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Palwal News: नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान बेहोश किए गए दमकल कर्मी की मौत, परिजनों की मौत या ऑपरेशन के दौरान बेहोश किए मरीज को एक महीने बाद भी नहीं आया होश, हुई मौत, परिजनों का हंगामा

Thu, 04 Jan 2024 09:55 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jan 2024 09:55 PM IST
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Firefighter who was made unconscious during operation in civil hospital dies, family members die
फोटो कैप्शन
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04पीएएलपी4- पलवल अस्पताल में मौजूद मृतक सुरेंद्र के परिजन। - संवाद
04पीएएलपी5- मृतक सुरेंद्र का फाइल फोटो।
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- परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
- करीब एक माह पहले बेहोशी का इंजेक्शन लगाने के बाद मरीज को नहीं आया होश
- विभिन्न अस्पतालों में उपचार के बावजूद भी हुई मौत

संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान बेहोश किए गए 33 वर्षीय दमकल विभाग कर्मी की मौत हो गई। ऑपरेशन से पहले लगाए गए इंजेक्शन के बाद बेहोश हुआ मरीज एक माह बाद भी होश में नहीं आया। एक माह तक विभिन्न अस्पतालों में उपचार के बाद बृहस्पतिवार को मरीज ने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजन शव लेकर जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे और हंगामा करते हुए डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। शहर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान आगामी कार्रवाई की जाएगी।

हथीन के वार्ड नंबर-चार निवासी बीरेंद्र ने शहर थाना में शिकायत दर्ज करवाई है कि उसका भाई सुरेंद्र दिल्ली के साकेत में दमकल विभाग में कार्यरत था। बीती 28 नवंबर को हथीन रोड पर बाइक फिसलने से सुरेंद्र गिर गया और उसके हाथ में गंभीर चोट आ गई। बीते एक दिसंबर को उसने सुरेंद्र को उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल पलवल में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉ.संदीप सोनी ने सुरेंद्र का ऑपरेशन करने के लिए कहा। उन्होंने सुरेंद्र को ऑपरेशन के लिए दाखिल करा दिया। ऑपरेशन से पहले सुरेंद्र को डॉ.ललित मखीजा ने बेहोशी का इंजेक्शन(एनेस्थीसिया) दिया था। ऑपरेशन होने के काफी देर बाद तक भी सुरेंद्र को होश नहीं आया। होने पर आने पर डॉक्टरों ने कहा कि सुरेंद्र की हालत गंभीर है, इसे नूंह के नल्हड़ मेडिकल कॉलेज ले जाना होगा। जिला नागरिक अस्पताल के तीन डॉक्टर एंबुलेंस में उनके साथ गए और सुरेंद्र को नल्हड़ अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां डॉक्टरों ने दो दिसंबर को उसके भाई की गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद वह अपने भाई को बेहोशी की हालत में फरीदाबाद के ईएसआई अस्पताल में लेकर गए। जहां पर भी सुरेंद्र की हालत गंभीर देखते हुए उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद वह अपने भाई को नोएडा के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। 27 दिसंबर तक सुरेंद्र का इलाज चला, परंतु सुरेंद्र को होश नहीं आया। इसके बाद वह सुरेंद्र को वापस फरीदाबाद के ईएसआई अस्पताल ले आए। बृहस्पतिवार दोपहर को सुरेंद्र की उपचार के दौरान मौत हो गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिला नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से सुरेंद्र की मौत हुई है। शहर थाना अंतर्गत हथीन गेट चौकी प्रभारी कुलदीप के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। फिलहाल मामले में भादंसं की धारा 174 की कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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