{"_id":"6aeb798fb68e53844a0bf4e8","slug":"mewat-engineering-college-dispute-no-consensus-reached-on-any-demand-palwal-news-c-25-1-mwt1009-116993-2026-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज विवाद : किसी भी मांग पर नहीं बनी सहमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज विवाद : किसी भी मांग पर नहीं बनी सहमति
विज्ञापन
लघु सचिवालय में प्रशासन व वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के बीच छात्रों ने रखे अपने मुद्दे
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज की बदहाल व्यवस्था, कर्मचारियों के बकाया वेतन और संस्थान के भविष्य को लेकर पिछले करीब 34 दिनों से चल रहा विद्यार्थियों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। आंदोलन को समाप्त कराने और विवाद का समाधान निकालने के उद्देश्य से बुधवार को जिला लघु सचिवालय में प्रशासन और वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के साथ आंदोलनकारी छात्रों की बैठक हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में कॉलेज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन पाई। ऐसे में बैठक बेनतीजा रहने के बाद विद्यार्थियों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
बैठक में हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक जाकिर हुसैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शमीम और जिला उपायुक्त अखिल पिलानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने कॉलेज के संचालन, प्रबंधन व्यवस्था और संस्थान के भविष्य को लेकर अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। छात्रों का कहना था कि कॉलेज की समस्याओं का स्थायी समाधान किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में शामिल छात्र साजिदा, रमीम, समीर, नवेद, तनवीर, अबू सामा, हर्ष कुमार, इमरान, अब्दुल रहमान और अदनान ने आरोप लगाया कि बैठक में उनकी समस्याओं के समाधान पर गंभीरता से चर्चा करने के बजाय उन्हें कॉलेज के अपने ही स्टाफ के खिलाफ गुमराह करने की कोशिश की गई। छात्रों का कहना है कि उन्होंने बैठक में कॉलेज की बदहाल व्यवस्था और भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाए थे, लेकिन समाधान देने के बजाय उन पर आंदोलन समाप्त करने का दबाव बनाने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि कॉलेज की व्यवस्था में सुधार और संस्थान के बेहतर भविष्य के लिए है।
विज्ञापन
सरकारी नियंत्रण से लेकर बकाया वेतन तक उठाई मांगें
विद्यार्थियों की प्रमुख मांगों में मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज को सरकारी नियंत्रण में लेकर संचालित करना, शिक्षकों की नियमित नियुक्ति, कर्मचारियों का लंबे समय से लंबित वेतन जारी करना और कॉलेज में मूलभूत सुविधाएं बहाल करना शामिल है। इसके अलावा विद्यार्थी कॉलेज के संचालन के लिए स्थायी व्यवस्था और संस्थान के भविष्य को लेकर स्पष्ट निर्णय चाहते हैं। बुधवार को प्रशासन और वक्फ बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक से विद्यार्थियों को समाधान की उम्मीद थी, लेकिन डेढ़ घंटे की बातचीत के बाद भी कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। बैठक में सहमति नहीं बनने और छात्रों की ओर से आंदोलन जारी रखने के ऐलान के बाद फिलहाल विवाद के जल्द सुलझने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और वक्फ बोर्ड विद्यार्थियों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और कॉलेज के भविष्य को लेकर कोई ठोस निर्णय कब तक लिया जाता है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज की बदहाल व्यवस्था, कर्मचारियों के बकाया वेतन और संस्थान के भविष्य को लेकर पिछले करीब 34 दिनों से चल रहा विद्यार्थियों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। आंदोलन को समाप्त कराने और विवाद का समाधान निकालने के उद्देश्य से बुधवार को जिला लघु सचिवालय में प्रशासन और वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के साथ आंदोलनकारी छात्रों की बैठक हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में कॉलेज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन पाई। ऐसे में बैठक बेनतीजा रहने के बाद विद्यार्थियों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
बैठक में हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक जाकिर हुसैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शमीम और जिला उपायुक्त अखिल पिलानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने कॉलेज के संचालन, प्रबंधन व्यवस्था और संस्थान के भविष्य को लेकर अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। छात्रों का कहना था कि कॉलेज की समस्याओं का स्थायी समाधान किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
बैठक में शामिल छात्र साजिदा, रमीम, समीर, नवेद, तनवीर, अबू सामा, हर्ष कुमार, इमरान, अब्दुल रहमान और अदनान ने आरोप लगाया कि बैठक में उनकी समस्याओं के समाधान पर गंभीरता से चर्चा करने के बजाय उन्हें कॉलेज के अपने ही स्टाफ के खिलाफ गुमराह करने की कोशिश की गई। छात्रों का कहना है कि उन्होंने बैठक में कॉलेज की बदहाल व्यवस्था और भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाए थे, लेकिन समाधान देने के बजाय उन पर आंदोलन समाप्त करने का दबाव बनाने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि कॉलेज की व्यवस्था में सुधार और संस्थान के बेहतर भविष्य के लिए है।
विज्ञापन
सरकारी नियंत्रण से लेकर बकाया वेतन तक उठाई मांगें
विद्यार्थियों की प्रमुख मांगों में मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज को सरकारी नियंत्रण में लेकर संचालित करना, शिक्षकों की नियमित नियुक्ति, कर्मचारियों का लंबे समय से लंबित वेतन जारी करना और कॉलेज में मूलभूत सुविधाएं बहाल करना शामिल है। इसके अलावा विद्यार्थी कॉलेज के संचालन के लिए स्थायी व्यवस्था और संस्थान के भविष्य को लेकर स्पष्ट निर्णय चाहते हैं। बुधवार को प्रशासन और वक्फ बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक से विद्यार्थियों को समाधान की उम्मीद थी, लेकिन डेढ़ घंटे की बातचीत के बाद भी कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। बैठक में सहमति नहीं बनने और छात्रों की ओर से आंदोलन जारी रखने के ऐलान के बाद फिलहाल विवाद के जल्द सुलझने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और वक्फ बोर्ड विद्यार्थियों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और कॉलेज के भविष्य को लेकर कोई ठोस निर्णय कब तक लिया जाता है।