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Palwal News: केजीपी-केएमपी को बड़े वाहन चालकों ने बनाया पार्किंग स्थल
Tue, 06 Feb 2024 11:18 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Tue, 06 Feb 2024 11:18 PM IST
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एक साथ लाइन से खड़े रहते हैं 20-20 ट्रक, कई बार खड़े ट्रक-कैंटर से हो चुकी हैं दुर्घटनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान तो प्रतिदिन हो रहा है, लेकिन सड़क किनारे खड़े ट्रक व बड़े वाहनों की सुध न तो प्रशासन ले रहा है और न ही पुलिस विभाग। हालात ये हैं कि दिल्ली-आगरा राजमार्ग हो या फिर केजीपी-केएमपी एक्सप्रेस वे बड़े वाहन और ट्रकों के लिए पार्किंग स्थल बने हुए हैं। 24 घंटे सड़क किनारे एक नहीं बल्कि 20-20 ट्रक और अन्य बड़े वाहन लाइनों में खड़े नजर आते हैं। सड़क किनारे खड़े इन वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं, लेकिन फिर भी इन्हें सड़कों पर खड़े होने से रोका नहीं जा रहा है। शहर के व्यापारी तो कई बार इस संदर्भ में जिला उपायुक्त से लेकर मुख्यमंत्री के ट्विटर तक पर शिकायत कर चुके हैं, फिर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर तो ज्यादातर ट्रक व बड़े वाहन चालकों ने सर्विस रोड पर कब्जा जमाया हुआ है, जबकि केजीपी-केएमपी एक्सप्रेस वे पर सड़कों पर ही ये वाहन खड़े रहते हैं। पीछे से आने वाले वाहन चालकों तथा पैदल चलने वाले लोगों को सड़काें पर खडे़ इन वाहनों के कारण कुछ नजर नहीं आता है, जिससे तेजी से आने वाले वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। हर साल इन वाहनों के कारण काफी दुर्घटनाएं होती हैं। सर्दियों में इनके कारण दुर्घटनाओं में भी बढ़ोत्तरी हो जाती है।
ये हो चुकी हैं प्रमुख दुर्घटनाएं
सड़कों किनारे खड़े वाहनों के कारण मुंडकटी थाना क्षेत्र में एक कार ट्रक से टकरा गई थी। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उसी तरह केजीपी पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में कैंटर टकराने से चालक की मौत हो गई थी तथा परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं, केएमपी पर भी सड़क किनारे खड़े ट्रकों के कारण तेजी से आई एक कार टकराने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, पलवल शहर के अंदर ही अलावलपुर चौक के पास गत वर्ष खड़े ट्रक में कार टकराने से दो लोगों की मौत हो गई थी।
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इन स्थानों पर रहता है अधिक खतरा
दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर सर्वाधिक खतरा इन बडे़ वाहनों के कारण खटैला सराय, बामनीखेडा, औरंगाबाद, बंचारी, होडल व करमन सीमा के बीच तथा गदपुरी के पास ज्यादा रहता है। इन स्थानों पर वाहन लाइनों में सड़कों के किनारे खड़े रहते हैं, जिनके कारण राजमार्ग पर कुछ दिखाई नहीं देता है। वहीं केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस वे पर तो हर 10 किलोमीटर की दूरी पर वाहन सड़कों के किनारे खड़े मिल जाएंगे। रात के समय इन वाहनों से अधिक खतरा हो जाता है।
जाम की भी बनी रहती है समस्या
राजमार्ग पर सर्विस रोड हो या फिर सड़क वहां खड़े वाहनों के कारण जाम की भी समस्या बनी रहती है। जाम इतना अधिक लगता रहता है कि कई बार तो दुपहिया वाहनों से भी निकलना मुश्किल हो जाता है। आगरा चौक से लेकर अलावलपुर चौक तक तो कई बार इन वाहनों के कारण लगने वाले जाम से पांच मिनट का सफर एक घंटा में होता है, लेकिन उसके बावजूद यह समस्या किसी को दिखाई नहीं दे रही है।
वर्जन
