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Palwal News: जिले को मिली नई वन रेंज, सीलखो पहाड़ पर होगा मुख्यालय
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अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। हरियाणा वन विभाग ने नूंह जिले में वन संरक्षण और अरावली क्षेत्र की निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से तावड़ू नाम से नई वन रेंज का गठन किया है। इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक, हरियाणा, पंचकूला द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। नई रेंज का मुख्यालय सीलखो पहाड़ स्थित वन विभाग परिसर में स्थापित किया जाएगा।
वन विभाग के अनुसार नई रेंज का गठन हरियाणा फॉरेस्ट मैनुअल के प्रावधानों के तहत किया गया है। इसके साथ ही नूंह और नई तावडू वन रेंजों का पुनर्गठन भी किया गया है, जिससे क्षेत्र में वन संपदा और वन्यजीवों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
जिला वन अधिकारी प्रवीण यादव ने बताया कि नई रेंज बनने से अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। इसके लिए अलग से रेंज अधिकारी तथा अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। इससे विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। नई तावडू वन रेंज के अंतर्गत तावडू और मोहम्मदपुर अहीर ब्लॉकों को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत तावडू, धुलावट, सीलखो, मोहम्मदपुर अहीर, सूंध और सेहसोला सहित आसपास के गांवों की वन बीटें शामिल रहेंगी।
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विभाग ने संबंधित ब्लॉक और बीट की सीमाएं चिह्नित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत नूंह रेंज को भी पुनर्गठित किया गया है। नूंह, रेवासन और मलाब ब्लॉकों के अंतर्गत नूंह, नल्हड़, छापरा, रेवासन, बसई,इंडरी ,मालब, कोटला और मेवली बीटों को शामिल किया गया है। विभाग के आदेशों के अनुसार नई रेंज के ब्लॉकों और बीटों की अंतिम सीमाएं नक्शों पर चिह्नित की जाएंगी। इसके लिए दक्षिण वन संरक्षक तथा नूंह के प्रभागीय वन अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय अधिकारियों ने हाल ही में सीलखो पहाड़ क्षेत्र का निरीक्षण भी किया है और जल्द ही मुख्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वन विभाग का मानना है कि नई रेंज के गठन से अरावली क्षेत्र में अवैध खनन, अतिक्रमण और वन अपराधों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। हरियाणा वन विभाग ने नूंह जिले में वन संरक्षण और अरावली क्षेत्र की निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से तावड़ू नाम से नई वन रेंज का गठन किया है। इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक, हरियाणा, पंचकूला द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। नई रेंज का मुख्यालय सीलखो पहाड़ स्थित वन विभाग परिसर में स्थापित किया जाएगा।
वन विभाग के अनुसार नई रेंज का गठन हरियाणा फॉरेस्ट मैनुअल के प्रावधानों के तहत किया गया है। इसके साथ ही नूंह और नई तावडू वन रेंजों का पुनर्गठन भी किया गया है, जिससे क्षेत्र में वन संपदा और वन्यजीवों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
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जिला वन अधिकारी प्रवीण यादव ने बताया कि नई रेंज बनने से अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। इसके लिए अलग से रेंज अधिकारी तथा अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। इससे विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। नई तावडू वन रेंज के अंतर्गत तावडू और मोहम्मदपुर अहीर ब्लॉकों को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत तावडू, धुलावट, सीलखो, मोहम्मदपुर अहीर, सूंध और सेहसोला सहित आसपास के गांवों की वन बीटें शामिल रहेंगी।
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विभाग ने संबंधित ब्लॉक और बीट की सीमाएं चिह्नित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत नूंह रेंज को भी पुनर्गठित किया गया है। नूंह, रेवासन और मलाब ब्लॉकों के अंतर्गत नूंह, नल्हड़, छापरा, रेवासन, बसई,इंडरी ,मालब, कोटला और मेवली बीटों को शामिल किया गया है। विभाग के आदेशों के अनुसार नई रेंज के ब्लॉकों और बीटों की अंतिम सीमाएं नक्शों पर चिह्नित की जाएंगी। इसके लिए दक्षिण वन संरक्षक तथा नूंह के प्रभागीय वन अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय अधिकारियों ने हाल ही में सीलखो पहाड़ क्षेत्र का निरीक्षण भी किया है और जल्द ही मुख्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वन विभाग का मानना है कि नई रेंज के गठन से अरावली क्षेत्र में अवैध खनन, अतिक्रमण और वन अपराधों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।