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Palwal News: बिना लाइसेंस अवैध रूप से पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़
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28पीएएलपी6- सदर थाना पुलिस की गिरफ्त में पटाखे बनाने वाला आरोपी शालीन।
28पीएएलपी7- फैक्ट्री से बरामद पटाखे।
भारी मात्रा में पटाखे व विस्फोटक बरामद, एक आरोपी काबू
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। उच्च न्यायालय की रोक के बावजूद पटाखों का निर्माण जारी है। अब अवैध रूप से पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री का सदर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जिला मुख्यालय से दो किलोमीटर गांव अटोहां में अवैध फैक्ट्री चला दिवाली के लिए पटाखे बनाए जा रहे थे। पटाखा बनाने का कोई लाइसेंस या दस्तावेज भी फैक्ट्री चलाने वालों पर नहीं था। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर पांच लाख रुपये के पटाखे व विस्फोटक बरामद किया है। पुलिस ने कंपनी मालिक सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी तक कंपनी मालिक व अन्य पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विश्व गौरव के अनुसार, सब इंस्पेक्टर चंदन सिंह अपनी टीम के साथ गश्त कर रहे थे। उसी समय सूचना मिली कि गांव अटोहां निवासी किरणपाल के प्लॉट में टीन शेड के नीचे अवैध पटाखा कंपनी चल रही है, जिसमें फिल्हाल भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री व तैयार किए गए पटाखे मौजूद हैं। कंपनी को दक्षिण पूरी दिल्ली निवासी मनजीत कुमार चलाता है, जो कारीगरों से कलर माचिस (छोटे पटाखे) बगैर लाइसेंस व बगैर परमिट के बनाए जाते हैं और पैक किए जाते हैं। पुलिस टीम ने चंदन सिंह के नेतृत्व में मौके पर दबिश दी तो एक युवक अवैध पटाखे बनाता हुआ मिला। पुलिस ने युवक को काबू कर नाम, पता पूछा तो उसने यूपी के जिला बागपत के बड़ौत निवासी शालीम उर्फ साहिल बताया। आरोपी शालीन उर्फ साहिल से जब पटाखों को बनाने के बारे में लाइसेंस व परमिट मांगा तो वह कोई लाइसेंस व परमिट पेश नहीं कर सका। पुलिस ने पूछा कि पटाखे बनाने का कच्चा माल कहां से आता है और तैयार करके कहां बेचे जाने के बारे में पूछा तो उसने कहा कि यह तो कंपनी का मालिक दिल्ली निवासी मनजीत कुमार ही बता पाएगा।
जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर चंदन सिंह ने बताया कि मालिक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है, क्योंकि उसकी गिरफ्तारी होने के बाद ही मामले का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा। मालिक ही कच्चा माल लेकर आता है और वहीं तैयार माल को बेचने के लिए लेकर जाता है। माल के लाने व ले जाने की जानकारी मालिक के पास है। कट्टों में बरामद पीले रंग का पाउडर कितना खतरनाक है इस सब का खुलासा वही कर पाएगा।
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फैक्ट्री की तलाशी लेने पर 46 बॉक्स पैक कलर माचिस छोटे पटाखे मिले, जिनको खोलकर गिनती की तो एक बॉक्स में 48 पैकेट थे, जो कुल 2208 पैकेट थे, जबकि 38 खाली बॉक्स मिले। इसके अलावा मौके पर 15 पीले कट्टों में पीले रंग पाउडर (विस्फोटक), एक बिजली का कांटा, एक मशीन भी बरामद हुई। तैयार पटाखों की कीमत दो लाख व विस्फोटक की कीमत करीब तीन रुपये बताई जा रही है।
प्लॉट मालिक पर किया मुकदमा दर्ज
इंस्पेक्टर विश्व गौरव ने बताया कि गिरफ्तार इस मामले में बिना अनुमति के अपने प्लाॅट में अवैध पटाखे बनाने की कंपनी चलाने के आरोप में अटोहां निवासी किरणपाल को भी मामले में नामजद किया गया है। बिना अनुमति पटाखा बनाने के लिए जगह देने पर वह भी शक के दायरे में है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
