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Palwal News: ग्रामीण भारत बंद का जिले में रहा मिला-जुला असर
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-बसें चलती रहीं, कर्मचारियों ने नहीं किया कार्यालयों में काम, किसानों ने भी खेतों में जाकर नहीं किया काम
- किसानों व कर्मचारियों ने मिलकर शहर में निकाला जुलूस, की नारेबाजी, सुरक्षा को लेकर पुलिस बल रहा तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर शुक्रवार को भारत बंंद का जिले में मिला-जुला असर रहा। बंद के दौरान हरियाणा परिवहन निगम की बसें चलती रहीं, जबकि सरकारी विभागों में कामकाज ठप रहा। विभागों में कर्मचारी तो मौजूद थे, लेकिन लोगों ने काम नहीं किए। बाद में किसानों तथा कर्मचारियों ने मिलकर शहर में जुलूस निकाल सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। किसानों व कर्मचारियों के भारत बंद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिले में पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। जिले में जहां मेवात, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों से आने वाली सीमाओं को सील किया हुआ था, वहीं जिले में जगह-जगह पुलिस नाके लगा सुरक्षा कड़ी की गई थी।
उधर होडल में भारत बंद के दौरान होडल-नूंह रोड पर किसानों ने एक बार जाम भी लगा दिया। जिसे बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसानों व कर्मचारियों को समझाकर खुलवाया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पलवल में जुलूस व प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान नेता अदय सिंह पूर्व सरपंच व महिला कर्मचारी नेता उर्मिला रावत ने की। संचालन कर्मचारी नेता धर्मचंद ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में संयुक्त किसान मोर्चा के नेता महेंद्र सिंह चौहान मौजूद रहे। महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर शुक्रवार को ग्रामीण भारत बंद बुलाया गया। उसी के चलते ग्रामीण भारत बंद रहा। न तो किसान अपने खेतों पर जा रहे हैं न ही कर्मचारी और मजदूर अपने कामों पर। बताया कि इस बंद को बुलाने के पीछे किसानों और मजदूरों की कई मांगें हैं। इनमें सबसे अहम मांग एमएसपी को लेकर है। किसान अधिक बिजली बिल को भी कम करने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि डीजल और पेट्रोल की कीमतों में कमी की मांग भी किसान कर रहे हैं। इसके अलावा किसान मनरेगा को मजबूत करने, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने और औपचारिक व अनौपचारिक दोनों क्षेत्रों में सभी श्रमिकों के लिए पेंशन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग कर रहे हैं। किसान नेताओं और कर्मचारी नेताओं ने बताया कि सरकार ने वादाखिलाफी की है। सरकार से मांग करते हैं कि सभी मांगों को जल्द पूरा करे।
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कार्यालयों में खाली बैठे रहे कर्मचारी
जिले में स्थित सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारी ड्यूटी पर रहते हुए खाली बैठे रहे। उन्होंने कोई काम नहीं किया। उसके अलावा जिला नागरिक अस्पताल में तथा अन्य सरकारी विभाग कार्यालयों में बैठक करने के बाद पलवल स्थित ताऊ देवीलाल टाउन पार्क में पहुंचे तथा वहां बैठक की। उसके बाद शहर में जुुलूस निकाला।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और डीएसपी रहे पर्यवेक्षक के रूप में तैनात
भारत बंद को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और डीएसपी को जिले में कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए केएमपी तथा केजीपी टोल प्लाजा सहित पांच स्थानों पर बतौर पर्यवेक्षण नियुक्त किया हुआ था। ताकि उन आंदोलन वाले संभावित स्थानों पर किसी तरह की अशांति न फैले। उनके अलावा सभी थाना प्रबंधक एवं प्रभारी चौकियों को उनके स्टाफ सहित तैनाती दंगारोधी साजो सामान के साथ तैनात किया गया था। बस स्टैंड, पावर हाउसों, नगर परिषद कार्यालय तथा विभिन्न सरकारी कार्यालयों को चिन्हित करके उचित सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। साथ ही जगह-जगह लगाए गए पुलिस नाकों पर तैनात पुलिस कर्मी बाहर से आने व जाने वाले वाहनों की गहनता से जांच करती रही।
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जिला पुलिस अधीक्षक ने भी किया दौरा
भारत बंद को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अंंशु सिंगला ने स्वयं भी जिले में दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि भारत बंद के दौरान किसानों व कर्मचारियों ने शांंतिपूर्ण शहर में जुुलूस निकाल प्रदर्शन किया, लेकिन फिर भी पुलिस अधीक्षक स्वयं जायजा लेती रहीं। उन्होंने होडल में भी करमन सीमा पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए तथा उसके अलावा वहां बेवजह बाइकों पर घूमते युवाओं को रोककर उन्हें भी समझाकर वापस भेजा।
