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केएमपी के साथ रेल कॉरिडोर परियोजना से लगेंगे पलवल के विकास को पंख
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पलवल। प्रदेश सरकार द्वारा कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे के साथ-साथ हरियाणा ओर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना को दी गई मंजूरी से पलवल जिले को विकास के पंख लग जाएंगे। इतना ही नहीं, पलवल जिले में रेल जंक्शन बनने का भी रास्ता साफ हो गया है। इस परियोजना की मंजूरी से पलवल जिला गुरुग्राम और नोएडा जैसे महानगरों की श्रेणी में आ खड़ा होगा। इससे जिले में ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित होने की उम्मीद भी जाग गई है। उद्योगों के आने से जिले के विकास के साथ-साथ रोजगार के भी साधन उपलब्ध हो जाएंगे। यहां के युवाओं को रोजगार के लिए इधर-उधर दूसरे शहरों में भागना नहीं पड़ेगा।
हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा केएमपी के साथ-साथ पलवल से सोनीपत को जोड़ने के लिए 5,566 करोड़ रुपये की लागत से एक नई रेल परियोजना के कार्यान्वयन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए मंत्रिमंडल ने एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) से ईएपी ऋण के रूप में 2,800 करोड़ रुपये सहित 3,340 करोड़ रुपये के ऋण हिस्से को मंजूरी दी। निर्माण के दौरान ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) से 795 करोड़ रुपये के अग्रिम राजस्व को देखते हुए, शुद्ध लागत 4,771 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसमें से 70 फीसदी कर्ज 3,340 करोड़ रुपये और 30 फीसदी इक्विटी यानी 1,431 करोड़ रुपये का है। इस कुल इक्विटी में से, एचआरआइडीसी की इक्विटी हिस्सेदारी 644 करोड़ रुपये, एचएसआइडीसी की 215 करोड़ रुपये, जीएमडीए की 71.5 करोड़ रुपये और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, ऑल कार्गो और जैक्स बैक्सी ग्रुप सहित निजी क्षेत्रों की 500.5 करोड़ रुपये होगी। एचआरआइडीसी की इक्विटी में से, 315.56 करोड़ रुपये की इक्विटी भारतीय रेलवे द्वारा और 328.44 करोड़ रुपये इक्विटी राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
121.742 किलोमीटर की होगी परियोजना की दूरी
सरकार द्वारा मंजूर की गई परियोजना की कुल मार्ग लंबाई 121.742 किलोमीटर होगी और निर्माण के दौरान भूमि अधिग्रहण और ब्याज सहित कुल परियोजना लागत 5,566 करोड़ रुपये है। इसमें 14 नए स्टेशन और तीन मौजूदा स्टेशन, 23 प्रमुख जलमार्ग पुल, 195 मामूली जलमार्ग पुल और तीन रेल फ्लाईओवर सहित 17 स्टेशन होंगे। इसके अलावा, इसमें दो रोड ओवर ब्रिज और 153 रोड अंडर ब्रिज होंगे। रेल गलियारा इस मार्ग पर यात्री ट्रेनों को चलाने में सक्षम करेगा, जो गुरुग्राम के क्षेत्र को सीधे राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से जोड़ेगा। इस मार्ग पर शताब्दी सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को चलाने में सक्षम करेगा, ताकि राज्य के लोगों को तेज, विश्वसनीय, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान की जा सके।
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माल ढोने को भी आसान बनाएगी परियोजना
यह परियोजना दिल्ली के लिए माल यातायात के मोड को भी आसान बनाएगी और हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में मल्टीमॉडल हब विकसित करने में मदद करेगी। यह राज्य के अनछुए क्षेत्रों को खोलेगा जिससे राज्य की आर्थिक और सामाजिक गतिविधि बढ़ेगी। इस परियोजना में यातायात, राजस्व और उच्च परिचालन मार्जिन है और यह आदर्श रूप से वाणिज्यिक वित्त पोषण मॉडल के लिए अनुकूल है। इस परियोजना ने परियोजना प्रभाव क्षेत्र में प्रमुख सरकारी हितधारकों और प्रमुख उद्योगों के बीच ठोस रुचि देखी है।
पलवल में बनेगा न्यू रेलवे स्टेशन
इस हरियाणा ओर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना को लेकर पलवल में न्यू रेलवे स्टेशन के नाम से स्टेशन बनाया जाएगा। यह स्टेशन पलवल में केएमपी सिलानी, सोहना, धुलावट, तावडू के अलावा आगे भी सोनीपत तक तीन रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इन स्टेशनों से ही परिचालन किया जाएगा। यह रेलवे ट्रैक सोनीपत के बाद अंबाला रेलवे मार्ग से जोड़ दिया जाएगा, ताकि आगे चंडीगढ़ तक ट्रेनें जा सकें। यह परियोजना काम शुरू होने के बाद तीन साल के अंदर पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला का कहना है कि सरकार द्वारा केएमपी के साथ पलवल से सोनीपत तक दी गई परियोजना की मंजूरी से पलवल जिले का विकास होगा। जिले में उद्योग आएंगे तथा पलवल व हथीन के उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। सरकार की इस परियोजना के बाद पलवल के विकास को कोई नहीं रोक पाएगा तथा पलवल देश के मानचित्र पर नजर आएगा।
