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उपायुक्त साहब! पराली के साथ-साथ कूड़ा जलाने वालों की भी पहचान कर लें
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दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर जलाया जा रहा कूड़ा
- फोटो : Palwal
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पलवल। उपायुक्त साहब! जरा सड़क किनारे और लघु सचिवालय परिसर में ही जलाए जा रहे कूड़े को आप ही देख लें, क्योंकि सैटेलाइट से केवल किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाना ही नजर आता है। अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े जलाने वाले नजर नहीं आते हैं। इसलिए कृपया आप ही जिले में जगह-जगह जलाए जा रहे कूड़े को जाकर देखें, ताकि किसानों के साथ-साथ उन लोगों पर भी जुर्माना लगाया जा सके, जो सैटेलाइट में कूड़ा जलाकर प्रदूषण फैलाते नजर नहीं आ रहे हैं। किसानों के साथ इस तरह से अन्याय करना बंद करें। यह बातें पलवल जिले के किसान राजेंद्र सिंह बैंसला बडौली, महेंद्र सिंह चौहान, महेंद्र गहलब, सुनील रजोलका और लाला पहलवान मितरौल ने कहीं।
किसानों द्वारा सैटेलाइट पर उठाए गए सवाल सच्चाई भी है, क्योंकि पिछले तीन साल में सैटेलाइट द्वारा पलवल जिले में केवल खेतों में जलाई जा रही पराली को ही पकड़ा गया है। अब तक सड़कों, सार्वजनिक स्थानों, राजमार्ग पर सफाई कार्य में लगे कर्मियों तथा आम लोगों को कूड़ा जलाते हुए नहीं पकड़ा गया है। पराली जलाने वालों पर तो जुर्माना भी वसूला जा रहा है और मुकदमे भी दर्ज हो रहे हैं, लेकिन जो लोग सड़कों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुबह व शाम कूड़ा जलाते हैं, उन पर न तो जुर्माना वसूला गया है और न ही मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सड़कों पर जल रहे कूड़े से होने वाले प्रदूषण को देख अब आम लोग भी सवाल करने लगे हैं। लगातार जलाए जा रहे कूड़े से प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। हालांकि, रविवार को दोपहर बाद हुई बारिश के बाद प्रदूषण का स्तर तो नहीं बढ़ा पर जहां कूड़ा जलाया गया, वहां उठने वाले धुएं के कारण आसपास से निकलना मुश्किल हो गया।
पराली जलाने पर 21 लोगों की हुई पहचान
कृषि विभाग के अनुसार, सैटेलाइट द्वारा अब तक पलवल जिले में 21 जगहों पर खेतों में पराली जलाने की पहचान की जा चुकी है। जिस पर कृषि विभाग द्वारा जुर्माना भी लगाया जा चुका है। इससे पहले कृषि विभाग पिछले साल पराली जलाने वाले किसानों से लाखों रुपये जुर्माना वसूलने के साथ-साथ मुकदमे भी दर्ज करा चुका है।
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इन जगहों पर रविवार को जलता मिला कूड़ा
रविवार को पलवल में ही राजमार्ग पर टोल बैरियर के निकट खटैला सराय गांव के पास कूड़ा जलता दिखाई दिया। वहीं अनाज मंडी से ही लगती सब्जी मंडी में भी सुबह तड़के कूड़ा जलता नजर आया। इसके अलावा मीनार गेट के पास तथा ओमेक्स सिटी के पास भी कूड़ा जलता देखा गया। लेकिन, कमाल की बात यह है कि यह जलता कूड़ा न तो प्रशासन को दिखाई दिया और न ही प्रदूषण विभाग को। इतना ही नहीं यह जलता कूड़ा सैटेलाइट में भी कैद नहीं हुआ, जो प्रतिदिन किसानों को खेतों में पराली जलाते हुए पकड़ रही है। जहां यह कूड़ा जलता देखा गया, वहां आसपास से भी लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि, दोपहर बाद बारिश होने पर लोगों ने कूड़े जलाने से निकलने वाले धुएं से थोड़ी राहत पाई।
सरकार और प्रशासन केवल किसानों को तंग कर रहे हैं। किसानों द्वारा पराली जलाना तो सैटेलाइट को दिखाई दे जाता है, लेकिन जो सफाई कर्मी खुद कूड़ा सड़कों पर जलाकर प्रदूषण फैला रहे हैं, वे दिखाई नहीं देते। पलवल में तो कई बार उपायुक्त निवास के पास ही कूड़ा जलता रहता है, लेकिन वह किसी को दिखाई नहीं देता।
- देवेंद्र तेवतिया, निवासी जनौली व इनेलो नेता