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28पीएएलपी7- फैक्ट्री से बरामद पटाखे।
भारी मात्रा में पटाखे व विस्फोटक बरामद, एक आरोपी काबू
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। उच्च न्यायालय की रोक के बावजूद पटाखों का निर्माण जारी है। अब अवैध रूप से पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री का सदर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जिला मुख्यालय से दो किलोमीटर गांव अटोहां में अवैध फैक्ट्री चला दिवाली के लिए पटाखे बनाए जा रहे थे। पटाखा बनाने का कोई लाइसेंस या दस्तावेज भी फैक्ट्री चलाने वालों पर नहीं था। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर पांच लाख रुपये के पटाखे व विस्फोटक बरामद किया है। पुलिस ने कंपनी मालिक सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी तक कंपनी मालिक व अन्य पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विश्व गौरव के अनुसार, सब इंस्पेक्टर चंदन सिंह अपनी टीम के साथ गश्त कर रहे थे। उसी समय सूचना मिली कि गांव अटोहां निवासी किरणपाल के प्लॉट में टीन शेड के नीचे अवैध पटाखा कंपनी चल रही है, जिसमें फिल्हाल भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री व तैयार किए गए पटाखे मौजूद हैं। कंपनी को दक्षिण पूरी दिल्ली निवासी मनजीत कुमार चलाता है, जो कारीगरों से कलर माचिस (छोटे पटाखे) बगैर लाइसेंस व बगैर परमिट के बनाए जाते हैं और पैक किए जाते हैं। पुलिस टीम ने चंदन सिंह के नेतृत्व में मौके पर दबिश दी तो एक युवक अवैध पटाखे बनाता हुआ मिला। पुलिस ने युवक को काबू कर नाम, पता पूछा तो उसने यूपी के जिला बागपत के बड़ौत निवासी शालीम उर्फ साहिल बताया। आरोपी शालीन उर्फ साहिल से जब पटाखों को बनाने के बारे में लाइसेंस व परमिट मांगा तो वह कोई लाइसेंस व परमिट पेश नहीं कर सका। पुलिस ने पूछा कि पटाखे बनाने का कच्चा माल कहां से आता है और तैयार करके कहां बेचे जाने के बारे में पूछा तो उसने कहा कि यह तो कंपनी का मालिक दिल्ली निवासी मनजीत कुमार ही बता पाएगा।
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जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर चंदन सिंह ने बताया कि मालिक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है, क्योंकि उसकी गिरफ्तारी होने के बाद ही मामले का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा। मालिक ही कच्चा माल लेकर आता है और वहीं तैयार माल को बेचने के लिए लेकर जाता है। माल के लाने व ले जाने की जानकारी मालिक के पास है। कट्टों में बरामद पीले रंग का पाउडर कितना खतरनाक है इस सब का खुलासा वही कर पाएगा।
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फैक्ट्री की तलाशी लेने पर 46 बॉक्स पैक कलर माचिस छोटे पटाखे मिले, जिनको खोलकर गिनती की तो एक बॉक्स में 48 पैकेट थे, जो कुल 2208 पैकेट थे, जबकि 38 खाली बॉक्स मिले। इसके अलावा मौके पर 15 पीले कट्टों में पीले रंग पाउडर (विस्फोटक), एक बिजली का कांटा, एक मशीन भी बरामद हुई। तैयार पटाखों की कीमत दो लाख व विस्फोटक की कीमत करीब तीन रुपये बताई जा रही है।
प्लॉट मालिक पर किया मुकदमा दर्ज
इंस्पेक्टर विश्व गौरव ने बताया कि गिरफ्तार इस मामले में बिना अनुमति के अपने प्लाॅट में अवैध पटाखे बनाने की कंपनी चलाने के आरोप में अटोहां निवासी किरणपाल को भी मामले में नामजद किया गया है। बिना अनुमति पटाखा बनाने के लिए जगह देने पर वह भी शक के दायरे में है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।