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नृत्य कर धूमधाम से मनाया लोहड़ी पर्व
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पलवल। जिला के अंदर बृहस्पतिवार को उमंग और उत्साह का पर्व लोहड़ी धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने एक-दूसरे को रेवड़ी व मूंगफली वितरित कर लोहड़ी पर्व की शुभकामनाएं दी। शाम के समय पंजाबी बाहुल्य क्षेत्रों में लोगों ने ढोल मंगवाकर जमकर नृत्य किया। महिलाओं व पुरुषों ने आग जलाकर चारों ओर नृत्य किया। इस अवसर पर लोहड़ी पर्व आए जाने वाले सुंदरिये-मुंदरिये के गीत भी गाए। देहात महिला मकर संक्रांति पर्व को लेकर अपने मायके के लिए रवाना हुई।
दरअसल, लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी को पौष महीने की आखिरी रात को मनाया जाता है। इसके अगले दिन माघ महीने की संक्रांति को मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। ब्रज क्षेत्र में मकर संक्रांति पर्व का खास महत्व है। इसे रूठों को मनाने का पर्व कहा जाता है। इसके महिलाएं अपने मायके जाती हैं। बृहस्पतिवार को लोहड़ी के त्यौहार का असली नजारा शहर में देखने को मिला। जहां पर महिलाओं और पुरुषों द्वारा लोहड़ी की पवित्र अग्नि के ईर्दगिर्द लोक नृत्य कर त्यौहार की खुशी प्रकट की गई। लोहड़ी के दिन त्यौहार का उत्साह बढ़ाने के लिए लड़के-लड़कियां अपनी-अपनी टोलियां बना कर घर-घर जा कर लोहड़ी के गाने गाते हुए लोहड़ी मांगते नजर आए। इस त्यौहार का महत्व उन लोगों के लिए और बढ़ गया जिनके परिवार में नए बच्चें का जन्म हुआ हो या फिर किसी की नई शादी हुई हो। ऐसे घरों में लोहड़ी के जश्न को काफी उत्साह के साथ मनाया गया। वहीं गुरुद्वारों में भी भक्तों की भीड़ देखी गई।
जवाहर नगर कैंप निवासी साक्षी गुलाटी ने बताया कि यह घर में नए मेहमान के स्वागत का पर्व ही नहीं बल्कि यह जीवन में खुशियां बिखरने वाला त्यौहार है। ऐसा माना जाता है कि लोहड़ी का त्यौहार जीवन में खुशहाली का संदेश लेकर आता है।
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बाजारों में रौनक रही
लोहड़ी व मकर संक्रांति पर्व को लेकर बाजारों में रौनक दिखाई दी। पूरा दिन बाजार में लोग खरीदारी करते नजर आए। लोहड़ी के लिए मूंगफली, रेवड़ी व गज्जक की जमकर बिक्री हुई। इसके अलावा मकर सक्रांति पर बनने वाले पकवानों के लेकर लोगों ने खरीदारी की।
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दरअसल, लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी को पौष महीने की आखिरी रात को मनाया जाता है। इसके अगले दिन माघ महीने की संक्रांति को मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। ब्रज क्षेत्र में मकर संक्रांति पर्व का खास महत्व है। इसे रूठों को मनाने का पर्व कहा जाता है। इसके महिलाएं अपने मायके जाती हैं। बृहस्पतिवार को लोहड़ी के त्यौहार का असली नजारा शहर में देखने को मिला। जहां पर महिलाओं और पुरुषों द्वारा लोहड़ी की पवित्र अग्नि के ईर्दगिर्द लोक नृत्य कर त्यौहार की खुशी प्रकट की गई। लोहड़ी के दिन त्यौहार का उत्साह बढ़ाने के लिए लड़के-लड़कियां अपनी-अपनी टोलियां बना कर घर-घर जा कर लोहड़ी के गाने गाते हुए लोहड़ी मांगते नजर आए। इस त्यौहार का महत्व उन लोगों के लिए और बढ़ गया जिनके परिवार में नए बच्चें का जन्म हुआ हो या फिर किसी की नई शादी हुई हो। ऐसे घरों में लोहड़ी के जश्न को काफी उत्साह के साथ मनाया गया। वहीं गुरुद्वारों में भी भक्तों की भीड़ देखी गई।
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जवाहर नगर कैंप निवासी साक्षी गुलाटी ने बताया कि यह घर में नए मेहमान के स्वागत का पर्व ही नहीं बल्कि यह जीवन में खुशियां बिखरने वाला त्यौहार है। ऐसा माना जाता है कि लोहड़ी का त्यौहार जीवन में खुशहाली का संदेश लेकर आता है।
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बाजारों में रौनक रही
लोहड़ी व मकर संक्रांति पर्व को लेकर बाजारों में रौनक दिखाई दी। पूरा दिन बाजार में लोग खरीदारी करते नजर आए। लोहड़ी के लिए मूंगफली, रेवड़ी व गज्जक की जमकर बिक्री हुई। इसके अलावा मकर सक्रांति पर बनने वाले पकवानों के लेकर लोगों ने खरीदारी की।