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रखरखाव शुल्क देने के बावजूद नहीं मिल रहीं ओमेक्स सिटी में सुविधाएं
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पलवल की ओमेक्स सिटी में टूटी पड़ी सड़क
- फोटो : Palwal
पलवल। दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर धौलागढ़ के पास स्थित ओमेक्स सिटी में लोगों द्वारा रखरखाव शुल्क देने के बावजूद बिल्डर द्वारा दी जाने वाली एक भी सुविधा नहीं मिल रही है। हालात ये हैं कि न तो ओमेक्स सिटी में सफाई व्यवस्था दुरुस्त है और न ही बिजली और पानी की व्यवस्था है। सड़कों की हालत भी बेहद खराब है। ओमेक्स सिटी रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा बार-बार बिल्डर को समस्याओं का समाधान कराने के लिए मौखिक और लिखित में कहा जा चुका है, लेकिन ओमेक्स के मालिकों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है। अब यहां के निवासी पलवल उपभोक्ता फोरम का सहारा ले रहे हैं।
ओमेक्स सिटी को पलवल में बसे करीब 9 साल हो गए हैं। यहां करीब दो हजार परिवार रह रहे हैं। फेज वन और दो में तो सभी फ्लैट व विला में लोग रह रहे हैं। जबकि फेज तीन और चार में भी 80 प्रतिशत लोग रह रहे हैं। रखरखाव शुल्क भी लोगों द्वारा दिया जा रहा है। इसके बावजूद लोगों को बिल्डर द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं पूरी नहीं दी जा रही हैं। बिल्डर की तरफ से सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता। महीने में 20 दिन सफाई कर्मी नहीं आते हैं। जब आते हैं तो पूछने पर एक ही जवाब होता है कि वेतन नहीं मिल रहा है। इसके अलावा महीने में 15 दिन पानी की समस्या रहती है। बिजली की हालत तो इतनी खराब है कि कब गुल हो जाए किसी को नहीं पता हो। इतना ही नहीं बिजली यदि एक बार गुल हो जाए तो कई बार तो तीन-तीन दिन तक नहीं आती है। ओमेक्स जैसी सोसाइटी की हालत देखकर लगता है कि जैसे लोग पिछड़े इलाके में रह रहे हैं।
सड़कें टूटी तो कहीं बह रहा पानी
ओमेक्स सिटी में सड़कों की हालत बेहद खस्ता है। सिटी के अंदर प्रवेश करने से लेकर पूरी सोसाइटी में कहीं भी सड़कों की हालत ठीक नहीं है। जगह-जगह सड़कों में गड्ढे हैं। इतना ही नहीं धौलागढ़ से पंचवटी मार्ग तक नगर परिषद द्वारा सीवर लाइन डालने के लिए सिटी की खोदी गई सड़क नहीं बनाई गई है। पूरे दिन सोसाइटी में धूल उड़ती रहती है। कहीं-कहीं तो पानी बहता मिल जाएगा। सीवर के अधिकांश मेनहोल टूटे पड़े हैं। सुरक्षाकर्मी के नाम पर पूरी सिटी में मात्र चार से पांच सुरक्षाकर्मी हैं।
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जइन समस्याओं को लेकर ओमेक्स ग्रुप में शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालात किसी पिछड़े क्षेत्र से भी ज्यादा खराब हैं। गांवों से भी बुरा हाल है। अब हरेरा में इसकी शिकायत की जा रही है।
-आत्माराम पालीवाल, पूर्व अध्यक्ष आरडब्ल्यूए
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हालात ये हैं कि न सफाई व्यवस्था दुरुस्त है न ही सुरक्षाकर्मी हैं। लाइट और पानी की समस्या बनी रहती है। अब अदालत का सहारा लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
- अनिल गर्ग, पूर्व सचिव आरडब्ल्यूए
रखरखाव शुल्क लगातार दिया जा रहा है। इसके बावजूद फ्लैट में 15-15 दिन तक सफाई वाले नहीं आते हैं। पानी की समस्या रहती है तथा बिजली का कुछ पता नहीं रहता।
-अनीता चौहान, निवासी
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लोगों की समस्या को ओमेक्स के मालिकों को भिजवा दिया है। सानवी कंपनी को भी इस संदर्भ में शिकायत दी गई है। इसके अलावा पानी और बिजली में कई बार तकनीकी कमी आ जाती है, लेकिन उसे तुरंत ठीक करा दिया जाता है। सड़कों को मरम्मत का कार्य भी जल्द कराया जाएगा।
- संदीप उर्फ टिंकू जाखड़, इंचार्ज ओमेक्स सिटी पलवल
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ओमेक्स सिटी को पलवल में बसे करीब 9 साल हो गए हैं। यहां करीब दो हजार परिवार रह रहे हैं। फेज वन और दो में तो सभी फ्लैट व विला में लोग रह रहे हैं। जबकि फेज तीन और चार में भी 80 प्रतिशत लोग रह रहे हैं। रखरखाव शुल्क भी लोगों द्वारा दिया जा रहा है। इसके बावजूद लोगों को बिल्डर द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं पूरी नहीं दी जा रही हैं। बिल्डर की तरफ से सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता। महीने में 20 दिन सफाई कर्मी नहीं आते हैं। जब आते हैं तो पूछने पर एक ही जवाब होता है कि वेतन नहीं मिल रहा है। इसके अलावा महीने में 15 दिन पानी की समस्या रहती है। बिजली की हालत तो इतनी खराब है कि कब गुल हो जाए किसी को नहीं पता हो। इतना ही नहीं बिजली यदि एक बार गुल हो जाए तो कई बार तो तीन-तीन दिन तक नहीं आती है। ओमेक्स जैसी सोसाइटी की हालत देखकर लगता है कि जैसे लोग पिछड़े इलाके में रह रहे हैं।
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सड़कें टूटी तो कहीं बह रहा पानी
ओमेक्स सिटी में सड़कों की हालत बेहद खस्ता है। सिटी के अंदर प्रवेश करने से लेकर पूरी सोसाइटी में कहीं भी सड़कों की हालत ठीक नहीं है। जगह-जगह सड़कों में गड्ढे हैं। इतना ही नहीं धौलागढ़ से पंचवटी मार्ग तक नगर परिषद द्वारा सीवर लाइन डालने के लिए सिटी की खोदी गई सड़क नहीं बनाई गई है। पूरे दिन सोसाइटी में धूल उड़ती रहती है। कहीं-कहीं तो पानी बहता मिल जाएगा। सीवर के अधिकांश मेनहोल टूटे पड़े हैं। सुरक्षाकर्मी के नाम पर पूरी सिटी में मात्र चार से पांच सुरक्षाकर्मी हैं।
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जइन समस्याओं को लेकर ओमेक्स ग्रुप में शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालात किसी पिछड़े क्षेत्र से भी ज्यादा खराब हैं। गांवों से भी बुरा हाल है। अब हरेरा में इसकी शिकायत की जा रही है।
-आत्माराम पालीवाल, पूर्व अध्यक्ष आरडब्ल्यूए
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हालात ये हैं कि न सफाई व्यवस्था दुरुस्त है न ही सुरक्षाकर्मी हैं। लाइट और पानी की समस्या बनी रहती है। अब अदालत का सहारा लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
- अनिल गर्ग, पूर्व सचिव आरडब्ल्यूए
रखरखाव शुल्क लगातार दिया जा रहा है। इसके बावजूद फ्लैट में 15-15 दिन तक सफाई वाले नहीं आते हैं। पानी की समस्या रहती है तथा बिजली का कुछ पता नहीं रहता।
-अनीता चौहान, निवासी
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लोगों की समस्या को ओमेक्स के मालिकों को भिजवा दिया है। सानवी कंपनी को भी इस संदर्भ में शिकायत दी गई है। इसके अलावा पानी और बिजली में कई बार तकनीकी कमी आ जाती है, लेकिन उसे तुरंत ठीक करा दिया जाता है। सड़कों को मरम्मत का कार्य भी जल्द कराया जाएगा।
- संदीप उर्फ टिंकू जाखड़, इंचार्ज ओमेक्स सिटी पलवल