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हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा केएमपी के साथ-साथ पलवल से सोनीपत को जोड़ने के लिए 5,566 करोड़ रुपये की लागत से एक नई रेल परियोजना के कार्यान्वयन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए मंत्रिमंडल ने एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) से ईएपी ऋण के रूप में 2,800 करोड़ रुपये सहित 3,340 करोड़ रुपये के ऋण हिस्से को मंजूरी दी। निर्माण के दौरान ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) से 795 करोड़ रुपये के अग्रिम राजस्व को देखते हुए, शुद्ध लागत 4,771 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसमें से 70 फीसदी कर्ज 3,340 करोड़ रुपये और 30 फीसदी इक्विटी यानी 1,431 करोड़ रुपये का है। इस कुल इक्विटी में से, एचआरआइडीसी की इक्विटी हिस्सेदारी 644 करोड़ रुपये, एचएसआइडीसी की 215 करोड़ रुपये, जीएमडीए की 71.5 करोड़ रुपये और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, ऑल कार्गो और जैक्स बैक्सी ग्रुप सहित निजी क्षेत्रों की 500.5 करोड़ रुपये होगी। एचआरआइडीसी की इक्विटी में से, 315.56 करोड़ रुपये की इक्विटी भारतीय रेलवे द्वारा और 328.44 करोड़ रुपये इक्विटी राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
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121.742 किलोमीटर की होगी परियोजना की दूरी
सरकार द्वारा मंजूर की गई परियोजना की कुल मार्ग लंबाई 121.742 किलोमीटर होगी और निर्माण के दौरान भूमि अधिग्रहण और ब्याज सहित कुल परियोजना लागत 5,566 करोड़ रुपये है। इसमें 14 नए स्टेशन और तीन मौजूदा स्टेशन, 23 प्रमुख जलमार्ग पुल, 195 मामूली जलमार्ग पुल और तीन रेल फ्लाईओवर सहित 17 स्टेशन होंगे। इसके अलावा, इसमें दो रोड ओवर ब्रिज और 153 रोड अंडर ब्रिज होंगे। रेल गलियारा इस मार्ग पर यात्री ट्रेनों को चलाने में सक्षम करेगा, जो गुरुग्राम के क्षेत्र को सीधे राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से जोड़ेगा। इस मार्ग पर शताब्दी सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को चलाने में सक्षम करेगा, ताकि राज्य के लोगों को तेज, विश्वसनीय, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान की जा सके।
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माल ढोने को भी आसान बनाएगी परियोजना
यह परियोजना दिल्ली के लिए माल यातायात के मोड को भी आसान बनाएगी और हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में मल्टीमॉडल हब विकसित करने में मदद करेगी। यह राज्य के अनछुए क्षेत्रों को खोलेगा जिससे राज्य की आर्थिक और सामाजिक गतिविधि बढ़ेगी। इस परियोजना में यातायात, राजस्व और उच्च परिचालन मार्जिन है और यह आदर्श रूप से वाणिज्यिक वित्त पोषण मॉडल के लिए अनुकूल है। इस परियोजना ने परियोजना प्रभाव क्षेत्र में प्रमुख सरकारी हितधारकों और प्रमुख उद्योगों के बीच ठोस रुचि देखी है।
पलवल में बनेगा न्यू रेलवे स्टेशन
इस हरियाणा ओर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना को लेकर पलवल में न्यू रेलवे स्टेशन के नाम से स्टेशन बनाया जाएगा। यह स्टेशन पलवल में केएमपी सिलानी, सोहना, धुलावट, तावडू के अलावा आगे भी सोनीपत तक तीन रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इन स्टेशनों से ही परिचालन किया जाएगा। यह रेलवे ट्रैक सोनीपत के बाद अंबाला रेलवे मार्ग से जोड़ दिया जाएगा, ताकि आगे चंडीगढ़ तक ट्रेनें जा सकें। यह परियोजना काम शुरू होने के बाद तीन साल के अंदर पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला का कहना है कि सरकार द्वारा केएमपी के साथ पलवल से सोनीपत तक दी गई परियोजना की मंजूरी से पलवल जिले का विकास होगा। जिले में उद्योग आएंगे तथा पलवल व हथीन के उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। सरकार की इस परियोजना के बाद पलवल के विकास को कोई नहीं रोक पाएगा तथा पलवल देश के मानचित्र पर नजर आएगा।