सरकार ने केवल किसानों को निशाना बनाया हुआ है। किसान इतनी पराली नहीं जलाते, जितने सरकारी विभागों में कार्यरत सफाई कर्मी कूड़ा जला रहे हैं। जुर्माना लगाने के बजाय किसानों को गांवों में जाकर जागरूक करें। जुर्माना लगाना है तो उन अधिकारियों पर लगाया जाए, जिनके घरों के बाहर कूड़ा जलता रहता है।
- महेंद्र चौहान, किसान नेता
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जिले में कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी नगर परिषद अधिकारियों के साथ-साथ सभी एसडीएम को ऐसे लोगों की पहचान करने के निर्देश दे दिए हैं।
- कृष्ण कुमार, उपायुक्त पलवल
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किसानों द्वारा सैटेलाइट पर उठाए गए सवाल सच्चाई भी है, क्योंकि पिछले तीन साल में सैटेलाइट द्वारा पलवल जिले में केवल खेतों में जलाई जा रही पराली को ही पकड़ा गया है। अब तक सड़कों, सार्वजनिक स्थानों, राजमार्ग पर सफाई कार्य में लगे कर्मियों तथा आम लोगों को कूड़ा जलाते हुए नहीं पकड़ा गया है। पराली जलाने वालों पर तो जुर्माना भी वसूला जा रहा है और मुकदमे भी दर्ज हो रहे हैं, लेकिन जो लोग सड़कों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुबह व शाम कूड़ा जलाते हैं, उन पर न तो जुर्माना वसूला गया है और न ही मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सड़कों पर जल रहे कूड़े से होने वाले प्रदूषण को देख अब आम लोग भी सवाल करने लगे हैं। लगातार जलाए जा रहे कूड़े से प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। हालांकि, रविवार को दोपहर बाद हुई बारिश के बाद प्रदूषण का स्तर तो नहीं बढ़ा पर जहां कूड़ा जलाया गया, वहां उठने वाले धुएं के कारण आसपास से निकलना मुश्किल हो गया।
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पराली जलाने पर 21 लोगों की हुई पहचान
कृषि विभाग के अनुसार, सैटेलाइट द्वारा अब तक पलवल जिले में 21 जगहों पर खेतों में पराली जलाने की पहचान की जा चुकी है। जिस पर कृषि विभाग द्वारा जुर्माना भी लगाया जा चुका है। इससे पहले कृषि विभाग पिछले साल पराली जलाने वाले किसानों से लाखों रुपये जुर्माना वसूलने के साथ-साथ मुकदमे भी दर्ज करा चुका है।
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इन जगहों पर रविवार को जलता मिला कूड़ा
रविवार को पलवल में ही राजमार्ग पर टोल बैरियर के निकट खटैला सराय गांव के पास कूड़ा जलता दिखाई दिया। वहीं अनाज मंडी से ही लगती सब्जी मंडी में भी सुबह तड़के कूड़ा जलता नजर आया। इसके अलावा मीनार गेट के पास तथा ओमेक्स सिटी के पास भी कूड़ा जलता देखा गया। लेकिन, कमाल की बात यह है कि यह जलता कूड़ा न तो प्रशासन को दिखाई दिया और न ही प्रदूषण विभाग को। इतना ही नहीं यह जलता कूड़ा सैटेलाइट में भी कैद नहीं हुआ, जो प्रतिदिन किसानों को खेतों में पराली जलाते हुए पकड़ रही है। जहां यह कूड़ा जलता देखा गया, वहां आसपास से भी लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि, दोपहर बाद बारिश होने पर लोगों ने कूड़े जलाने से निकलने वाले धुएं से थोड़ी राहत पाई।
सरकार और प्रशासन केवल किसानों को तंग कर रहे हैं। किसानों द्वारा पराली जलाना तो सैटेलाइट को दिखाई दे जाता है, लेकिन जो सफाई कर्मी खुद कूड़ा सड़कों पर जलाकर प्रदूषण फैला रहे हैं, वे दिखाई नहीं देते। पलवल में तो कई बार उपायुक्त निवास के पास ही कूड़ा जलता रहता है, लेकिन वह किसी को दिखाई नहीं देता।
- देवेंद्र तेवतिया, निवासी जनौली व इनेलो नेता
सरकार ने केवल किसानों को निशाना बनाया हुआ है। किसान इतनी पराली नहीं जलाते, जितने सरकारी विभागों में कार्यरत सफाई कर्मी कूड़ा जला रहे हैं। जुर्माना लगाने के बजाय किसानों को गांवों में जाकर जागरूक करें। जुर्माना लगाना है तो उन अधिकारियों पर लगाया जाए, जिनके घरों के बाहर कूड़ा जलता रहता है।
- महेंद्र चौहान, किसान नेता
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जिले में कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी नगर परिषद अधिकारियों के साथ-साथ सभी एसडीएम को ऐसे लोगों की पहचान करने के निर्देश दे दिए हैं।
- कृष्ण कुमार, उपायुक्त पलवल