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धान और बाजरे की खरीद शुरू नहीं हुई तो मंडियों में करेंगे प्रदर्शन,किसानों ने दी सरकार को चेतावनी, रविवार को भी नहीं हुई खरीद
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पलवल के अटोहां चौक पर धरना देते किसान।
- फोटो : Palwal
पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। इस दौरान किसानों ने कहा कि सरकार लगातार उनके साथ अन्याय कर रही है। सरकार ने पहले एक अक्तूबर से धान की फसल खरीदने की घोषणा की थी। फिर रविवार से धान की खरीद की बात की गई, लेकिन मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल की तरफ से पलवल ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा में किसानों के पास कोई संदेश नहीं आया। इस कारण किसान धान लेकर मंडियों में नहीं पहुंचे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने धान और बाजरे की खरीद शुरू नहीं की तो मंडियों में जोरदार प्रदर्शन करेंगे। धरने की कमान सौरोत पाल ने संभाली।
गांव मर्रोली, डकोरा, खिरबी, बंचारी, गढ़ी और गोडौता से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से धरने में पहुंचे। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। किसानों ने कहा कि सरकार उनके साथ छलावा कर रही है। धान व बाजरे की खरीद शुरू नहीं की जा रही है। लगातार किसानों को गुमराह किया जा रहा है। रविवार से धान की फसल की खरीद की घोषणा की थी, लेकिन एक दाना भी सरकार की तरफ से नहीं खरीदा गया। वहीं, बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर सरकार ने बयान नहीं बदला है। सरकार बाजरे की खरीद करने से मना कर रही है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जल्द ही बाजरे व धान की खरीद शुरू नहीं की गई तो किसान प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी धरने की अध्यक्षता किशन चंद शर्मा ने की, जबकि संचालन दरियाब सिंह सौरोत ने किया। धरने को किसान रतन सिंह सौरोत, मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, बीधू सिंह, रूपराम तेवतिया, नरेंद्र सहरावत, मास्टर छिद्दा सिंह मर्रोली, छिद्दी सरपंच घोड़ी, ताराचंद प्रधान, राजेंद्र घर्रोट, श्रीचंद महाशय, प्रभू सिंह खिरबी, उदयभान, अच्छेलाल, जोगेंद्र सिंह, गिर्राज घोड़ी, गोबिंद राम, मुखराम बेढ़ा, समयराम, बीर सिंह चौहान, हुकम सिंह अटोहां ने संबोधित किया।
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गांव मर्रोली, डकोरा, खिरबी, बंचारी, गढ़ी और गोडौता से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से धरने में पहुंचे। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। किसानों ने कहा कि सरकार उनके साथ छलावा कर रही है। धान व बाजरे की खरीद शुरू नहीं की जा रही है। लगातार किसानों को गुमराह किया जा रहा है। रविवार से धान की फसल की खरीद की घोषणा की थी, लेकिन एक दाना भी सरकार की तरफ से नहीं खरीदा गया। वहीं, बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर सरकार ने बयान नहीं बदला है। सरकार बाजरे की खरीद करने से मना कर रही है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जल्द ही बाजरे व धान की खरीद शुरू नहीं की गई तो किसान प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
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किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी धरने की अध्यक्षता किशन चंद शर्मा ने की, जबकि संचालन दरियाब सिंह सौरोत ने किया। धरने को किसान रतन सिंह सौरोत, मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, बीधू सिंह, रूपराम तेवतिया, नरेंद्र सहरावत, मास्टर छिद्दा सिंह मर्रोली, छिद्दी सरपंच घोड़ी, ताराचंद प्रधान, राजेंद्र घर्रोट, श्रीचंद महाशय, प्रभू सिंह खिरबी, उदयभान, अच्छेलाल, जोगेंद्र सिंह, गिर्राज घोड़ी, गोबिंद राम, मुखराम बेढ़ा, समयराम, बीर सिंह चौहान, हुकम सिंह अटोहां ने संबोधित किया।
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