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Palwal News: सिंचाई करने गए पिता-पुत्र की करंट लगने से मौत
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- खेत पर बने कमरे में झुलसे मिले, स्टार्टर में करंट आने से दोनों को लगा करंट
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव सदरपुर में खेत की सिंचाई करने गए पिता-पुत्र की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। शनिवार देर रात बाप-बेटे खेत पर बने कमरे के अंदर झुलसी हालत में मिले। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, स्टार्टर में करंट आने की वजह से दोनों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से गांव में मातम छाया हुआ है। चांदहट थाना पुलिस ने रविवार सुबह मृतक के परिजनों के बयान पर जिला नागरिक अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों का सौंप दिए। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर को गांव सदरपुर निवासी वीरेंद्र (50) बेटे राकेश (22) के साथ गेहूं की फसल की सिंचाई करने के लिए खेत पर गए थे। वे चाचा की ट्यूबवेल से सिंचाई करते थे। खेत पर बने कमरे में ट्यूबवेल पर बिजली की मोटर, स्टार्टर व अन्य बिजली उपकरण लगे हुए थे। देर शाम तक भी दोनों पिता-पुत्र घर वापस नहीं पहुंचे तो परिजन उन्हें ढूंढने के लिए खेत पर पहुंचे। खेत पर बने कमरे के अंदर हाल देख उनके पैरों के नीचे से जमीन निकल गई। वीरेंद्र व उनके बेटे राकेश झुलसी हालत में कमरे में पड़े हुए थे। परिजन तुरंत दोनों को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां दोनों को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने बताया कि अंदेशा जताया जा रहा है कि खेत पर मोटर चलाने के लिए लगे स्टार्टर में करंट आने से हादसा हुआ है। हादसे के बाद परिवार व गांव में मातम की स्थिति बनी हुई है। एक साथ पिता-पुत्र की अचानक मौत हो जाने से परिवार सदमे में है।
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चांदहट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुंदर लाल का कहना है कि परिजनों के बयान पर शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिए हैं। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।
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पिता-पुत्र के कंधों पर थी परिवार थी जिम्मेवारी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जानकारी के अनुसार किसान वीरेंद्र दो भाई थे। उनका छोटा भाई अलग रहता है। वीरेंद्र के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा राकेश पढ़ाई के बाद नौकरी की तलाश में था। नौकरी न मिलने पर पिता के साथ खेती बाड़ी में हाथ बंटाता था। छोटा बेटा मंडकौला पॉलीटेक्निकल कॉलेज से डिप्लोमा की पढ़ाई कर रहा है। वीरेंद्र के माता-पिता भी उनके साथ रहते थे। पूरे परिवार के लालन-पालन की जिम्मेवारी वीरेंद्र व राकेश के कंधों पर थी।
उचित बिजली उपकरण न होने से होते हैं हादसे
गांवों में खेत पर लगे बिजली उपकरणों की गुणवत्ता उचित न होना हादसों का कारण बनती है। मोटर से लेकर स्टार्टर तक कट भी लगे रहते हैं। इसके अलावा स्टार्टर की स्थिति भी कई जगह बेहद खराब होती है। काफी किसान कटआउट व एमसीबी (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) का इस्तेमाल नहीं करते हैं। हादसा होने पर ये उपकरण बिजली कट कर देते हैं और हादसा होने से टल जाता है।
अर्थिंग का होना बेहद जरूरी, बरतें सावधानी