समय-समय पर इन वाहनों के चालान किए जाते हैं। इन्हें हटाया भी जाता है। जो यातायात नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई की जा सकती है, वह की जाती है। आगे भी की जाएगी। इन वाहन चालकों को जागरूक भी किया जाता है। एक बार फिर से इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- जगबीर सिंह, प्रभारी यातायात पुलिस विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान तो प्रतिदिन हो रहा है, लेकिन सड़क किनारे खड़े ट्रक व बड़े वाहनों की सुध न तो प्रशासन ले रहा है और न ही पुलिस विभाग। हालात ये हैं कि दिल्ली-आगरा राजमार्ग हो या फिर केजीपी-केएमपी एक्सप्रेस वे बड़े वाहन और ट्रकों के लिए पार्किंग स्थल बने हुए हैं। 24 घंटे सड़क किनारे एक नहीं बल्कि 20-20 ट्रक और अन्य बड़े वाहन लाइनों में खड़े नजर आते हैं। सड़क किनारे खड़े इन वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं, लेकिन फिर भी इन्हें सड़कों पर खड़े होने से रोका नहीं जा रहा है। शहर के व्यापारी तो कई बार इस संदर्भ में जिला उपायुक्त से लेकर मुख्यमंत्री के ट्विटर तक पर शिकायत कर चुके हैं, फिर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर तो ज्यादातर ट्रक व बड़े वाहन चालकों ने सर्विस रोड पर कब्जा जमाया हुआ है, जबकि केजीपी-केएमपी एक्सप्रेस वे पर सड़कों पर ही ये वाहन खड़े रहते हैं। पीछे से आने वाले वाहन चालकों तथा पैदल चलने वाले लोगों को सड़काें पर खडे़ इन वाहनों के कारण कुछ नजर नहीं आता है, जिससे तेजी से आने वाले वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। हर साल इन वाहनों के कारण काफी दुर्घटनाएं होती हैं। सर्दियों में इनके कारण दुर्घटनाओं में भी बढ़ोत्तरी हो जाती है।
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ये हो चुकी हैं प्रमुख दुर्घटनाएं
सड़कों किनारे खड़े वाहनों के कारण मुंडकटी थाना क्षेत्र में एक कार ट्रक से टकरा गई थी। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उसी तरह केजीपी पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में कैंटर टकराने से चालक की मौत हो गई थी तथा परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं, केएमपी पर भी सड़क किनारे खड़े ट्रकों के कारण तेजी से आई एक कार टकराने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, पलवल शहर के अंदर ही अलावलपुर चौक के पास गत वर्ष खड़े ट्रक में कार टकराने से दो लोगों की मौत हो गई थी।
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इन स्थानों पर रहता है अधिक खतरा
दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर सर्वाधिक खतरा इन बडे़ वाहनों के कारण खटैला सराय, बामनीखेडा, औरंगाबाद, बंचारी, होडल व करमन सीमा के बीच तथा गदपुरी के पास ज्यादा रहता है। इन स्थानों पर वाहन लाइनों में सड़कों के किनारे खड़े रहते हैं, जिनके कारण राजमार्ग पर कुछ दिखाई नहीं देता है। वहीं केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस वे पर तो हर 10 किलोमीटर की दूरी पर वाहन सड़कों के किनारे खड़े मिल जाएंगे। रात के समय इन वाहनों से अधिक खतरा हो जाता है।
जाम की भी बनी रहती है समस्या
राजमार्ग पर सर्विस रोड हो या फिर सड़क वहां खड़े वाहनों के कारण जाम की भी समस्या बनी रहती है। जाम इतना अधिक लगता रहता है कि कई बार तो दुपहिया वाहनों से भी निकलना मुश्किल हो जाता है। आगरा चौक से लेकर अलावलपुर चौक तक तो कई बार इन वाहनों के कारण लगने वाले जाम से पांच मिनट का सफर एक घंटा में होता है, लेकिन उसके बावजूद यह समस्या किसी को दिखाई नहीं दे रही है।
वर्जन
समय-समय पर इन वाहनों के चालान किए जाते हैं। इन्हें हटाया भी जाता है। जो यातायात नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई की जा सकती है, वह की जाती है। आगे भी की जाएगी। इन वाहन चालकों को जागरूक भी किया जाता है। एक बार फिर से इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- जगबीर सिंह, प्रभारी यातायात पुलिस विभाग