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15 दिन में मुआवजा नहीं मिला तो केजीपी को करेंगे जाम
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पलवल में केजीपी में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा लेने के लिए प्रदर्शन करते जिले के किसान।
- फोटो : Palwal
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पलवल। केजीपी किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में सोमवार को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे (केजीपी) के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के मुआवजे की मांग पर सोमवार को पलवल व फरीदाबाद के किसानों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। अर्धनग्न अवस्था में लघु सचिवालय पहुंचे किसानों ने करीब दो घंटे तक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद जिला उपायुक्त यशपाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। किसानों का कहना था कि यदि 15 दिन में जमीन की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो केजीपी स्थित टोल पर रोड जाम कर प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि सरकार ने केजीपी बनाने के लिए 5 साल पहले उनकी जमीनों का अधिग्रहण किया। केजीपी बनने के बाद बाद उन्हें मुआवजा भी दिया लेकिन इतने दिनों बाद राशि देने पर ब्याज नहीं दिया। लगभग 12 सौ करोड़ रुपये की राशि एनएचएआई पर बकाया है। मामले में किसानों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो वहां भी फैसला उनके हक में आया है। उसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान नहीं कर रहा है। समिति के प्रधान जोगेंद्र भड़ाना ने बताया कि पलवल व फरीदाबाद के गांव कुसलीपुर, अटोहां, बहरौला, छज्जूनगर, सिहोल, मीसा, पेलक, अमरपुर, फज्जूपुर, सेलोटी, मोहना, जल्हाका, कटेसरा सहित 29 गांवों के किसानों की एक हजार एकड़ जमीन केजीपी एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए अधिग्रहण की गई थी। मुआवजे को लेकर किसान पिछले लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इस संदर्भ में एनएचएआई के अधिकारियों व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई बार बैठक हो चुकी है लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
तो भाजपा सरकार को विधानसभा चुनाव में भुगतना होगा खामियाजा
किसानों का कहना था कि यदि 15 दिन के भीतर उनकी जमीन के मुआवजे की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो 29 गांवों के किसान केजीपी पर गांव छज्जूनगर के समीप स्थित टोल प्लाजा पर धरना देंगे तथा रोड जाम कर मुआवजे की मांग की जाएगी। उसके बाद भी यदि राशि नहीं दी गई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा तथा सरकार को आने वाले चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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उपायुक्त द्वारा न मिलने पर भड़के किसान
मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने करीब दो घंटे तक लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। किसानों की मांग थी कि वे जिला उपायुक्त को भी ज्ञापन सौंपेंगे लेकिन दो घंटे बाद भी उपायुक्त द्वारा ज्ञापन लेने के लिए नीचे न आने पर किसान भड़क गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसानों ने लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर ही धरना शुरू कर दिया। उसके बाद जिला उपायुक्त के नीचे आकर ज्ञापन लेने के बाद किसान शांत हुए। जिला उपायुक्त ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाकर समाधान करवाएंगे।
इस मौके पर सत्ते सरपंच बहरौला, बेदराम भडाना कुसलीपुर, राजू, राजबीर, दिनेश एडवोकेट, हरकेश, हेमराज, किशन सिंह, रामबीर चौहान, राचंद, जगत सिंह, धर्मवीर, सोहनपाल , रघुवीर सिंह, मुकेश कुमार, राजेश भाटी सहित अन्य किसान मौजूद थे।
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प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि सरकार ने केजीपी बनाने के लिए 5 साल पहले उनकी जमीनों का अधिग्रहण किया। केजीपी बनने के बाद बाद उन्हें मुआवजा भी दिया लेकिन इतने दिनों बाद राशि देने पर ब्याज नहीं दिया। लगभग 12 सौ करोड़ रुपये की राशि एनएचएआई पर बकाया है। मामले में किसानों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो वहां भी फैसला उनके हक में आया है। उसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान नहीं कर रहा है। समिति के प्रधान जोगेंद्र भड़ाना ने बताया कि पलवल व फरीदाबाद के गांव कुसलीपुर, अटोहां, बहरौला, छज्जूनगर, सिहोल, मीसा, पेलक, अमरपुर, फज्जूपुर, सेलोटी, मोहना, जल्हाका, कटेसरा सहित 29 गांवों के किसानों की एक हजार एकड़ जमीन केजीपी एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए अधिग्रहण की गई थी। मुआवजे को लेकर किसान पिछले लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इस संदर्भ में एनएचएआई के अधिकारियों व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई बार बैठक हो चुकी है लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
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तो भाजपा सरकार को विधानसभा चुनाव में भुगतना होगा खामियाजा
किसानों का कहना था कि यदि 15 दिन के भीतर उनकी जमीन के मुआवजे की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो 29 गांवों के किसान केजीपी पर गांव छज्जूनगर के समीप स्थित टोल प्लाजा पर धरना देंगे तथा रोड जाम कर मुआवजे की मांग की जाएगी। उसके बाद भी यदि राशि नहीं दी गई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा तथा सरकार को आने वाले चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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उपायुक्त द्वारा न मिलने पर भड़के किसान
मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने करीब दो घंटे तक लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। किसानों की मांग थी कि वे जिला उपायुक्त को भी ज्ञापन सौंपेंगे लेकिन दो घंटे बाद भी उपायुक्त द्वारा ज्ञापन लेने के लिए नीचे न आने पर किसान भड़क गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसानों ने लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर ही धरना शुरू कर दिया। उसके बाद जिला उपायुक्त के नीचे आकर ज्ञापन लेने के बाद किसान शांत हुए। जिला उपायुक्त ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाकर समाधान करवाएंगे।
इस मौके पर सत्ते सरपंच बहरौला, बेदराम भडाना कुसलीपुर, राजू, राजबीर, दिनेश एडवोकेट, हरकेश, हेमराज, किशन सिंह, रामबीर चौहान, राचंद, जगत सिंह, धर्मवीर, सोहनपाल , रघुवीर सिंह, मुकेश कुमार, राजेश भाटी सहित अन्य किसान मौजूद थे।