फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Families are bringing fans from home, hospital coolers lying on the roof

परिजन घर से ला रहे पंखे, अस्पताल के कूलर छत पर पडे़

Mon, 14 Jun 2021 07:33 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jun 2021 07:33 PM IST
विज्ञापन
Families are bringing fans from home, hospital coolers lying on the roof
पलवल (कपिल शर्मा)। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल में बेहतर इलाज व सुविधाएं देने के दावे पूरी तरह से फेल हो रहे हैं। यहां मरीजों को न तो ठीक से इलाज मिल पा रहा है और न ही सुविधाएं। अस्पताल में भर्ती मरीजों को इस भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए अपने घरों से ही पंखे लाने पड़ रहे हैं। अस्पताल में गर्मी से बचने के लिए कूलर तो है ही नहीं, जो हैं वे छत पर पड़े हैं। रात के समय तो कोई डॉक्टर भी वार्ड में नहीं रहता है।
विज्ञापन

जिला नागरिक अस्पताल पलवल का सबसे बड़ा 100 बिस्तरों का अस्पताल है लेकिन सुविधाओं का अभाव है। मरीजों के लिए वार्डों में लगाए हुए बिस्तर फटे हुए हैं तथा उनमें से बदबू आती रहती है। आलम ये है कि बिछाने के लिए चादर भी परिजनों को घर से लानी पड़ती है। गर्मी के मौसम से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो कूलर मंगवाए गए थे, वे अस्पताल की छतों पर पड़े गल रहे हैं। कमरों के पंखे इतनी धीमी गति से चलते हैं कि एक पलंग पर भी हवा नहीं पहुंचती है। इससे मरीजों का पसीनों से बुरा हाल हो रहा है। खासकर नवजात को कमरों में लेकर रहना तो बेहद मुश्किल हो रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। संवाद
विज्ञापन

रातभर मरीज आवाज देते रहते हैं
अस्पताल में इतना बुरा हाल है कि रात के समय कोई भी डॉक्टर वार्ड में नहीं रहता है। जिस कारण स्वास्थ्य कर्मी मरीजों पर ध्यान नहीं देते हैं। रात भर मरीज परेशानी होने पर आवाज देते रहते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। मरीजों को रात आठ बजे के बाद कोई देखने तक नहीं आता है। मरीजों के परिजन रातभर हाथ के पंखों से मरीजों को हवा करते रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुनिये परिजनों का दर्द
मेरी पुत्रवधू को ऑपरेशन से बच्चा हुआ है। वह दो दिन से अस्पताल में है। गर्मी इतनी अधिक है कि पंखे ठीक से नहीं चल रहे हैं। मजबूरी में घर से बिजली का छोटा पंखा मंगवाकर जच्चा और बच्चे के सामने चलवाया गया है। कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। रात को बहू दर्द से कराहती रही, लेकिन न डॉक्टर आया और न ही किसी कर्मचारी ने उसे देखा।
- राजवती परिजन, निवासी बिल्लोचपुर
मेरी देवरानी की डिलीवरी हुई है। रातभर वह दर्द से कराहती रही। कई बार नर्सिंग स्टाफ को बुलाया, लेकिन कोई नहीं आया। डॉक्टरों को भी कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। गर्मी के कारण पंखे भी घर से मंगवाने पड़े। बिस्तरों में से बदबू आ रही है। सोना तो दूर बैठना तक मुश्किल हो रहा है। कोई सुविधा ही नहीं है।

- सावत्री, परिजन, प्रकाश विहार पलवल
मैं इस बारे में जानकारी लूंगा। सभी कमरों में पंखे ठीक चल रहे हैं। कूलर और मंगवाए जा रहे हैं। पंखों में यदि खराबी आ रही है तो उसे ठीक करवाया जाएगा। रात को डॉक्टर की भी व्यवस्था है। फिर भी मैं जानकारी लेता हूं। यदि किसी की लापरवाही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. लोकवीर सिंह, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पलवल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed