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Palwal News: डीडीपीओ ने जांच के बाद सरपंच को दोषी ठहराया, कार्रवाई की मांग
Sat, 02 Aug 2025 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Sat, 02 Aug 2025 11:20 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी डीडीपीओ उपमा अरोड़ा ने गांव पहाड़ी में नियमों का उल्लंघन कर विकास कार्य कराने के लिए सरपंच प्रियंका को दोषी ठहराया है। डीडीपीओ ने जिला उपायुक्त को भेजी गई लिखित जांच रिपोर्ट में कहा है कि सरपंच ने बिना अनुमति के झेरे वाली जोहड़ से मिट्टी खुदवाकर शोभानकी नामक जोहड़ में डलवा दी। ये जोहड़ राजस्व रिकॉर्ड में गैर मुमकिन जोहड़ के रूप में दर्ज है।
ग्राम पंचायत ने उक्त जोहड़ को वर्ष 2017 में पट्टे पर आठ साल छोड़ा था। गैर मुमकिन जोहड़ की भूमि पर रास्ता निर्माण कराकर सरपंच ने ग्राम पंचायत को वित्तीय हानि पहुंचाई है। सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग किया है। डीडीपीओ उपमा अरोड़ा ने गांव के लोगों के बयान दर्ज कर जांच करके सरपंच को दोषी ठहराया है। स्वयं सरपंच प्रियंका ने बयानों में स्वीकार किया है कि उनकी जानकारी में उक्त जोहड़ गैर मुमकिन है यह नहीं था। डीडीपीओ की रिपोर्ट के बाद अब सरपंच प्रियंका के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा ने बताया कि लिखित जांच रिपोर्ट जिला उपायुक्त को भेज दी गई है। गांव पहाड़ी निवासी मानसिंह ने जिला उपायुक्त हरीश कुमार वशिष्ठ को लिखित शिकायत देकर सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जिला उपायुक्त ने कार्रवाई नहीं की तो वे उच्च न्यायालय में याचिका डालकर कार्रवाई की मांग करेंगें। सरपंच प्रियंका का कहना है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है। जो कार्य हुए वे टेंडरिंग के माध्यम से हुए हैं।
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हथीन। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी डीडीपीओ उपमा अरोड़ा ने गांव पहाड़ी में नियमों का उल्लंघन कर विकास कार्य कराने के लिए सरपंच प्रियंका को दोषी ठहराया है। डीडीपीओ ने जिला उपायुक्त को भेजी गई लिखित जांच रिपोर्ट में कहा है कि सरपंच ने बिना अनुमति के झेरे वाली जोहड़ से मिट्टी खुदवाकर शोभानकी नामक जोहड़ में डलवा दी। ये जोहड़ राजस्व रिकॉर्ड में गैर मुमकिन जोहड़ के रूप में दर्ज है।
ग्राम पंचायत ने उक्त जोहड़ को वर्ष 2017 में पट्टे पर आठ साल छोड़ा था। गैर मुमकिन जोहड़ की भूमि पर रास्ता निर्माण कराकर सरपंच ने ग्राम पंचायत को वित्तीय हानि पहुंचाई है। सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग किया है। डीडीपीओ उपमा अरोड़ा ने गांव के लोगों के बयान दर्ज कर जांच करके सरपंच को दोषी ठहराया है। स्वयं सरपंच प्रियंका ने बयानों में स्वीकार किया है कि उनकी जानकारी में उक्त जोहड़ गैर मुमकिन है यह नहीं था। डीडीपीओ की रिपोर्ट के बाद अब सरपंच प्रियंका के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी उपमा अरोड़ा ने बताया कि लिखित जांच रिपोर्ट जिला उपायुक्त को भेज दी गई है। गांव पहाड़ी निवासी मानसिंह ने जिला उपायुक्त हरीश कुमार वशिष्ठ को लिखित शिकायत देकर सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जिला उपायुक्त ने कार्रवाई नहीं की तो वे उच्च न्यायालय में याचिका डालकर कार्रवाई की मांग करेंगें। सरपंच प्रियंका का कहना है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है। जो कार्य हुए वे टेंडरिंग के माध्यम से हुए हैं।
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