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गदपुरी में बनाए जा रहे टोल प्लाजा के खिलाफ अब 15 को होगी महापंचायत
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गदपुरी टोल हटाने के लिए हुई बैठक को संबोधित करते पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल
- फोटो : Palwal
पलवल। फरीदाबाद-पलवल के बीच गदपुरी में बनाए जा रहे टोल प्लाजा के खिलाफ अब जनांदोलन करने की तैयारी ‘गदपुरी टोल हटाओ संघर्ष समिति ने शुरू कर दी है। टोल के विरोध में गदपुरी ग्राम पंचायत द्वारा अब 15 मई को टोल बैरियर पर ही महापंचायत बुलाई गई है। यह निर्णय शनिवार को समिति की बैठक में लिया गया। गदपुरी गांव के लोग महापंचायत के लिए गांव-गांव जाकर लोगों को निमंत्रण देंगे। इसके अलावा समिति पलवल और फरीदाबाद स्थित गांवों के ग्रामीणों के अलावा सामाजिक संगठनों, ट्रक यूनियन, व्यापारी तथा अन्य वर्गों के लोगों को आमंत्रित करेगी।
फरीदाबाद बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और समिति के संरक्षक ओम प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में गदपुरी टोल बैरियर हटवाने के लिए कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया गया। उन्होंने कहा कि इसके लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। बैठक का संचालन संयोजक रतन सिंह सौरोत ने किया।
बैठक में बताया गया कि पंचायत की जमीन पर जबरन कब्जा कर टोल लगाने वाली कंपनी क्यूब सिंगापुर ने भवन निर्माण तक कर दिए हैं, जोकि पूरी तरह से गैर कानूनी हैं। इसके विरोध में अदालत में याचिका भी दायर की गई है, जिस पर सात मई को सुनवाई होनी है। अदालत की इस प्रक्रिया के अलावा उच्च न्यायालय में भी जल्द ही जनहित याचिका दायर की जाएगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि पलवल और फरीदाबाद जिले के गांव-गांव जाकर लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जाए।
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पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए समिति के हर सदस्य द्वारा आरटीआई एक्ट के तहत एनएचएआई की ओर से टोल लगाने के नियमों की जानकारी मांगी जाएं। अब तक 20 से अधिक आरटीआई लगाई जा चुकी हैं तथा जल्द ही अन्य आरटीआई भी लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि टोल पूरी तरह से गैर कानूनी है। क्योंकि, यह टोल जिस रिलायंस कंपनी को 1934 करोड़ रुपये में दिया गया था, उसने भाजपा के बड़े मंत्रियों से सांठगांठ कर सिंगापुर की क्यूब कंपनी को गलत तरीके से 3400 करोड़ रुपये में दे दिया। 6 लेन का निर्माण कराए बिना ही रिलायंस कंपनी ने करीब 1500 करोड़ का मुनाफा कमा लिया। उन्होंने कहा कि 6 लेन निर्माण का कार्य शुरू होने से पहले ही रिलायंस कंपनी के साथ टेंडर देते समय जो शर्तें रखी गईं थी, उनमें से किसी भी शर्त का पालन नहीं हुआ है। पलवल में बनाया गया एलिवेटिड पुल भी चार लेन का बनाया गया है, जबकि शर्तों के मुताबिक सभी पुल भी 6 लेन के बनने चाहिए।
पूर्व विधायक टेकचंद शर्मा तथा रघुवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ने के अलावा आम लोगों को इससे जोड़ा जाएगा। इसके लिए 15 मई को गदपुरी गांव के लोगों के आह्वान पर महापंचायत होगी। वहीं, बाद में 52 पाल की तरफ से भी इस टोल के विरोध में बड़ी महापंचायत होगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इसके विरोध में आग आएं। रेडक्रास सोसाइटी हरियाणा की पूर्व मानद सचिव शशिबाला ने कहा कि गांव-गांव जाकर पंचायतें कर लोगों को इससे जोड़ा जाएगा।
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फरीदाबाद बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और समिति के संरक्षक ओम प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में गदपुरी टोल बैरियर हटवाने के लिए कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया गया। उन्होंने कहा कि इसके लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। बैठक का संचालन संयोजक रतन सिंह सौरोत ने किया।
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बैठक में बताया गया कि पंचायत की जमीन पर जबरन कब्जा कर टोल लगाने वाली कंपनी क्यूब सिंगापुर ने भवन निर्माण तक कर दिए हैं, जोकि पूरी तरह से गैर कानूनी हैं। इसके विरोध में अदालत में याचिका भी दायर की गई है, जिस पर सात मई को सुनवाई होनी है। अदालत की इस प्रक्रिया के अलावा उच्च न्यायालय में भी जल्द ही जनहित याचिका दायर की जाएगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि पलवल और फरीदाबाद जिले के गांव-गांव जाकर लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जाए।
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पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए समिति के हर सदस्य द्वारा आरटीआई एक्ट के तहत एनएचएआई की ओर से टोल लगाने के नियमों की जानकारी मांगी जाएं। अब तक 20 से अधिक आरटीआई लगाई जा चुकी हैं तथा जल्द ही अन्य आरटीआई भी लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि टोल पूरी तरह से गैर कानूनी है। क्योंकि, यह टोल जिस रिलायंस कंपनी को 1934 करोड़ रुपये में दिया गया था, उसने भाजपा के बड़े मंत्रियों से सांठगांठ कर सिंगापुर की क्यूब कंपनी को गलत तरीके से 3400 करोड़ रुपये में दे दिया। 6 लेन का निर्माण कराए बिना ही रिलायंस कंपनी ने करीब 1500 करोड़ का मुनाफा कमा लिया। उन्होंने कहा कि 6 लेन निर्माण का कार्य शुरू होने से पहले ही रिलायंस कंपनी के साथ टेंडर देते समय जो शर्तें रखी गईं थी, उनमें से किसी भी शर्त का पालन नहीं हुआ है। पलवल में बनाया गया एलिवेटिड पुल भी चार लेन का बनाया गया है, जबकि शर्तों के मुताबिक सभी पुल भी 6 लेन के बनने चाहिए।
पूर्व विधायक टेकचंद शर्मा तथा रघुवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ने के अलावा आम लोगों को इससे जोड़ा जाएगा। इसके लिए 15 मई को गदपुरी गांव के लोगों के आह्वान पर महापंचायत होगी। वहीं, बाद में 52 पाल की तरफ से भी इस टोल के विरोध में बड़ी महापंचायत होगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इसके विरोध में आग आएं। रेडक्रास सोसाइटी हरियाणा की पूर्व मानद सचिव शशिबाला ने कहा कि गांव-गांव जाकर पंचायतें कर लोगों को इससे जोड़ा जाएगा।