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पोलियो की दवा पीते ही दो साल के बच्चे की हालत बिगड़ी
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पलवल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में रविवार को शुरू किए गए पल्स पोलियो अभियान के तहत औरंगाबाद स्थित एक आंगनवाडी केंद्र पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब पोलियो की दवा पिलाते ही दो साल के एक बच्चे की हालत बेहद खराब हो गई। बच्चे के मुंह में से झाग आने लगे तथा उसे दौरा पड़ने लगा। बच्चे की हालत बिगड़ती देख परिजन तुरंत ही उपचार के लिए पलवल के एक निजी अस्पताल में लेकर आए, जहां उसकी हालत को गंभीर देखते हुए उसे आइसीयू में भर्ती किया गया। दवा पिलाने से हुई बच्चे की हालत खराब के बाद अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा न तो बच्चे की हालत की जानकारी ली गई है तथा न ही वहां पिलाई जाने वाली दवा को जांच के लिए भिजवाया गया है।
पलवल स्थित निजी अस्पताल में भर्ती दो साल के बच्चे अंकुश राय की मां रिता राय ने बताया कि रविवार को उनके पति चेतन राय अंकुश को पास के आंगनवाडी केंद्र पर पोलियो की दवा पिलाने के लिए ले गए थे। जैसे ही पोलियो की दवा उनके बेटे को पिलाई तो दो मिनट बाद ही उसकी हालत खराब होने लगी। अंकुश के मुंह से झाग आने लगे तथा उसे दौरा पड़ना शुरू हो गया। रिता राय ने बताया कि तुरंत ही अंकुश वह और उसके पति चेतन राय उपचार के लिए पलवल स्थित निजी अस्पताल में ले गए। जहां डाक्टरों ने उसकी जांच की। जांच के बाद उसकी हालत और खराब होने लगी। बच्चे के मुंह पर बुरी तरह से छाले हो गए हैं तथा उसे बार-बार दौरा पड़ रहा है। उधर औरंगाबाद में पोलियो की दवा पिलाने से जैसे ही अंकुश की तबियत खराब हुई तो डर के चलते वहां दवा पिला रहे कर्मचारियों में भी डर का माहौल बन गया तथा उन्होंने तुरंत दवा पिलानी बंद कर दी। बच्चे की मां रिता का कहना है कि दवा पीने के बाद उनके बच्चे की हालत खराब होने पर भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई देखने तक नहीं आया है।
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जिला सिविल सर्जन डा. प्रदीप शर्मा का कहना है कि पोलियो की दवा पीने से किसी की हालत खराब नहीं होती है। दवा से तबियत खराब नहीं हो सकती। उनका कहना है कि उनकी जानकारी में यह मामला है भी नहीं। वे वहां दवा पिलाने वाली टीम व उनके सुपरवाइजर से जानकारी लेंगे। बच्चे की हालत किसी और कारण से बिगड़ी होगी।
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852 बूथों पर पिलाई जा रही दवा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा रविवार को जीरो से लेकर पांच साल तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पल्स पोलियो अभियान के प्रति लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है। जिले में विभाग द्वारा 1,58,591 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। जो बच्चे रविवार को दवा पीने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 16 व 17 सितंबर को घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी। दवा पिलाने के लिए जिले में 852 बूथ स्थापित किए गए हैं।
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पलवल स्थित निजी अस्पताल में भर्ती दो साल के बच्चे अंकुश राय की मां रिता राय ने बताया कि रविवार को उनके पति चेतन राय अंकुश को पास के आंगनवाडी केंद्र पर पोलियो की दवा पिलाने के लिए ले गए थे। जैसे ही पोलियो की दवा उनके बेटे को पिलाई तो दो मिनट बाद ही उसकी हालत खराब होने लगी। अंकुश के मुंह से झाग आने लगे तथा उसे दौरा पड़ना शुरू हो गया। रिता राय ने बताया कि तुरंत ही अंकुश वह और उसके पति चेतन राय उपचार के लिए पलवल स्थित निजी अस्पताल में ले गए। जहां डाक्टरों ने उसकी जांच की। जांच के बाद उसकी हालत और खराब होने लगी। बच्चे के मुंह पर बुरी तरह से छाले हो गए हैं तथा उसे बार-बार दौरा पड़ रहा है। उधर औरंगाबाद में पोलियो की दवा पिलाने से जैसे ही अंकुश की तबियत खराब हुई तो डर के चलते वहां दवा पिला रहे कर्मचारियों में भी डर का माहौल बन गया तथा उन्होंने तुरंत दवा पिलानी बंद कर दी। बच्चे की मां रिता का कहना है कि दवा पीने के बाद उनके बच्चे की हालत खराब होने पर भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई देखने तक नहीं आया है।
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जिला सिविल सर्जन डा. प्रदीप शर्मा का कहना है कि पोलियो की दवा पीने से किसी की हालत खराब नहीं होती है। दवा से तबियत खराब नहीं हो सकती। उनका कहना है कि उनकी जानकारी में यह मामला है भी नहीं। वे वहां दवा पिलाने वाली टीम व उनके सुपरवाइजर से जानकारी लेंगे। बच्चे की हालत किसी और कारण से बिगड़ी होगी।
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852 बूथों पर पिलाई जा रही दवा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा रविवार को जीरो से लेकर पांच साल तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पल्स पोलियो अभियान के प्रति लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है। जिले में विभाग द्वारा 1,58,591 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। जो बच्चे रविवार को दवा पीने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 16 व 17 सितंबर को घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी। दवा पिलाने के लिए जिले में 852 बूथ स्थापित किए गए हैं।
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