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- किसानों व कर्मचारियों ने मिलकर शहर में निकाला जुलूस, की नारेबाजी, सुरक्षा को लेकर पुलिस बल रहा तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर शुक्रवार को भारत बंंद का जिले में मिला-जुला असर रहा। बंद के दौरान हरियाणा परिवहन निगम की बसें चलती रहीं, जबकि सरकारी विभागों में कामकाज ठप रहा। विभागों में कर्मचारी तो मौजूद थे, लेकिन लोगों ने काम नहीं किए। बाद में किसानों तथा कर्मचारियों ने मिलकर शहर में जुलूस निकाल सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। किसानों व कर्मचारियों के भारत बंद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिले में पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। जिले में जहां मेवात, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों से आने वाली सीमाओं को सील किया हुआ था, वहीं जिले में जगह-जगह पुलिस नाके लगा सुरक्षा कड़ी की गई थी।
उधर होडल में भारत बंद के दौरान होडल-नूंह रोड पर किसानों ने एक बार जाम भी लगा दिया। जिसे बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसानों व कर्मचारियों को समझाकर खुलवाया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पलवल में जुलूस व प्रदर्शन की अध्यक्षता किसान नेता अदय सिंह पूर्व सरपंच व महिला कर्मचारी नेता उर्मिला रावत ने की। संचालन कर्मचारी नेता धर्मचंद ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में संयुक्त किसान मोर्चा के नेता महेंद्र सिंह चौहान मौजूद रहे। महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर शुक्रवार को ग्रामीण भारत बंद बुलाया गया। उसी के चलते ग्रामीण भारत बंद रहा। न तो किसान अपने खेतों पर जा रहे हैं न ही कर्मचारी और मजदूर अपने कामों पर। बताया कि इस बंद को बुलाने के पीछे किसानों और मजदूरों की कई मांगें हैं। इनमें सबसे अहम मांग एमएसपी को लेकर है। किसान अधिक बिजली बिल को भी कम करने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि डीजल और पेट्रोल की कीमतों में कमी की मांग भी किसान कर रहे हैं। इसके अलावा किसान मनरेगा को मजबूत करने, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने और औपचारिक व अनौपचारिक दोनों क्षेत्रों में सभी श्रमिकों के लिए पेंशन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग कर रहे हैं। किसान नेताओं और कर्मचारी नेताओं ने बताया कि सरकार ने वादाखिलाफी की है। सरकार से मांग करते हैं कि सभी मांगों को जल्द पूरा करे।
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कार्यालयों में खाली बैठे रहे कर्मचारी
जिले में स्थित सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारी ड्यूटी पर रहते हुए खाली बैठे रहे। उन्होंने कोई काम नहीं किया। उसके अलावा जिला नागरिक अस्पताल में तथा अन्य सरकारी विभाग कार्यालयों में बैठक करने के बाद पलवल स्थित ताऊ देवीलाल टाउन पार्क में पहुंचे तथा वहां बैठक की। उसके बाद शहर में जुुलूस निकाला।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और डीएसपी रहे पर्यवेक्षक के रूप में तैनात
भारत बंद को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और डीएसपी को जिले में कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए केएमपी तथा केजीपी टोल प्लाजा सहित पांच स्थानों पर बतौर पर्यवेक्षण नियुक्त किया हुआ था। ताकि उन आंदोलन वाले संभावित स्थानों पर किसी तरह की अशांति न फैले। उनके अलावा सभी थाना प्रबंधक एवं प्रभारी चौकियों को उनके स्टाफ सहित तैनाती दंगारोधी साजो सामान के साथ तैनात किया गया था। बस स्टैंड, पावर हाउसों, नगर परिषद कार्यालय तथा विभिन्न सरकारी कार्यालयों को चिन्हित करके उचित सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। साथ ही जगह-जगह लगाए गए पुलिस नाकों पर तैनात पुलिस कर्मी बाहर से आने व जाने वाले वाहनों की गहनता से जांच करती रही।
जिला पुलिस अधीक्षक ने भी किया दौरा
भारत बंद को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अंंशु सिंगला ने स्वयं भी जिले में दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि भारत बंद के दौरान किसानों व कर्मचारियों ने शांंतिपूर्ण शहर में जुुलूस निकाल प्रदर्शन किया, लेकिन फिर भी पुलिस अधीक्षक स्वयं जायजा लेती रहीं। उन्होंने होडल में भी करमन सीमा पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए तथा उसके अलावा वहां बेवजह बाइकों पर घूमते युवाओं को रोककर उन्हें भी समझाकर वापस भेजा।