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20 जनवरी को किसान आंदोलन को समर्थन देंगे कर्मचारी
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पलवल। अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित विभागीय यूनियन के कर्मचारी 20 जनवरी को किसानों के धरने में समर्थन देंगे। सोमवार को जिला इकाई की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया।
जिला इकाई के प्रधान राजेश शर्मा की अध्यक्षता में आईटीआई, बिजली विभाग, पब्लिक हेल्थ, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग, वन विभाग आदि के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से लाखों किसान भीषण ठंड में दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। उनका एक ही संकल्प है कि या तो कृषि कानून रद्द होंगे या फिर आंदोलन लड़ते-लड़ते वे अपनी जान भी दे देंगे। अब तक आंदोलन के दौरान 70 किसानों की जान जा चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार अनदेखी करते हुए तानाशाही का रवैया अपना रही है। इस लड़ाई में किसान, मजदूर, महिला, नौजवान, बेरोजगार, कर्मचारियों के अधिकार भी शामिल हैं। इन कानूनों से मंडी व्यवस्था, राशन प्रणाली, खाद्यान्नों के मामले में देश की आत्मनिर्भरता खत्म हो जाएगी। जमाखोरी व कालाबाजारी बढ़ेगी। अनाज, दाल, खाद्य तेल, प्याज, आलू जैसे खाद्य पदार्थों को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाने के बाद से महंगाई बढ़ रही है। इन कानूनों से देश में भुखमरी और कुपोषण के हालात और भी भयानक हो जाएंगे। इस मौके पर जिला सचिव योगेश शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान बनवारी लाल, ब्लाक प्रधान राजकुमार डागर, जितेंद्र तेवतिया, राकेश तंवर, बालकिशन शर्मा, शिवराम कुंडू आदि मौजूद रहे।
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जिला इकाई के प्रधान राजेश शर्मा की अध्यक्षता में आईटीआई, बिजली विभाग, पब्लिक हेल्थ, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग, वन विभाग आदि के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
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उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से लाखों किसान भीषण ठंड में दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। उनका एक ही संकल्प है कि या तो कृषि कानून रद्द होंगे या फिर आंदोलन लड़ते-लड़ते वे अपनी जान भी दे देंगे। अब तक आंदोलन के दौरान 70 किसानों की जान जा चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार अनदेखी करते हुए तानाशाही का रवैया अपना रही है। इस लड़ाई में किसान, मजदूर, महिला, नौजवान, बेरोजगार, कर्मचारियों के अधिकार भी शामिल हैं। इन कानूनों से मंडी व्यवस्था, राशन प्रणाली, खाद्यान्नों के मामले में देश की आत्मनिर्भरता खत्म हो जाएगी। जमाखोरी व कालाबाजारी बढ़ेगी। अनाज, दाल, खाद्य तेल, प्याज, आलू जैसे खाद्य पदार्थों को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाने के बाद से महंगाई बढ़ रही है। इन कानूनों से देश में भुखमरी और कुपोषण के हालात और भी भयानक हो जाएंगे। इस मौके पर जिला सचिव योगेश शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान बनवारी लाल, ब्लाक प्रधान राजकुमार डागर, जितेंद्र तेवतिया, राकेश तंवर, बालकिशन शर्मा, शिवराम कुंडू आदि मौजूद रहे।
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