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Palwal News: सरकार के खिलाफ लामबंद हुए कर्मचारी, कामकाज ठप
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कई विभागों की सेवाएं प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मंगलवार को नूंह जिले में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हड़ताल कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण नगरपालिका, पीडब्ल्यूडी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व सहित कई विभागों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा, जिससे आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुबह से ही नूंह की नई अनाजमंडी में सैकड़ों कर्मचारी एकत्रित हुए। सभा की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान योगेश दीक्षित व सीटू जिला संयोजक अनिल कुमार ने की। कर्मचारियों ने सरकार की श्रम विरोधी नीतियों, नए लेबर कोड्स, ठेका प्रथा, न्यूनतम वेतन और पुरानी पेंशन योजना को लेकर नाराजगी जताई।
सीटू प्रदेश महासचिव जय भगवान ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लागू किए जा रहे चार लेबर कोड्स मजदूरों के हितों पर सीधा हमला हैं। ये कोड न केवल काम के घंटे बढ़ाते हैं, बल्कि स्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और हड़ताल के अधिकारों को भी खत्म करने की दिशा में हैं।
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प्रमुख मांगें:
सभी स्कीम वर्कर्स को स्थायी किया जाए
न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये किया जाए
पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए
मनरेगा के तहत 200 दिन का रोजगार और 800 रुपये की मजदूरी निर्धारित हो
निजीकरण और महंगाई पर रोक लगे
फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, तावड़ू में भी दिखा असर
नूंह के अलावा फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना और तावडू में भी हड़ताल का व्यापक असर रहा। आशा वर्कर्स, मिड-डे मील वर्कर्स, सफाई कर्मचारी, चौकीदार, बिजली और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे।
रोडवेज बसें चलीं, यात्रियों को नहीं हुई परेशानी
हड़ताल का असर रोडवेज विभाग पर नहीं पड़ा। सभी बसें सामान्य रूप से चलती रहीं। रोडवेज कर्मचारियों का कहना था कि आम जनता को असुविधा न हो, इसलिए उन्होंने बस सेवा बाधित नहीं की।
जनता को हुई परेशानी
कई लोग अपने कामों को लेकर सरकारी कार्यालयों में पहुंचे, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें बिना काम के लौटना पड़ा। पटवारी से मिलने पहुंचे भगतसिंह ने बताया कि हड़ताल की वजह से उनका जरूरी काम अटका हुआ है। नगरपालिका कार्यालय पहुंचे सुरेश ने भी ऐसी ही शिकायत की।
शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई
सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। लोगों ने बताया कि नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बढ़ रही है और बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मंगलवार को नूंह जिले में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने हड़ताल कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण नगरपालिका, पीडब्ल्यूडी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व सहित कई विभागों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा, जिससे आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुबह से ही नूंह की नई अनाजमंडी में सैकड़ों कर्मचारी एकत्रित हुए। सभा की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान योगेश दीक्षित व सीटू जिला संयोजक अनिल कुमार ने की। कर्मचारियों ने सरकार की श्रम विरोधी नीतियों, नए लेबर कोड्स, ठेका प्रथा, न्यूनतम वेतन और पुरानी पेंशन योजना को लेकर नाराजगी जताई।
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सीटू प्रदेश महासचिव जय भगवान ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लागू किए जा रहे चार लेबर कोड्स मजदूरों के हितों पर सीधा हमला हैं। ये कोड न केवल काम के घंटे बढ़ाते हैं, बल्कि स्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और हड़ताल के अधिकारों को भी खत्म करने की दिशा में हैं।
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प्रमुख मांगें:
सभी स्कीम वर्कर्स को स्थायी किया जाए
न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये किया जाए
पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए
मनरेगा के तहत 200 दिन का रोजगार और 800 रुपये की मजदूरी निर्धारित हो
निजीकरण और महंगाई पर रोक लगे
फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, तावड़ू में भी दिखा असर
नूंह के अलावा फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना और तावडू में भी हड़ताल का व्यापक असर रहा। आशा वर्कर्स, मिड-डे मील वर्कर्स, सफाई कर्मचारी, चौकीदार, बिजली और लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे।
रोडवेज बसें चलीं, यात्रियों को नहीं हुई परेशानी
हड़ताल का असर रोडवेज विभाग पर नहीं पड़ा। सभी बसें सामान्य रूप से चलती रहीं। रोडवेज कर्मचारियों का कहना था कि आम जनता को असुविधा न हो, इसलिए उन्होंने बस सेवा बाधित नहीं की।
जनता को हुई परेशानी
कई लोग अपने कामों को लेकर सरकारी कार्यालयों में पहुंचे, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें बिना काम के लौटना पड़ा। पटवारी से मिलने पहुंचे भगतसिंह ने बताया कि हड़ताल की वजह से उनका जरूरी काम अटका हुआ है। नगरपालिका कार्यालय पहुंचे सुरेश ने भी ऐसी ही शिकायत की।
शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई
सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। लोगों ने बताया कि नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बढ़ रही है और बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है।