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कर्मचारी यूनियनों ने जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन
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पलवल। किसान आंदोलन के समर्थन में शनिवार को सर्व कर्मचारी संघ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, अखिल भारतीय किसान सभा व सीआईटीयू के संयुक्त तत्वाधान में जुलूस निकालकर आक्रोश प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर किसानों पर बर्बरता किए जाने की निंदा करते हुए गिरफ्तार किसानों को रिहा करने की मांग की।
प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान धर्मचंद व संचालन सर्व कर्मचारी संघ जिला सचिव योगेश शर्मा ने किया। जुलूस देवीलाल पार्क से शुरू होकर आगरा चौक से होते हुए पुराना सोहना मोड़ पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता रमेश चंद, सीटू के उपप्रधान दरियाब सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार और हरियाणा की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ने कृषि के तीन काले कानूनों को जबरदस्ती थोपने की जिद ठान रखी है। इसके लिए अब तानाशाही पर उतर आए हैं। विरोध कर रहे किसानों का दमन करते हुए उन पर झूठे मुकदमे बनाए जा रहे हैं। यह तीनों कृषि कानून पहले से ही घाटे में चल रही खेती व किसानों को बर्बाद कर देंगे। बड़े-बड़े पूंजीपतियों के लिए खेती के दरवाजे खोलने वाले भाजपा नेता सत्ता के नशे में चूर होकर कहते हैं कि इन कानूनों को किसी भी हालत में वापस नहीं लेंगे। किसान आंदोलन को बिचौलिये दलालों का आंदोलन कहकर बदनाम करना भी शुरू कर दिया है। प्राइवेट कंपनियों को मनमर्जी के दामों पर कृषि उत्पाद खरीदने की छूट मिल जाएगी। इस मौके पर देवीसिंह सेजवाल, जितेंद्र तेवतिया, राजकुमार डागर, प्रेम सहरावत, रणसिंह, वीरपाल, राकेश तंवर, बीरसिंह सौरोत, हरकेश सौरोत, बालकिशन शर्मा, प्रदीप, ऋषिपाल चौहान, राहुल तंवर, चरण सिंह डागर, सीआईटीयू के नेता भागीरथ बेनीवाल, राज पांचाल, ताराचंद, दरियाब सिंह, हरीशचंद वर्मा आदि मौजूद रहे।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान धर्मचंद व संचालन सर्व कर्मचारी संघ जिला सचिव योगेश शर्मा ने किया। जुलूस देवीलाल पार्क से शुरू होकर आगरा चौक से होते हुए पुराना सोहना मोड़ पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता रमेश चंद, सीटू के उपप्रधान दरियाब सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार और हरियाणा की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ने कृषि के तीन काले कानूनों को जबरदस्ती थोपने की जिद ठान रखी है। इसके लिए अब तानाशाही पर उतर आए हैं। विरोध कर रहे किसानों का दमन करते हुए उन पर झूठे मुकदमे बनाए जा रहे हैं। यह तीनों कृषि कानून पहले से ही घाटे में चल रही खेती व किसानों को बर्बाद कर देंगे। बड़े-बड़े पूंजीपतियों के लिए खेती के दरवाजे खोलने वाले भाजपा नेता सत्ता के नशे में चूर होकर कहते हैं कि इन कानूनों को किसी भी हालत में वापस नहीं लेंगे। किसान आंदोलन को बिचौलिये दलालों का आंदोलन कहकर बदनाम करना भी शुरू कर दिया है। प्राइवेट कंपनियों को मनमर्जी के दामों पर कृषि उत्पाद खरीदने की छूट मिल जाएगी। इस मौके पर देवीसिंह सेजवाल, जितेंद्र तेवतिया, राजकुमार डागर, प्रेम सहरावत, रणसिंह, वीरपाल, राकेश तंवर, बीरसिंह सौरोत, हरकेश सौरोत, बालकिशन शर्मा, प्रदीप, ऋषिपाल चौहान, राहुल तंवर, चरण सिंह डागर, सीआईटीयू के नेता भागीरथ बेनीवाल, राज पांचाल, ताराचंद, दरियाब सिंह, हरीशचंद वर्मा आदि मौजूद रहे।
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