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Palwal News: आज होगा खरना, बनेगी गुड़ की खीर और रोटी
Sat, 25 Oct 2025 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Sat, 25 Oct 2025 11:20 PM IST
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प्रसाद बनाकर ग्रहण करती हुई महिला--संवाद
घरों में गूंजे छठ मइया के गीत, पवित्रता और सादगी से शुरू हुआ चार दिवसीय लोक आस्था का पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। लोक आस्था का महापर्व छठ शनिवार को नहाय-खाय के साथ आरंभ हो गया। इस दिन व्रती महिलाएं स्नान कर पवित्रता के साथ एक समय का भोजन किया। परंपरानुसार लौकी-चने की दाल और अरवा चावल का प्रसाद बनाकर ग्रहण किया। घर-आंगन की सफाई के साथ छठ मइया के गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। नहाय-खाय के अगले दिन यानी आज खरना का आयोजन होगा।
आज के दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखेंगी और शाम को सूर्यास्त के बाद पूजा-अर्चना के साथ प्रसाद ग्रहण करेंगी। खरना के प्रसाद में गुड़ की खीर, रोटी और केला शामिल होता है, जिसे घर में पूरी शुद्धता से बनाया जाता है। पूजा के बाद यह प्रसाद घर के सभी सदस्यों और पड़ोसियों में बांटा जाता है। खरना के अगले दिन यानी सोमवार को व्रती महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी और उसके बाद अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन करेंगी। पूरे शहर में छठ घाटों की सफाई और सजावट का कार्य तेजी से चल रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। लोक आस्था का महापर्व छठ शनिवार को नहाय-खाय के साथ आरंभ हो गया। इस दिन व्रती महिलाएं स्नान कर पवित्रता के साथ एक समय का भोजन किया। परंपरानुसार लौकी-चने की दाल और अरवा चावल का प्रसाद बनाकर ग्रहण किया। घर-आंगन की सफाई के साथ छठ मइया के गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। नहाय-खाय के अगले दिन यानी आज खरना का आयोजन होगा।
आज के दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखेंगी और शाम को सूर्यास्त के बाद पूजा-अर्चना के साथ प्रसाद ग्रहण करेंगी। खरना के प्रसाद में गुड़ की खीर, रोटी और केला शामिल होता है, जिसे घर में पूरी शुद्धता से बनाया जाता है। पूजा के बाद यह प्रसाद घर के सभी सदस्यों और पड़ोसियों में बांटा जाता है। खरना के अगले दिन यानी सोमवार को व्रती महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी और उसके बाद अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन करेंगी। पूरे शहर में छठ घाटों की सफाई और सजावट का कार्य तेजी से चल रहा है।
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