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किसान नेताओं ने गिनवाए कृषि कानूनों के नुकसान

Mon, 15 Feb 2021 10:38 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 15 Feb 2021 10:38 PM IST
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Farmer leaders counted the loss of agricultural laws
पलवल। कृषि कानून किसी के हक में नहीं है। इनसे किसानों के साथ-साथ सभी वर्गों को नुकसान होगा। व्यापारी मनमर्जी किसानों की फसल खरीदेंगे। यह बातें सोमवार को केएमपी-केजीपी पर चल रहे धरने में किसान नेताओं ने कही। उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसानों का भला करना चाहती है, तो कृषि कानूनों को रद्द कर एमएसपी पर कानून बनाए, ताकि किसान की फसल समर्थन मूल्य से नीचे न बिके। वहीं मथुरा जिला के छाता से आए किसानों ने धरने को समर्थन दिया।
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धरने में सोमवार को पूरे दिन समर्थन देने का दौर चलता रहा। 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार के नेतृत्व में आयोजित धरने की अध्यक्षता छाता निवासी राम हरि व संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। धरने को क्षेत्रीय पालों व गांवों की तरफ से भरपूर सहयोग मिल रहा। प्रतिदिन भंडारे के लिए खाद्य सामग्रियां भेजी जा रही हैं। जींद से आए किसान नेता राजबीर बेरवाल ने कहा कि कृषि कानून किसी के भी हक में नहीं है। सरकारी मंडिया खत्म हो जाएंगी। प्राइवेट मंडियों में व्यापारी मनमर्जी किसानों की फसल खरीदेंगे। सरकार बिना मांगे किसानों पर नए कृषि कानूनों को थोप रही है, जबकि वर्षों से लंबित स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू नहीं किया जा रहा है।
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राजकुमार ओहलियान ने कहा कि किसानों का संघर्ष लगातार जारी है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को दीनबंधु सर छोटूराम की जयंती मनाई जाएगी। उसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इस मौके पर मथुरा से आए ओमप्रकाश, बीधू सिंह, पं. किशन चंद बंचारी, सोहनपाल चौहान, करतार सिंह दूधौला, धर्मचंद घुघेरा, रणवीर सिंह चौहान, महेंद्र चौहान, स्वामी श्रद्धानंद आदि मौजूद रहे।
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गीतों के माध्यम से सरकार पर किए कटाक्ष
सोमवार को कई किसानों ने अपने गीतों के माध्यम से सरकार पर कटाक्ष किए। उन्होंने कृषि कानूनों को वापस लेने की अपील के साथ ही किसानों के त्याग व महानता की भी व्याख्या की। बिजेंद्र बढ़राम, धन्नी अलावलपुर, रूपराम अत्री, करण भगतजी औरंगाबाद, रतिराम पहलवान, हरप्रसाद औरंगाबाद, रणजीत मीतरोल, रिसाल अलावलपुर, चंद्रमुनि धतीर, पोहप सिंह डागर स्यारौली, अच्छेलाल व इंद्र सिंह रावत ने गीत सुनाए।
मेडिकल कैंप में दी जा रहीं दवाइयां
सोमवार को धरनास्थल पर जितेंद्र चिड़िया व दलजीत सिहाग के नेतृत्व में मेडिकल कैंप शुरू किया गया है। सामाजिक जनहित कल्याण समिति द्वारा किसानों की स्वास्थ्य जांच कर दवाइयां देने की व्यवस्था की है। कैंप में डॉ. जयंत सिंह सोलंकी व राजकुमार किसानों को दवाइयां दे रहे हैं। इस दौरान ब्लड प्रेशर, तापमान व शुगर की भी जांच की जा रही है।

भंडारे के लिए अलग से बनाई रसोई
धरनास्थल पर किसानों के भंडारे की व्यवस्था के लिए अलग से रसोई तैयार की गई है। खाना बनाने वाली जगह को लकड़ी की दीवार से कवर किया गया है। इसके साथ टिन शेड लगाकर खाद्य सामग्री रखी गई है।
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