीक करा लिया, लेकिन फिर भी नहीं आई। इसके लिए वह हैफेड, मार्केट कमेटी कार्यालय में भी गए थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। किसानों ने बताया कि वह इस संबंध में एसडीएम से भी मिल चुके हैं। धनराशि नहीं मिलने से वह आगामी फसल की भी बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने जल्द गेहूं का भुगतान दिलाने की मांग की है।
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गलतियों के कारण कई किसानों के पैसे अटके
नाम और अन्य गलतियों के कारण काफी किसानों का पैसा अटका हुआ है। किसानों का कहना है कि एक तरफ सरकार 72 घंटे के अंदर भुगतान करने का दावा करती है, लेकिन खरीद बंद होने के 20 दिन बाद भी धनराशि नहीं मिली है।
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नाम में अशुद्धियों के कारण भुगतान नहीं : डीएम
हैफेड के जिला प्रबंधक (डीएम) वीपी मलिक का कहना है कि उन्हें भुगतान के बारे में जानकारी नहीं है। सारा कार्य पोर्टल के माध्यम से हो रहा है। पोर्टल पर कुछ किसानों के नाम में अशुद्धियों की वजह से भुगतान नहीं हुआ है। अशुद्धियों ठीक करवाई जा रही है। अगर नाम ठीक है तथा कोई अन्य समस्या है तो किसान मार्केट कमेटी या हैफेड कार्यालय में आकर मिल सकते हैं। किसानों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
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