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फिरोजपुर में कीचड़ से लबालब रास्तों से निकलना मुश्किल
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गांव फिरोजपुर में रास्ते की हालत
- फोटो : Palwal
पलवल। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसे गांव फिरोजपुर में रास्तों की हालत बदहाल है। गांव में सभी रास्तों को पेयजल और सीवर लाइन के लिए उखाड़ दिया गया तथा लाइन डालने के बाद रास्तों को पक्का नहीं किया गया, जिससे पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। हल्की बारिश होते ही रास्तों में कीचड़ ही कीचड़ नजर आता है। कीचड़ भरे रास्तों में लोग फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उन्हें चोट भी लग जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है, क्योंकि स्कूल का मुख्य रास्ता कीचड़ से लबालब है।
दरअसल, नए परिसीमन में गांव फिरोजपुर को नगर परिषद की सीमा में शामिल किया गया। नगर परिषद में शामिल होने के बाद पिछले करीब तीन साल से गांव में अमृत योजना के तहत पेयजल और सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। काम की गति इतनी धीमी है कि पिछले तीन साल में लाइन डालने का काम पूरा नहीं किया गया। लाइन डालने के लिए गांव के ज्यादातर रास्तों को खोद दिया गया। लाइन तो डाल दी गई, लेकिन रास्तों को पक्का अब तक नहीं किया गया। लाइन डालने के बाद अभी घरों में कनेक्शन भी नहीं किए गए हैं।
गांव निवासी जगदीश, रमेश, रतन, राहुल ने बताया कि गांव के हालत बेहद खराब हैं। पैदल निकलने का भी रास्ता नहीं है। बेहतर सुविधा पाने के लिए गांव को शहर में शामिल कराया गया था, लेकिन हालात पहले से बदहाल हो गए है। 20 साल से गांव में जो हालात थे, आज फिर से वही हालात नजर आ रहे हैं। सभा रास्तों पर कीचड़ ही कीचड़ है।
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सभी वार्डों में अमृत योजना के तहत पेयजल और सीवर लाइन डाली गई है। इस कारण रास्तों की खुदाई की गई थी। अब रास्तों के निर्माण को लेकर टेंडर निकाले जा रहे हैं, जल्द ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।
- इंद भारद्वाज, नप चेयरपर्सन, पलवल
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दरअसल, नए परिसीमन में गांव फिरोजपुर को नगर परिषद की सीमा में शामिल किया गया। नगर परिषद में शामिल होने के बाद पिछले करीब तीन साल से गांव में अमृत योजना के तहत पेयजल और सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। काम की गति इतनी धीमी है कि पिछले तीन साल में लाइन डालने का काम पूरा नहीं किया गया। लाइन डालने के लिए गांव के ज्यादातर रास्तों को खोद दिया गया। लाइन तो डाल दी गई, लेकिन रास्तों को पक्का अब तक नहीं किया गया। लाइन डालने के बाद अभी घरों में कनेक्शन भी नहीं किए गए हैं।
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गांव निवासी जगदीश, रमेश, रतन, राहुल ने बताया कि गांव के हालत बेहद खराब हैं। पैदल निकलने का भी रास्ता नहीं है। बेहतर सुविधा पाने के लिए गांव को शहर में शामिल कराया गया था, लेकिन हालात पहले से बदहाल हो गए है। 20 साल से गांव में जो हालात थे, आज फिर से वही हालात नजर आ रहे हैं। सभा रास्तों पर कीचड़ ही कीचड़ है।
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सभी वार्डों में अमृत योजना के तहत पेयजल और सीवर लाइन डाली गई है। इस कारण रास्तों की खुदाई की गई थी। अब रास्तों के निर्माण को लेकर टेंडर निकाले जा रहे हैं, जल्द ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।
- इंद भारद्वाज, नप चेयरपर्सन, पलवल