{"_id":"5d4090498ebc3e6cd406059c","slug":"electrician-protest-palwal-news-noi4522949181","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। बिजली कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी मांगों के लिए पुराना कोर्ट परिसर स्थित बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस अवसर पर कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों ने अपनी लंबित पड़ी हुई मांगों को लेकर अधीक्षक अभियंता दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम पलवल को एजेंडा दिया गया है। कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कई बार बैठक कर अवगत भी कराया गया है। उसके बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं पर संज्ञान नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि अधीक्षक अभियंता कर्मचारियों की मांगों को झूठा आश्वासन देकर टालते आ रहे हैं। पलवल डिविजन से कुछ कर्मचारियों का ट्रांसफर कर उन्हें रिलीव भी कर दिया गया है। कच्चे कर्मचारियों को 30 किलोमीटर की दूरी पर ट्रांसफर किया जा रहा है, जबकि कच्चे कर्मचारियों का कम वेतन होता है। उन्होंने बताया कि बिजली के तारों की क्रासिंग पर रबड़ के पाइप डलवाने की मांग की गई थी, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है। क्रासिंग पर रबड़ के पाइप नहीं होने की वजह से हादसे होते रहते हैं। 2012 में भर्ती किए गए एएलएम की प्रमोशन किए गए थे, लेकिन यह प्रमोशन गलत ढंग से किए गए। कर्मचारियों ने नजदीक के स्टेशन अलॉट किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
इस अवसर पर कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों ने अपनी लंबित पड़ी हुई मांगों को लेकर अधीक्षक अभियंता दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम पलवल को एजेंडा दिया गया है। कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कई बार बैठक कर अवगत भी कराया गया है। उसके बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं पर संज्ञान नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि अधीक्षक अभियंता कर्मचारियों की मांगों को झूठा आश्वासन देकर टालते आ रहे हैं। पलवल डिविजन से कुछ कर्मचारियों का ट्रांसफर कर उन्हें रिलीव भी कर दिया गया है। कच्चे कर्मचारियों को 30 किलोमीटर की दूरी पर ट्रांसफर किया जा रहा है, जबकि कच्चे कर्मचारियों का कम वेतन होता है। उन्होंने बताया कि बिजली के तारों की क्रासिंग पर रबड़ के पाइप डलवाने की मांग की गई थी, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है। क्रासिंग पर रबड़ के पाइप नहीं होने की वजह से हादसे होते रहते हैं। 2012 में भर्ती किए गए एएलएम की प्रमोशन किए गए थे, लेकिन यह प्रमोशन गलत ढंग से किए गए। कर्मचारियों ने नजदीक के स्टेशन अलॉट किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन