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Palwal News: पशुपालन लोन दिलाने के नाम पर बैंक मैनेजर ने किसान से आठ लाख ठगे
Fri, 19 Jan 2024 12:20 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Fri, 19 Jan 2024 12:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पशुपालन लोन दिलाने के नाम पर बैंक मैनेजर ने किसान से आठ लाख रुपये हड़प लिए। मैनेजर ने पहली किस्त मिलते ही कमीशन, एनओसी व पशुओं के बीमा के नाम पर दो लाख रुपये ले लिए और बाकी किस्त जारी नहीं की। मैनेजर से रुपये मांगे तो उसे गाली-गलौज करते हुए सड़क हादसे में मरवाने व झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। चांदहट थाना पुलिस ने पीड़ित किसान की शिकायत पर आरोपी बैंक मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
चांदहट थाना प्रभारी दलवीर सिंह के अनुसार गांव थंथरी निवासी ज्ञान सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि वर्ष 2020 में उसे भैंसो की डेयरी चलाने के लिए आठ लाख रुपयों की जरूरत थी। इसके लिए उसने अपनी कृषि जमीन पर लोन लेने के लिए द फरीदाबाद केंद्रीय सहकारी बैंक शाखा गांव अमरपुर में आवेदन किया था। उसका लोन स्वीकृत होने पर उसे दो लाख रुपये पहली किस्त के रूप में मिले गए। जब वह बैंक से रुपये निकालकर जाने लगा तो बैंक मैनेजर जगन तेवतिया ने बैंक के बाहर आकर उससे वह दो लाख रुपये वापस ले लिए। बैंक मैनेजर ने उससे कहा कि उसने पहले 50 हजार रुपये का जो लोन ले रखा है, उसकी एनओसी के लिए एक लाख रुपये, लोन देने का 10 प्रतिशत कमीशन 80 हजार रुपये तथा 20 हजार रुपये भैंसो का बीमा होगा। यह राशि बैंक मैनेजर ने गांव निवासी हेतराम के सामने वापस ले ली। इसके बाद उसने बैंक से ली किस्त वापस बैंक मैनेजर को लोन चुकता करने के लिए दे दी। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने बैंक मैनेजर से कहा कि लोन देने में 10 प्रतिशत का कमीशन नहीं बनता और एनओसी देने की एवज में भी ज्यादा रुपये ले रहे हो। प्रति भैंस का 225 रुपये में बीमा होता है। जानबूझकर धोखाधड़ी व छल से उससे दो लाख रुपये ऐंठे गए हैं। उसने बैंक मैनेजर से दो लाख की राशि वापस मांगी। वह वर्ष 2020 के सितंबर माह में अपने पैसे वापस लेने के लिए गया तो बैंक मैनेजर जगन तेवतिया ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए कहा कि वह पैसे वापस नहीं देगा। मैनेजर ने कहा कि हम जो भी लोन करते हैं, उसका अपना कमीशन लेते हैं। उसने लोन की सारी किस्त मैनेजर जगन तेवतिया को दे दी। लोन भरने के बाद भी अभी तक उसे न तो कोई रसीद मिली है और न ही एनओसी दी गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने हल्का पटवारी के पास जाकर देखा कि उसकी जमाबंदी के ऊपर आठ लाख रुपये का लोन दर्ज है, जबकि उसे आठ लाख रुपये मिले ही नहीं। आरोपी ने धमकी दी है कि यदि उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की तो वह उसे सड़क हादसे में जान से मरवा देगा, या फिर किसी झूठे केस में फंसा देगा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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पलवल। पशुपालन लोन दिलाने के नाम पर बैंक मैनेजर ने किसान से आठ लाख रुपये हड़प लिए। मैनेजर ने पहली किस्त मिलते ही कमीशन, एनओसी व पशुओं के बीमा के नाम पर दो लाख रुपये ले लिए और बाकी किस्त जारी नहीं की। मैनेजर से रुपये मांगे तो उसे गाली-गलौज करते हुए सड़क हादसे में मरवाने व झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। चांदहट थाना पुलिस ने पीड़ित किसान की शिकायत पर आरोपी बैंक मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
चांदहट थाना प्रभारी दलवीर सिंह के अनुसार गांव थंथरी निवासी ज्ञान सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि वर्ष 2020 में उसे भैंसो की डेयरी चलाने के लिए आठ लाख रुपयों की जरूरत थी। इसके लिए उसने अपनी कृषि जमीन पर लोन लेने के लिए द फरीदाबाद केंद्रीय सहकारी बैंक शाखा गांव अमरपुर में आवेदन किया था। उसका लोन स्वीकृत होने पर उसे दो लाख रुपये पहली किस्त के रूप में मिले गए। जब वह बैंक से रुपये निकालकर जाने लगा तो बैंक मैनेजर जगन तेवतिया ने बैंक के बाहर आकर उससे वह दो लाख रुपये वापस ले लिए। बैंक मैनेजर ने उससे कहा कि उसने पहले 50 हजार रुपये का जो लोन ले रखा है, उसकी एनओसी के लिए एक लाख रुपये, लोन देने का 10 प्रतिशत कमीशन 80 हजार रुपये तथा 20 हजार रुपये भैंसो का बीमा होगा। यह राशि बैंक मैनेजर ने गांव निवासी हेतराम के सामने वापस ले ली। इसके बाद उसने बैंक से ली किस्त वापस बैंक मैनेजर को लोन चुकता करने के लिए दे दी। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने बैंक मैनेजर से कहा कि लोन देने में 10 प्रतिशत का कमीशन नहीं बनता और एनओसी देने की एवज में भी ज्यादा रुपये ले रहे हो। प्रति भैंस का 225 रुपये में बीमा होता है। जानबूझकर धोखाधड़ी व छल से उससे दो लाख रुपये ऐंठे गए हैं। उसने बैंक मैनेजर से दो लाख की राशि वापस मांगी। वह वर्ष 2020 के सितंबर माह में अपने पैसे वापस लेने के लिए गया तो बैंक मैनेजर जगन तेवतिया ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए कहा कि वह पैसे वापस नहीं देगा। मैनेजर ने कहा कि हम जो भी लोन करते हैं, उसका अपना कमीशन लेते हैं। उसने लोन की सारी किस्त मैनेजर जगन तेवतिया को दे दी। लोन भरने के बाद भी अभी तक उसे न तो कोई रसीद मिली है और न ही एनओसी दी गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने हल्का पटवारी के पास जाकर देखा कि उसकी जमाबंदी के ऊपर आठ लाख रुपये का लोन दर्ज है, जबकि उसे आठ लाख रुपये मिले ही नहीं। आरोपी ने धमकी दी है कि यदि उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की तो वह उसे सड़क हादसे में जान से मरवा देगा, या फिर किसी झूठे केस में फंसा देगा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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