बिजली कर्मचारी रणधीर तेवतिया ने बताया कि खेत पर लगी मोटर में जमीनी अर्थ लगाना बेहद जरूरी है। इससे करंट लगने पर केवल झटका लगता है। करंट जमीन में चला जाता है। इसके अलावा स्टार्टर से लेकर मोटर तक उच्च गुणवत्ता वाली तार का प्रयोग करें। स्टार्टर से पहले एमसीबी या कटआउट का प्रयोग अवश्य करें, ताकि हादसों होने पर बिजली का लाइन कट जाए। स्टार्टर या अन्य उपकरणों में खराबी आने पर बिजली कर्मी को ही बुलाकर ठीक कराएं। बिना जानकारी के उपकरणों को न छुएं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव सदरपुर में खेत की सिंचाई करने गए पिता-पुत्र की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। शनिवार देर रात बाप-बेटे खेत पर बने कमरे के अंदर झुलसी हालत में मिले। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, स्टार्टर में करंट आने की वजह से दोनों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से गांव में मातम छाया हुआ है। चांदहट थाना पुलिस ने रविवार सुबह मृतक के परिजनों के बयान पर जिला नागरिक अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों का सौंप दिए। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर को गांव सदरपुर निवासी वीरेंद्र (50) बेटे राकेश (22) के साथ गेहूं की फसल की सिंचाई करने के लिए खेत पर गए थे। वे चाचा की ट्यूबवेल से सिंचाई करते थे। खेत पर बने कमरे में ट्यूबवेल पर बिजली की मोटर, स्टार्टर व अन्य बिजली उपकरण लगे हुए थे। देर शाम तक भी दोनों पिता-पुत्र घर वापस नहीं पहुंचे तो परिजन उन्हें ढूंढने के लिए खेत पर पहुंचे। खेत पर बने कमरे के अंदर हाल देख उनके पैरों के नीचे से जमीन निकल गई। वीरेंद्र व उनके बेटे राकेश झुलसी हालत में कमरे में पड़े हुए थे। परिजन तुरंत दोनों को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां दोनों को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
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परिजनों ने बताया कि अंदेशा जताया जा रहा है कि खेत पर मोटर चलाने के लिए लगे स्टार्टर में करंट आने से हादसा हुआ है। हादसे के बाद परिवार व गांव में मातम की स्थिति बनी हुई है। एक साथ पिता-पुत्र की अचानक मौत हो जाने से परिवार सदमे में है।
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चांदहट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुंदर लाल का कहना है कि परिजनों के बयान पर शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिए हैं। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।
पिता-पुत्र के कंधों पर थी परिवार थी जिम्मेवारी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जानकारी के अनुसार किसान वीरेंद्र दो भाई थे। उनका छोटा भाई अलग रहता है। वीरेंद्र के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा राकेश पढ़ाई के बाद नौकरी की तलाश में था। नौकरी न मिलने पर पिता के साथ खेती बाड़ी में हाथ बंटाता था। छोटा बेटा मंडकौला पॉलीटेक्निकल कॉलेज से डिप्लोमा की पढ़ाई कर रहा है। वीरेंद्र के माता-पिता भी उनके साथ रहते थे। पूरे परिवार के लालन-पालन की जिम्मेवारी वीरेंद्र व राकेश के कंधों पर थी।
उचित बिजली उपकरण न होने से होते हैं हादसे
गांवों में खेत पर लगे बिजली उपकरणों की गुणवत्ता उचित न होना हादसों का कारण बनती है। मोटर से लेकर स्टार्टर तक कट भी लगे रहते हैं। इसके अलावा स्टार्टर की स्थिति भी कई जगह बेहद खराब होती है। काफी किसान कटआउट व एमसीबी (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) का इस्तेमाल नहीं करते हैं। हादसा होने पर ये उपकरण बिजली कट कर देते हैं और हादसा होने से टल जाता है।
अर्थिंग का होना बेहद जरूरी, बरतें सावधानी
बिजली कर्मचारी रणधीर तेवतिया ने बताया कि खेत पर लगी मोटर में जमीनी अर्थ लगाना बेहद जरूरी है। इससे करंट लगने पर केवल झटका लगता है। करंट जमीन में चला जाता है। इसके अलावा स्टार्टर से लेकर मोटर तक उच्च गुणवत्ता वाली तार का प्रयोग करें। स्टार्टर से पहले एमसीबी या कटआउट का प्रयोग अवश्य करें, ताकि हादसों होने पर बिजली का लाइन कट जाए। स्टार्टर या अन्य उपकरणों में खराबी आने पर बिजली कर्मी को ही बुलाकर ठीक कराएं। बिना जानकारी के उपकरणों को न छुएं।