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कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर मनाया काला दिवस, जताया रोष
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पलवल। सर्व कर्मचारी संघ के तत्वावधान में बुधवार को प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत बिजली, जन स्वास्थ्य, सिंचाई, बीएंडआर, शिक्षा, वन विभाग के अलावा सामान्य अस्पताल, सामुदायकि व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विरोध गेट मीटिंग आयोजित कर काला दिवस मनाया। प्रदर्शन में बिजली सहित आवश्यक सेवाओं के कर्मियों को कोरोना योद्धा घोषित करने और कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने पर 50 लाख रुपए मुआवजा व आश्रित को नौकरी देने की मांग की गई। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा की अगुवाई में मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट अंकिता अधिकारी को सौंपा।
सुभाष लांबा ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करके ही कोरोना जैसी महामारी से निपटा जा सकता है, लेकिन सरकार ऐसा करने की बजाय निजीकरण का ही राग अलाप रही है, जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों और मांगों के ज्ञापन देने के बावजूद सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में पीटीआई, ग्रुप डी , स्वास्थ्य ठेका कर्मियों सहित अन्य विभागों से नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने, ठेका प्रथा समाप्त कर कच्चे कर्मियों को पक्का करने, पक्का होने तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करने, पुरानी पेंशन व डीए बहाल करने, सभी कर्मचारियों व पेंशनर्स के विशेष अभियान चला कर वैक्सीन लगाने, सरकारी स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करके आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने, बकाया वेतन का भुगतान करने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला प्रधान राजेश शर्मा, सचिव योगेश शर्मा, खंड प्रधान राजकुमार डागर, मैकेनिकल वर्कर यूनियन के नेता राकेश तंवर व एएचपीसी वर्कर यूनियन के सचिव सरजीत सौरोत शामिल थे।
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सुभाष लांबा ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करके ही कोरोना जैसी महामारी से निपटा जा सकता है, लेकिन सरकार ऐसा करने की बजाय निजीकरण का ही राग अलाप रही है, जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों और मांगों के ज्ञापन देने के बावजूद सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में पीटीआई, ग्रुप डी , स्वास्थ्य ठेका कर्मियों सहित अन्य विभागों से नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने, ठेका प्रथा समाप्त कर कच्चे कर्मियों को पक्का करने, पक्का होने तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करने, पुरानी पेंशन व डीए बहाल करने, सभी कर्मचारियों व पेंशनर्स के विशेष अभियान चला कर वैक्सीन लगाने, सरकारी स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करके आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने, बकाया वेतन का भुगतान करने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला प्रधान राजेश शर्मा, सचिव योगेश शर्मा, खंड प्रधान राजकुमार डागर, मैकेनिकल वर्कर यूनियन के नेता राकेश तंवर व एएचपीसी वर्कर यूनियन के सचिव सरजीत सौरोत शामिल थे।
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