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Palwal News: सब इंस्पेक्टर लगाने के नाम पर तीन लाख की ठगी
Tue, 25 Jul 2023 10:51 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Tue, 25 Jul 2023 10:51 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों के ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने सब इंस्पेक्टर भर्ती कराने के नाम पर एक युवती से तीन लाख रुपये हड़प लिए। गिरोह के सरगना ने खुद को जयपुर पुलिस का अधिकारी बता 10 लाख रुपये मांग की और पांच लाख रुपये पहले देने को कहा। नौकरी न लगने पर पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दे दी। बकाया दो लाख रुपये लेने के लिए आए गिरोह के सदस्य को पुलिस ने काबू कर लिया। होडल थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को काबू कर लिया है। गिरोह का सरगना अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
होडल थाना थाना प्रभारी महेंद्र सिंह के अनुसार होडल स्थित गढ़ी मोड निवासी रचना सांगवान ने शिकायत दर्ज करवाई है कि एक महीने सोशल मीडिया पर उसकी बातचीत रविंद्र नाम के व्यक्ति से हुई। रविंद्र ने खुद को जयपुर में डीएसपी मुख्यालय में तैनात बताया। रविंद्र ने सोशल मीडिया पर पुलिस की वर्दी पहने हुए एक फोटो भी डाल रखी थी। उसने पीड़िता को सरकारी दफ्तर में वर्दी पहने हुए अपने फोटो भी दिखाए और अपना आईडी कार्ड भी दिखाया। रविंद्र ने बताया कि वह राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर की नौकरी दिलवाता है। वह रविंद्र के झांसे में आ गई। उसने रविंद्र से अपने परिचित को नौकरी पर लगवाने की बात कही। इसकी एवज में आरोपी रविंद्र ने 10 लाख रुपये मांगे। करीब 18 दिन पहले रविंद्र ने फोन कर आधे रुपयों की मांग की और बकाया रुपये नौकरी लगने के बाद देने के लिए कहा। उसने कहा कि वह रुपये लेने अपने साथी पुलिस कर्मचारी को उसके पास भेज देगा। करीब 15 दिन पहले फोन आया कि वह अपने दो पुलिसकर्मी साथियों को होडल भेज रहा है। पीड़िता ने भेजे गए दोनों लोगों को तीन लाख रुपये दे दिए। उसके बाद आरोपी बकाया दो लाख रुपये मांगने लगा। पीड़िता ने नौकरी के बारे में पूछा तो उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद पीड़िता को खुद के साथ ठगी का अहसास हुआ।
पीड़िता ने मामले की सूचना तुंरत होडल थाना पुलिस को दी। पुलिस को सूचना देने के बाद पीड़िता ने आरोपी को दो लाख देने के लिए फोन कर दिया। बीती 24 जुलाई को रविंद्र ने कहा कि उसने अपना साथी राजस्थान नंबर की कार से होडल रुपये लेने के लिए भेजा है। कार में तीन लोग रुपये लेने के लिए आए। कार सवार तीनों युवकों को पुलिस ने मौके पर ही काबू कर लिया। पीड़िता के अनुसार जैसे ही पुलिस ने पकड़ा तो रविंद्र सिंह का उसके पास फोन आया कि कोई कानूनी कार्रवाई की तो उसे परिवार सहित जान से खत्म करवा दिया जाएगा। पुलिस ने पकड़े गए ठगों से नाम पूछे तो उन्होंने अपने नाम अरुण, दीपक, मोनू महावर बताए। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए युवकों में अरुण व दीपक की ठगी की वारदात से कोई संलिप्तता नहीं पाई गई। मोनू महावर ठगी में शामिल है, जिससे गिरफ्तार कर लिया गया है। मोनू महावर अपने साथ अरुण और दीपक को होडल किसी काम से चलने की बात कहकर लाया था।
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पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपी से गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है।
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पलवल। पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों के ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने सब इंस्पेक्टर भर्ती कराने के नाम पर एक युवती से तीन लाख रुपये हड़प लिए। गिरोह के सरगना ने खुद को जयपुर पुलिस का अधिकारी बता 10 लाख रुपये मांग की और पांच लाख रुपये पहले देने को कहा। नौकरी न लगने पर पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दे दी। बकाया दो लाख रुपये लेने के लिए आए गिरोह के सदस्य को पुलिस ने काबू कर लिया। होडल थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को काबू कर लिया है। गिरोह का सरगना अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
होडल थाना थाना प्रभारी महेंद्र सिंह के अनुसार होडल स्थित गढ़ी मोड निवासी रचना सांगवान ने शिकायत दर्ज करवाई है कि एक महीने सोशल मीडिया पर उसकी बातचीत रविंद्र नाम के व्यक्ति से हुई। रविंद्र ने खुद को जयपुर में डीएसपी मुख्यालय में तैनात बताया। रविंद्र ने सोशल मीडिया पर पुलिस की वर्दी पहने हुए एक फोटो भी डाल रखी थी। उसने पीड़िता को सरकारी दफ्तर में वर्दी पहने हुए अपने फोटो भी दिखाए और अपना आईडी कार्ड भी दिखाया। रविंद्र ने बताया कि वह राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर की नौकरी दिलवाता है। वह रविंद्र के झांसे में आ गई। उसने रविंद्र से अपने परिचित को नौकरी पर लगवाने की बात कही। इसकी एवज में आरोपी रविंद्र ने 10 लाख रुपये मांगे। करीब 18 दिन पहले रविंद्र ने फोन कर आधे रुपयों की मांग की और बकाया रुपये नौकरी लगने के बाद देने के लिए कहा। उसने कहा कि वह रुपये लेने अपने साथी पुलिस कर्मचारी को उसके पास भेज देगा। करीब 15 दिन पहले फोन आया कि वह अपने दो पुलिसकर्मी साथियों को होडल भेज रहा है। पीड़िता ने भेजे गए दोनों लोगों को तीन लाख रुपये दे दिए। उसके बाद आरोपी बकाया दो लाख रुपये मांगने लगा। पीड़िता ने नौकरी के बारे में पूछा तो उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद पीड़िता को खुद के साथ ठगी का अहसास हुआ।
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पीड़िता ने मामले की सूचना तुंरत होडल थाना पुलिस को दी। पुलिस को सूचना देने के बाद पीड़िता ने आरोपी को दो लाख देने के लिए फोन कर दिया। बीती 24 जुलाई को रविंद्र ने कहा कि उसने अपना साथी राजस्थान नंबर की कार से होडल रुपये लेने के लिए भेजा है। कार में तीन लोग रुपये लेने के लिए आए। कार सवार तीनों युवकों को पुलिस ने मौके पर ही काबू कर लिया। पीड़िता के अनुसार जैसे ही पुलिस ने पकड़ा तो रविंद्र सिंह का उसके पास फोन आया कि कोई कानूनी कार्रवाई की तो उसे परिवार सहित जान से खत्म करवा दिया जाएगा। पुलिस ने पकड़े गए ठगों से नाम पूछे तो उन्होंने अपने नाम अरुण, दीपक, मोनू महावर बताए। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए युवकों में अरुण व दीपक की ठगी की वारदात से कोई संलिप्तता नहीं पाई गई। मोनू महावर ठगी में शामिल है, जिससे गिरफ्तार कर लिया गया है। मोनू महावर अपने साथ अरुण और दीपक को होडल किसी काम से चलने की बात कहकर लाया था।
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पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपी से गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है।