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Palwal News: कंजकों की पूजा कर कराया भोजन, फिर खोला नवरात्र का व्रत
Fri, 11 Oct 2024 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Fri, 11 Oct 2024 11:11 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। नवरात्र के समापन पर शुक्रवार को क्षेत्र में रामनवमी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने मां सिद्धिदात्री के अलावा कंजक पूजन कर व्रत संपन्न किया। क्षेत्र में जगह-जगह भंडारे और जागरण आयोजित किए गए। मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा है। नवरात्र का व्रत रखने वाले श्रद्धालु कंजक पूजन के लिए सुबह से प्रसाद बनाकर तैयारियों में जुट गए। सुबह से ही गलियों व मोहल्लों में कंजकों को बुलाने का सिलसिला चलता रहा। व्रत रखने वाले श्रद्धालु कंजकों को हाथ जोड़-जोड़कर अपने घर भोजन कराने के लिए ले जा रहे थे। कन्या पूजन के लिए कई बार तो लोगों को कई-कई घंटे का इंतजार भी करना पड़ा। कन्या पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने कंजकों को टिफिन, पानी की बोतलें, प्लेट, कटोरी, पेन-पेंसिल आदि स्टेशनरी व बिस्किट-नमकीन आदि के पैकेट दिए। कंजकों को भेंट में रुपये भी दिए गए।
शहर के कमेटी चौक स्थित देवी मंदिर पर तो सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। शहर में रेलवे रोड स्थित खोंटा मंदिर, कलूटी हनुमान मंदिर, कामेश्वर महादेव मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्रीगंगा लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्रीदुर्गा मंदिर, पचोवन मंदिर में भी काफी रौनक रही। इसके अलावा औरंगाबाद के दादी आसा माई मंदिर, भुलवाना के चमेली वन मंदिर, खांबी के दाऊ जी मंदिर, शेषसाई के लक्ष्मीनारायण मंदिर, होडल के पथवारी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, ढऊआ वाली बगीची, चमेलीवन, आदर्श काॅलोनी, न्यू त्यागी मंदिर जैसे प्राचीन व बड़े मंदिरों में तो श्रद्धालुओं को माता के दर्शनों के लिए घंटों लाइन में भी लगना पड़ा।
कंजक पूजन कर भोजन कराया, दुर्गा अष्टमी मनाई
हथीन। दुर्गा अष्टमी पर शुक्रवार को कंजक पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में सुबह पहले मां दुर्गा की आराधना की। इसके बाद अपने घरों में कंजकों को बुलाकर भोजन करवाया। इससे पहले सभी कंजकों के जल से पैर धोकर उनके माथे पर तिलक किया। बाद में सभी कंजकों को हलवा, पूरी का भोजन करवाकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद सभी कंजकों को उपहार दिया गया। नवरात्र पर पूजन के बाद व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने व्रत खोला। हथीन विधानसभा क्षेत्र के गांव बामनी खेडा में भी आश्विन मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर कन्या पूजन करके दुर्गा अष्टमी पर्व मनाया गया। श्रद्धालुओं ने माता दुर्गा की आराधना करके मन्नतें मांगी व प्रसाद चढ़ाया। उसके बाद श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन करके कन्याओं को भोजन करवाकर आशीर्वाद लिया उपमंडल के गांव बहीन, मानपुर, पहाड़ी, कौंडल सहित हिन्दू बहुल गांवों में शुक्रवार को शारदीय नवरात्र की दुर्गा अष्टमी को मंदिरों में आस्था और भक्ति का मेला लगा रहा। सुबह से धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और हवन के कार्यक्रम चलते रहे। धार्मिक विद्वान कृष्ण बिहारी शास्त्री ने बताया कि शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि को कन्या पूजन के साथ नवरात्रि पर्व का समापन हुआ है। नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि नौ देवियों के रूप में नौ कन्याओं के पूजन के बाद ही नवरात्र व्रत सफल होता है।
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पलवल। नवरात्र के समापन पर शुक्रवार को क्षेत्र में रामनवमी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने मां सिद्धिदात्री के अलावा कंजक पूजन कर व्रत संपन्न किया। क्षेत्र में जगह-जगह भंडारे और जागरण आयोजित किए गए। मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा है। नवरात्र का व्रत रखने वाले श्रद्धालु कंजक पूजन के लिए सुबह से प्रसाद बनाकर तैयारियों में जुट गए। सुबह से ही गलियों व मोहल्लों में कंजकों को बुलाने का सिलसिला चलता रहा। व्रत रखने वाले श्रद्धालु कंजकों को हाथ जोड़-जोड़कर अपने घर भोजन कराने के लिए ले जा रहे थे। कन्या पूजन के लिए कई बार तो लोगों को कई-कई घंटे का इंतजार भी करना पड़ा। कन्या पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने कंजकों को टिफिन, पानी की बोतलें, प्लेट, कटोरी, पेन-पेंसिल आदि स्टेशनरी व बिस्किट-नमकीन आदि के पैकेट दिए। कंजकों को भेंट में रुपये भी दिए गए।
शहर के कमेटी चौक स्थित देवी मंदिर पर तो सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। शहर में रेलवे रोड स्थित खोंटा मंदिर, कलूटी हनुमान मंदिर, कामेश्वर महादेव मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्रीगंगा लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्रीदुर्गा मंदिर, पचोवन मंदिर में भी काफी रौनक रही। इसके अलावा औरंगाबाद के दादी आसा माई मंदिर, भुलवाना के चमेली वन मंदिर, खांबी के दाऊ जी मंदिर, शेषसाई के लक्ष्मीनारायण मंदिर, होडल के पथवारी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, ढऊआ वाली बगीची, चमेलीवन, आदर्श काॅलोनी, न्यू त्यागी मंदिर जैसे प्राचीन व बड़े मंदिरों में तो श्रद्धालुओं को माता के दर्शनों के लिए घंटों लाइन में भी लगना पड़ा।
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कंजक पूजन कर भोजन कराया, दुर्गा अष्टमी मनाई
हथीन। दुर्गा अष्टमी पर शुक्रवार को कंजक पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में सुबह पहले मां दुर्गा की आराधना की। इसके बाद अपने घरों में कंजकों को बुलाकर भोजन करवाया। इससे पहले सभी कंजकों के जल से पैर धोकर उनके माथे पर तिलक किया। बाद में सभी कंजकों को हलवा, पूरी का भोजन करवाकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद सभी कंजकों को उपहार दिया गया। नवरात्र पर पूजन के बाद व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने व्रत खोला। हथीन विधानसभा क्षेत्र के गांव बामनी खेडा में भी आश्विन मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर कन्या पूजन करके दुर्गा अष्टमी पर्व मनाया गया। श्रद्धालुओं ने माता दुर्गा की आराधना करके मन्नतें मांगी व प्रसाद चढ़ाया। उसके बाद श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन करके कन्याओं को भोजन करवाकर आशीर्वाद लिया उपमंडल के गांव बहीन, मानपुर, पहाड़ी, कौंडल सहित हिन्दू बहुल गांवों में शुक्रवार को शारदीय नवरात्र की दुर्गा अष्टमी को मंदिरों में आस्था और भक्ति का मेला लगा रहा। सुबह से धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और हवन के कार्यक्रम चलते रहे। धार्मिक विद्वान कृष्ण बिहारी शास्त्री ने बताया कि शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि को कन्या पूजन के साथ नवरात्रि पर्व का समापन हुआ है। नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि नौ देवियों के रूप में नौ कन्याओं के पूजन के बाद ही नवरात्र व्रत सफल होता है।
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